गुजरात में जन विश्वास बिल पास, विश्वास आधारित शासन है मकसद; कांग्रेस-AAP हमलावर

गुजरात में जन विश्वास बिल पास, विश्वास आधारित शासन है मकसद; कांग्रेस-AAP हमलावर

संक्षेप:

गुजरात सरकार ने मंगलवार को सूबे में व्यापार करना आसान बनाने और आम लोगों की शासन पर भरोसा बढ़ाने के लिए विधानसभा से महत्वपूर्ण विधेयक को पास करा लिया। चर्चित 'जन विश्वास विधेयक' का मकसद राज्य में विश्वास-आधारित शासन को बढ़ाना है। 

Sep 10, 2025 12:32 am ISTKrishna Bihari Singh पीटीआई, गांधीनगर
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गुजरात विधानसभा में मंगलवार को चर्चित 'जन विश्वास विधेयक' पास हो गया। सरकार का कहना है कि यह विधेयक लोगों के विश्वास को बढ़ाने और गुजरात में व्यापार करना आसान बनाने के लिए लाया गया है। इस विधेयक का मकसद राज्य में विश्वास-आधारित शासन और व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए 11 मौजूदा कानूनों में कुछ छोटी गलतियों या भूलों को अपराधमुक्त करना है। इसमें छोटी-मोटी भूल चूक को क्राइम की श्रेणी से हटाकर आरोपियों पर महज जुर्माना लगाने का प्रावधान हैं। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस विधेयक का विरोध किया है।

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उद्योग मंत्री बलवंतसिंह राजपूत ने कहा कि किसी भी देश में विकास के लिए स्थिर नीतियां और अच्छा व्यावसायिक माहौल बहुत ही महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार के छह विभागों के 11 कानूनों-नियमों के अंतर्गत लगभग 516 प्रावधानों को अपराधमुक्त करना इस विधेयक का उद्देश्य है।उद्योग मंत्री ने कहा कि इस विधेयक में कानूनों एवं नियमों में सुझाए गए सुधारों में छोटी भूलों के लिए जहां तक संभव हो, कैद की सजा का प्रावधान हटा दिया गया है।

बताया जाता है कि विधानसभा में बहस के बाद गुजरात जन विश्वास विधेयक को बहुमत से पास कर दिया गया। कांग्रेस और AAP ने इसका समर्थन नहीं किया। कांग्रेस ने कहा कि सरकार जिन 11 कानूनों में बदलाव करना चाहती है, उनके लिए अलग-अलग बिल लाए जाने चाहिए। वहीं आप विधायक गोपाल इटालिया ने आरोप लगाया कि यह बिल आम आदमी के लिए नहीं वरन अपराधियों के लिए है। विधेयक को समीक्षा के लिए एक समिति के पास भेजा जाना चाहिए।

उद्योग मंत्री बलवंतसिंह राजपूत ने कहा कि हम नियमों और विनियमों को सरल बनाना चाहते हैं, व्यापार में आसानी को बढ़ावा देना चाहते हैं, अदालतों पर बोझ कम करना चाहते हैं और मौजूदा प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाना चाहते हैं। यह विधेयक संसद की ओर से पूर्व में पारित केंद्र के जन विश्वास विधेयक की तरह है। इसका मकसद नियमों और विनियमों को सरल बनाने के साथ-साथ अदालतों पर बोझ कम करना है।

Krishna Bihari Singh

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh
पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों से केबी उपनाम से पहचान रखने वाले कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह लोकमत, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। मूलरूप से यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में पत्रकारिता कर चुके हैं। लॉ और साइंस से ग्रेजुएट केबी ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमफिल किया है। वह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें

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