गुजरात सरकार ने RTE के लिए इनकम लिमिट बढ़ाई, अब कितनी सालाना आय वालों को फायदा
गुजरात सरकार ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेश के लिए आय की सीमा बढ़ा दी है। साथ ही आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि 16 मार्च से बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दिया गया है।

गुजरात सरकार ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेश के लिए आय सीमा बढ़ा दी है। साथ ही आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि 16 मार्च से बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दिया गया है। इस अधिनियम के तहत गैर-सहायता प्राप्त निजी प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 1 में 25 प्रतिशत सीटों पर कमजोर और वंचित समूहों के बच्चों को मुफ्त प्रवेश दिया जाता है।
गुजरात सरकार ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लाभार्थियों के लिए शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेश के लिए आय सीमा बढ़ाकर 6 लाख रुपये प्रति वर्ष कर दी है। इस योजना के तहत, राज्य सरकार शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत गैर-सहायता प्राप्त निजी प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 1 में 25 प्रतिशत सीटों पर कमजोर और वंचित समूहों के बच्चों को मुफ्त प्रवेश प्रदान करती है।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि पहले आरटीई प्रवेश के लिए आय सीमा ग्रामीण क्षेत्रों में 1.20 लाख रुपये और शहरी क्षेत्रों में 1.50 लाख रुपये प्रति वर्ष थी। अब मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अभिभावकों के लिए आय सीमा बढ़ाकर 6 लाख रुपये करने का फैसला किया है। आय स्लैब में बदलाव के साथ 1 जून को छह साल के होने वाले कमजोर और वंचित समूहों के पात्र बच्चों के प्रवेश के लिए आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन 16 मार्च से बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दिया गया है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि 1 जून 2025 को छह वर्ष पूरे करने वाले पात्र बच्चों के अभिभावक 15 अप्रैल 2025 तक आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, अन्य श्रेणियों के आवेदक और जो पहले आवेदन नहीं कर सके थे, साथ ही जिन आवेदकों के आवेदन इस साल जिला स्तर पर पहले से निर्धारित आय से अधिक आय के कारण खारिज कर दिए गए थे, वे भी फिर से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। शिक्षा मंत्री प्रफुल पनशेरिया ने कहा कि जिला स्तर पर आय सीमा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद आवेदन को मंजूरी देने या खारिज करने की प्रक्रिया 16 अप्रैल तक पूरी करनी होगी।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
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