
गुजरात में कोर्ट ने कलेक्टर को सुनाई 5 साल की सजा, कार्यकाल में किया था जमीन घोटाला
अहमदाबाद की पीएमएलए स्पेशल कोर्ट ने कच्छ-भुज के पूर्व कलेक्टर प्रदीप निरंकारनाथ शर्मा को 5 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने निरंकारनाथ पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
गुजरात के अहमदाबाद की पीएमएलए स्पेशल कोर्ट ने कच्छ के पूर्व कलेक्टर प्रदीप निरंकारनाथ शर्मा को 5 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने निरंकारनाथ पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने यह सजा उनके कार्यकाल के दौरान जमीन अलॉटमेंट घोटाले में शामिल होने के लिए दोषी ठहराया है। कोर्ट ने भ्रष्टाचार कर कमाई गई संपत्ति को भी जब्त कर सरकार को देने का निर्देश दिया है।
मामला 2003 से 2006 के बीच का है। इस दौरान प्रदीप निरंकारनाथ शर्मा अहमदाबाद में डिस्ट्रिक्ट लैंड प्राइसिंग कमेटी (DLCP) के हेड थे। ईडी के अनुसार, शर्मा ने अपने सरकारी पद का गलत इस्तेमाल किया था। पद का गलत इस्तेमाल करते हुए शर्मा ने अंजाल तालुका के वर्षमेड़ी गांव में सरकारी जमीन वेलस्पन इंडिया लिमिटेड और उसकी ग्रुप कंपनियों को कम रेट पर मंजूर किया था। कम पैसों में जमीन देने के कारण सरकारी खजाने को नुकसान हुआ था। इससे शर्मा ने 1.2 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की थी।
राज्य की जांच एजेंसियों द्वारा अलॉटमेंट प्रक्रिया की प्रॉसेस में गड़बड़ियों का पता चलने के बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान भ्रष्टाचार कर कमाए गए पैसों से खरीदी गई प्रॉपर्टी को अटैच कर दिया था। अपने फैसले में कोर्ट ने पीएमएलए की धारा 8(5) के तहत केंद्र सरकार के पक्ष में इसन प्रॉपर्टीज को अटैच की गई संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच और ट्रायल के दौरान शर्मा द्वारा पहले ही काटी गई कस्टडी की अवधि पर भी विचार किया जाएगा और उसे सजा में एडजस्ट किया जाएा। इसके अलावा कोर्ट ने निर्देश दिया कि अपील की अवधि खत्म होने के बाद बिना कीमत वाली वस्तुओं को नष्ट कर दिया जाएगा। जबकि कीमती चीजों को कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए सरकार के पास जमाकर दिया जाएगा।

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