प्री-लॉन्च कीमत का झांसा देकर फंसाया, ED ने जब्त की लोगों को ठगने वाले बिल्डर की 130 करोड़ रुपए की संपत्ति
ईडी के अनुसार आरोपियों ने छरोडी स्कीम में लगभग 250 खरीदारों/निवेशकों से पैसे इकट्ठा कर लिए थे, जबकि अक्षर अनंत स्कीम में 44 से ज्यादा खरीदारों/निवेशकों से पैसे लिए गए थे, लेकिन किए गए वादे के मुताबिक तय समय पर फ्लेट और दुकानें नहीं दी गईं।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अहमदाबाद जोनल ऑफिस ने घर खरीदारों और निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में अहमदाबाद में 129.80 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। ईडी ने इस कार्रवाई को रौनक रावजीभाई सोनानी, विपुलभाई गोर्धनभाई गंगानी, M/s केशव नारायण ग्रुप और अन्य लोगों के खिलाफ PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002) के तहत 14 अगस्त को अंजाम दिया। आरोपियों ने अहमदाबाद में घर खरीदारों और निवेशकों को घर व दुकानें बेचने के नाम पर उनसे पैसे लिए थे और फिर रकम डकार गए थे।
इस कार्रवाई को अंजाम देते हुए ED ने शहर के छरोडी में 6,603.332 वर्ग मीटर, शेला में 7,284 वर्ग मीटर और कडी तालुका के जेसांगपुरा और अगोल में 30,798 वर्ग मीटर जमीन को अपराध से हुई कमाई से जुड़ा मानकर अस्थायी रूप से जब्त (अटैच) कर लिया है। जब्त की गई संपत्तियों की कुल कीमत 129.80 करोड़ रुपए है। ईडी ने बताया कि यह जब्ती इन संपत्तियों की आगे बिक्री, ट्रांसफर या छिपाने से रोकने के लिए की गई है।
सोची-समझी साजिश के तहत किए झूठे वादे
ईडी की जांच में पता चला कि आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत झूठे वादों से खरीदारों को लुभाया, फ्लेट व दुकानें बेचने के नाम पर उनसे पैसे इकट्ठा किए, फंड को दूसरी जगह डायवर्ट किया और फिर उन फंड्स से खरीदी गई संपत्तियों को छिपाने की कोशिश की।
प्री-लॉन्च कीमत का झांसा देकर लोगों को फंसाया
ईडी के अनुसार आरोपियों ने अपनी फर्जी रियल एस्टेट योजनाओं को असली प्रोजेक्ट के तौर पर पेश किया और फ्लेट बेचने के नाम पर आम घर खरीदारों, छोटे निवेशकों, व्यापारियों और मध्यम वर्गीय परिवारों को आकर्षक प्री-लॉन्च कीमतों पर फ्लैट और दुकानें देने का ऑफर दिया। साथ ही इसमें निवेश करने वालों को उन्होंने 54% से 100% तक पक्का रिटर्न मिलने के सपने भी दिखाए।
प्रोजेक्ट के लिए नहीं ली गई थी जरूरी मंजूरियां
ED ने बताया कि आरोपी जिन प्रोजेक्ट्स में लोगों को आशियाना बेचने की बात कह रहे थे, उनके लिए उन्होंने जरूरी मंजूरियां जैसे N.A. (नॉन-एग्रीकल्चरल) परमिशन और RERA रजिस्ट्रेशन नहीं ली थी। ईडी के अनुसार आरोपियों ने छरोडी स्कीम में लगभग 250 खरीदारों/निवेशकों से पैसे इकट्ठा कर लिए थे, जबकि अक्षर अनंत स्कीम में 44 से ज्यादा खरीदारों/निवेशकों से पैसे लिए गए थे, लेकिन किए गए वादे के मुताबिक तय समय पर फ्लेट और दुकानें नहीं दी गईं और ना ही इसके लिए खरीदारों से लिए गए पैसे भी वापस नहीं किए गए।
बुकिंग के बाद दूसरों को बेच दीं जमीनें
जांच में मिली जानकारी के मुताबिक छरोडी प्रोजेक्ट में खरीदारों को बताया गया कि RERA रजिस्ट्रेशन और N.A. परमिशन की प्रक्रिया चल रही है। बाद में, प्रोजेक्ट के लिए तय जमीन केवल महेंद्रभाई पटेल, आशीष विष्णुभाई पटेल और अन्य को बेच या ट्रांसफर कर दी गई, जिससे खरीदार मझधार में रह गए।
इसके अलावा शेला के 'अक्षर-अनंत प्रोजेक्ट' में भी प्रोजेक्ट को असली दिखाने के लिए MoU और इसी तरह के दस्तावेज जारी किए गए थे। इसके बाद, प्रोजेक्ट बंद कर दिया गया और जमीन पुरावा रमेशचंद्र पटेल, दीपराजवीरसिंह विक्रमसिंह झाला, महेंद्रसिंह प्रद्युमनसिंह चुडास्मा और अन्य लोगों के नाम ट्रांसफर कर दी गई।
बिना असली पेमेंट, अन्य तरीकों से ट्रांसफर की जमीनें
जांच में पता चला कि आरोपियों ने बिना असली पेमेंट किए, डमी सेल डीड के जरिए प्रॉपर्टीज को तीसरे पक्ष को ट्रांसफर कर दिया। ट्रांजैक्शन को कानूनी दिखाने के लिए रजिस्टर्ड डॉक्यूमेंट्स में नकली पेमेंट की जानकारी दिखाई गई थी।
लेखक के बारे में
Sourabh Jainसौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।
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इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।
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