
पहले शादी, फिर तलाक; UK जाने के लिए गुजराती महिला के किए फर्जीवाड़े का खुलासा, यूं हुआ भंडाफोड़
पुलिस ने बताया कि रिजवान और तस्लीमा ने बाद में अपने अलग होने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए यूके में जाली तलाक के ऑर्डर को असली कोर्ट दस्तावेज के तौर पर पेश किया। उस समय, तस्लीमा अपने भाई फैजल की मदद से वहां रह रही थी।
गुजरात की भरूच जिला पुलिस ने एक स्थानीय महिला को फर्जी निकाहमाने के जरिए यूके भेजने के मामले का खुलासा करते हुए इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस पूरे मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब रिकॉर्ड में महिला के पति के तौर पर दिखाए गए शख्स ने कथित तौर पर पैसे के लेन-देन को लेकर हुए विवाद के बाद इस बारे में पुलिस से शिकायत कर दी। दरअसल यूके में रहने वाले इसी शख्स ने एक महिला को जाली मैरिज सर्टिफिकेट के जरिए अपनी पत्नी बताया और डिपेंडेंट वीजा पर उसे यूनाइटेड किंगडम में एंट्री दिलाने में मदद की थी।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार इस बारे में भरूच जिले के वालन गांव के रहने वाले रिजवान मेडा ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन दिनों यूके में रहने वाले रिजवान ने पिछले साल अक्तूबर में जिला पुलिस से सम्पर्क करते हुए इस बारे में बताया था। रिजवान ने बताया कि उन्होंने यह काम अपने दोस्त मिन्हाज याकूब उघरधर को दी गई पावर ऑफ अथॉरिटी के जरिए किया था।
पुलिस ने बताया कि रिजवान ने इस बारे में इसलिए शिकायत दर्ज करवाई, क्योंकि महिला के परिवार को उन्हें जो रकम देनी थी, उसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया था। इस बीच जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रिजवान और अन्य लोगों ने इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के लिए जाली शादी के सर्टिफिकेट (निकाहनामा) और एक फर्जी कोर्ट तलाक के आदेश के साथ मिलकर इस पूरी धोखाधड़ी को अंजाम दिया था।
पुलिस ने बताया कि रिजवान ने इस पूरे फर्जीवाड़े को फरवरी 2024 में जाली शादी रजिस्ट्रेशन दस्तावेज का इस्तेमाल करते हुए अंजाम दिया। इस दौरान इस सर्टिफिकेट में जंबूसर की रहने वाली तस्लीमा बानू करभारी को उनकी पत्नी बताया गया। इसी सर्टिफिकेट के आधार पर रिजवान ने शोएब दाऊद नाम के एक एजेंट के जरिए तस्लीमा के लिए यूके वीजा के लिए अप्लाई करने की प्रक्रिया शुरू की। जिसके बाद उसी फर्जी निकाहनामा के आधार पर तस्लीमा को वीजा भी मिल गया और योजना के अनुसार वह यूके चली भी गई।
हालांकि महिला के ब्रिटेन पहुंचने के बाद रिजवान का मन बदल गया और उसने सच में महिला से शादी करने की इच्छा जताई। हालांकि महिला और उसका परिवार इसके लिए तैयार नहीं हुआ। साथ ही इस फर्जीवाड़े के बदले दिए जाने वाले पैसों को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला के परिवार ने वीजा प्रक्रिया पूरी होने और फर्जी तलाक का आदेश दिलाने के बदले रिजवान को 3.5 लाख रुपए देने की बात कही थी। हालांकि, क्योंकि पैसों का विवाद हल नहीं हुआ था, इसलिए रिजवान ने भरूच पुलिस से संपर्क करते हुए पूरे फर्जीवाड़े के बारे में बता दिया।
इसी बीच तस्लीमा के भाई फैजल ने भी रिजवान से बहन का पीछा छुड़ाने के लिए कंथारिया के एक वकील साजिद कोठिया से संपर्क करते हुए भरूच कोर्ट से एक जाली तलाक का ऑर्डर ले लिया। पुलिस के अनुसार, इस दस्तावेज़ का मकसद यह दिखाना था कि रिजवान और तस्लीमा कानूनी तौर पर अलग हो गए हैं, जिससे यूके में उसकी आश्रित की स्थिति खत्म हो जाए।
पुलिस ने बताया कि रिजवान और तस्लीमा ने बाद में अपने अलग होने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए यूके में जाली तलाक के ऑर्डर को असली कोर्ट दस्तावेज के तौर पर पेश किया। उस समय, तस्लीमा अपने भाई फैजल की मदद से वहां रह रही थी, जो खुद भी ब्रिटेन में रहता है।
पुलिस ने अब रिजवान, तस्लीमा, उसके भाई फैजल और उनके वकील पर भारतीय दंड संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही पुलिस ने रिजवान और करभारी भाई-बहनों के खिलाफ दर्ज मामले के बारे में ब्रिटिश हाई कमीशन और दूतावास को औपचारिक रूप से सूचित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जो फिलहाल यूके में हैं।

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Sourabh Jainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




