'बेटे की जगह 70 साल की महिला के DNA सैंपल सौंपे'; एयर इंडिया प्लेन क्रैश मारे गए ब्रिटिश युवक की मां का दावा
गुजरात के अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया के विमान हादसे को अब एक साल हो गया है। इसके बाद भी अब तक कई लोग अपने प्रियजनों के जाने के गम को भुला नहीं पाए हैं। उस दर्दनाक हादसे में कुल 260 लोगों की मौत हुई थी।

गुजरात के अहमदाबाद में पिछले साल 12 जून 2025 को हुए भीषण विमान हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले लोग अब तक उस गहरे और दर्दनाक सदमे से उबर नहीं पाए हैं। उस हादसे में जान गंवाने वाले 52 एक ब्रिटिश नागरिकों में से एक फियोंगल की 67 वर्षीय मां अमांडा डोनाघे के अपने बेटे को याद करते हुए आज भी आंसू छलक पड़ते हैं। अमांडा को बस एक ही अफसोस है कि उन्हें अब तक अपने बेटे के शव के अवशेष नहीं मिले हैं। पिछले साल DNA पहचान की प्रक्रिया के दौरान उनके बेटे फिन के अवशेष एक बुज़ुर्ग महिला के अवशेषों के साथ मिक्स हो गए थे।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस में रहने वाली अमांडा डोनाघे हादसे के एक साल बाद फिर भारत लौटी हैं। अमांडा ने बताया कि उन्हें दफनाने के लिए अपने बेटे फिन का करीब एक सेंटीमीटर चौकोर DNA सैंपल मिला था। उन्होंने कहा कि मैं आपको बता नहीं सकती कि यह कितना दुखद है। अमांडा ने कहा कि यह डीएनए सैंपल उसका काफी बड़ा टुकड़ा था। इससे साफ है कि उससे सैंपल लेने लायक काफी हिस्सा मौजूद था, तो उसका बाकी हिस्सा कहां था? उन्होंने किस चीज का टेस्ट किया? हमें वो कभी नहीं मिला।
भारतीय अधिकारियों ने भी मानी थी गड़बड़ी : अमांडा
विमान हादसे के 10 दिन बाद 22 जून को अमांडा डोनाघे यह मानकर वापस लौट गई थीं कि वह अपने बेटे के अवशेष साथ ला रही हैं। डीएनए मैचिंग के बाद उन्हें ये अवशेष सौंपे गए थे। आमांडा का दावा है कि घर लौटने पर डीएनए टेस्ट से उन्हें पता चला कि वो अवशेष फियोंगल के नहीं, बल्कि 70 साल की एक भारतीय महिला के थे, जिनकी पहचान बाद में वासुबेन नरेंद्रसिंह राज के तौर पर हुई थी। इसके बाद और टेस्ट किए गए। वेस्टमिंस्टर पब्लिक मॉर्चरी ने उनकी रिपोर्ट भारतीय अधिकारियों को भी भेजी, जिन्होंने गड़बड़ी की बात मानी। इसके कुछ ही समय बाद भारतीय अधिकारियों ने फियोंगल की डीएनए पहचान के लिए इस्तेमाल किया गया सैंपल वापस भेज दिया।
मैरिज एनिवर्सिरी मनाने भारत आए थे फियोंगल
39 साल के फियोंगल और उसके 45 साल के पति जेमी ग्रीनला-मीक उन 260 लोगों में शामिल थे, जिनकी अहमदाबाद के एयर इंडिया विमान हादसे में मौत हो गई थी। यूनाइटेड किंग्डम के साउथ कोस्ट पर रैम्सगेट में 'वेलनेस फाउंड्री' के फाउंडर फियोंगल और जेमी अपनी शादी की तीसरी एनिवर्सिरी मनाने के लिए 10 दिन की यात्रा पर भारत आए थे। वो पहले भी कई बार भारत आ चुके थे। अमांडा डोनाघे कहती हैं कि वो खुद को शुद्ध करने के लिए अक्सर भारत आते थे और यहां आश्रमों, अनाथालय और ऐतिहासिक स्थलों पर जाते थे, जो उनके आध्यात्मिक मार्गदर्शक बनने की प्रक्रिया का हिस्सा था।
बता दें कि, अमांडा ने भारत आकर उन्होंने 11 जून को साबरमती नदी के किनारे नारायण घाट पर 'हवन' किया और परिवार व दोस्तों के लिखे पत्र हवन कुंड में अर्पित किए। इसके अगले दिन उन्होंने हादसे वाली जगह पर जमा मलबे के ढेर उनकी राख बिखेर दी।
गलती पर क्या बोले गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया का कहना है कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी। शव के अवशेष सौंपने में हुई गड़बड़ी के कारणों पर उन्होंने कहा कि इतनी भीषण आपदा के मामलों में ऐसी संभावना हो सकती है, जहां तापमान कई हजार डिग्री तक पहुंच गया हो।
1000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था तापमान
पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का AI 171 बोइंग ड्रीमलाइनर विमान दोपहर 1.41 बजे अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद BJ मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल और मेस की इमारतों से टकराकर क्रैश हो गया था। इस क्रैश में विमान में सवार 241 यात्रियों और क्रू मेंबर्स समेत कुल 260 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में केवल एक यात्री जिंदा बचा था। हादसे के बाद बाद भीषण आग लगने से आसमान में घने काले धुएं का गुबार उठ गया था। विमान में बड़ी मात्रा में विमानन ईंधन होने के कारण तापमान लगभग 1,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
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Praveen Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


