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गुजरात की स्कूल में मुस्लिम लड़कियों को दिया आतंकी का रोल, नाटक पर मचा बवाल

गुजरात की स्कूल में मुस्लिम लड़कियों को दिया आतंकी का रोल, नाटक पर मचा बवाल

संक्षेप: भावनगर नगर निगम के शिक्षा विभाग के प्रशासनिक अधिकारी, मुंजलकुमार बी. बदमालिया ने कहा कि 15 अगस्त को नगर निगम द्वारा संचालित एक स्कूल में एक नाटक का मंचन किया गया था, जिसमें 'ऑपरेशन सिंदूर' को दर्शाया गया था। इस नाटक में बुर्का पहने लड़कियों को आतंकवादियों के रूप में दिखाया गया था

Wed, 20 Aug 2025 03:32 PMUtkarsh Gaharwar लाइव हिन्दुस्तान, भावनगर
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गुजरात के भावनगर की एक नगर निगम की ओर से संचालित स्कूल में बवाल मच गया। यहां बीते 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर हुए एक नाटक ने विवाद खड़ा कर दिया है। आरोप है कि आतंकवाद के विषय पर हो रहे इस नाटक में बुर्का पहनी छात्राओं को आतंकवादियों के रूप में दिखाया गया। विवाद बढ़ता देख नगर निगम के अधिकारी ने इसपर कहा कि यह जानबूझकर नहीं किया गया है,लेकिन जांच होने पर हम सहयोग करेंगे।

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भावनगर नगर निगम के शिक्षा विभाग के प्रशासनिक अधिकारी, मुंजलकुमार बी. बदमालिया ने कहा कि 15 अगस्त को नगर निगम द्वारा संचालित एक स्कूल में एक नाटक का मंचन किया गया था, जिसमें 'ऑपरेशन सिंदूर' को दर्शाया गया था। इस नाटक में बुर्का पहने लड़कियों को आतंकवादियों के रूप में दिखाया गया था। इसके बाद, हमें एक शिकायत मिली कि इस नाटक से वहां के मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है। यह जानबूझकर नहीं किया गया था। यदि कोई जांच होती है, तो हम सहयोग करेंगे।"

नाटक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे बुर्का पहने आतंकवादियों के चित्रण को लेकर आलोचना और चिंताएं पैदा हो गई हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि यह सांप्रदायिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है।स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दवे ने जवाब दिया कि नाटक पहलगाम आतंकवादी हमले और 'ऑपरेशन सिंदूर' की थीम पर आधारित था। उन्होंने बताया कि यह नाटक स्कूल के कन्या विद्यालय की छात्राओं की ओर से किया गया था।

दवे ने समझाया कि नाटक में कुछ छात्राओं ने आतंकवादियों, कुछ ने सैनिकों और कुछ ने पीड़ित महिलाओं की भूमिका निभाई। जिन्हें आतंकवादी का अभिनय करने के लिए कहा गया था, उन्हें काले कपड़े पहनने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, उन्होंने बुर्का पहनना चुना। हमारा इरादा कभी भी किसी समुदाय या समूह की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। इसका उद्देश्य छात्रों के बीच स्वतंत्रता दिवस और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान बढ़ाना था।

Utkarsh Gaharwar

लेखक के बारे में

Utkarsh Gaharwar
एमिटी और बेनेट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता के गुर सीखने के बाद अमर उजाला से करियर की शुरुआत हुई। अमर उजाला में बतौर एंकर सेवाएं देने के बाद 3 साल नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम किया। वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हूं। एंकरिंग और लेखन के अलावा मिमिक्री और थोड़ा बहुत गायन भी कर लेता हूं। और पढ़ें

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