
गुजरात के अंबाजी धाम से शुरू हुई 'जनजातीय गौरव यात्रा', जानिए क्या है इसका मकसद?
संक्षेप: मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए 'विकास भी, विरासत भी' के मंत्र को साकार करने वाली इस रथयात्रा के माध्यम से जनजातीय गौरव वर्ष के आयोजन को भव्य बनाने और भगवान बिरसा मुंडा द्वारा दिए गए नारे 'आपणो देश, आपणु राज' को साकार करने का भी आह्वान किया।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल ने शुक्रवार को आद्यशक्ति धाम अंबाजी से 'जनजातीय गौरव यात्रा' का शुभारंभ किया। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में हो रहे कार्यक्रमों के अंतर्गत यह यात्रा प्रदेश में दो स्थानों पर 7 से 13 नवंबर तक आयोजित होगी। यह यात्रा उमरगाम से एकतानगर और अंबाजी से एकतानगर तक जाएगी और इस दौरान इन दो मार्गों पर भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से जुड़ी कहानियां प्रस्तुत की जाएंगी। यह यात्रा 14 आदिवासी जिलों सहित राज्य के विभिन्न जिलों में जन जागृति तथा आदिजाति गौरव के संदेश को जन-जन तक प्रसारित करेगी।

यात्रा के दौरान जनजातीय गौरव रथ जिन-जिन गांवों में जाएगा, वहां लोगों द्वारा इसका स्वागत किया जाएगा और रात में विराम स्थलों पर भगवान बिरसा मुंडा के जीवन चरित्र पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा, तथा केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही आदिवासी कल्याण की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी गांव-गांव तक पहुंचाई जाएगी।
इतना ही नहीं रथयात्रा के माध्यम से उसके रूट पर स्थित गांवों में जनभागीदारी से स्वास्थ्य जांच शिविर, सेवा सेतु, सामूहिक स्वच्छता और सफाई सहित कई सेवा-उन्मुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा इस यात्रा के दौरान ऐसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे जिससे बच्चे, युवा तथा समाज के सभी वर्गों के लोग भगवान बिरसा मुंडा के जीवन चरित्र से परिचत हो सकें।
इसके साथ ही भगवान बिरसा मुंडा के राष्ट्र निर्माण के लिए दिए गए योगदान पर चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता, नाटक-भवाई तथा उनके जीवन पर आधारित व्याख्यान व फिल्म का प्रदर्शन भी राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा किया जाएगा। इस बारे में जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि गुजरात में 'जनजातीय गौरव वर्ष उत्सव' के हिस्से के रूप में 'जनजातीय गौरव यात्रा' का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे पीएम मोदी
बता दें कि 13 से 15 नवंबर तक प्रदेश के 14 आदिवासी जिलों के अलावा राज्य के अन्य 20 गैर-आदिवासी जिलों में भी जनजातीय गौरव वर्ष उत्सव के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जबकि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में जनजातीय गौरव दिवस का राष्ट्रीय स्तर का समारोह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरक उपस्थिति में 15 नवंबर को देवमोगरा माताजी की दिव्य उपस्थिति में डेडियापाड़ा में आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए 'विकास भी, विरासत भी' के मंत्र को साकार करने वाली इस रथयात्रा के माध्यम से जनजातीय गौरव वर्ष के आयोजन को भव्य बनाने और भगवान बिरसा मुंडा द्वारा दिए गए नारे 'आपणो देश, आपणु राज' को आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के निर्माण के माध्यम से मूर्त रूप देने का भी आह्वान किया है।
इस बारे में सोशल मीडिया पर की एक पोस्ट में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने लिखा, 'माननीय मोदी जी ने आदिवासी परिवारों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देते हुए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं। गुजरात में आदिवासियों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए उनके द्वारा शुरू की गई वनबंधु कल्याण योजना को राज्य सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपए के प्रावधान के साथ 2025 तक बढ़ा दिया है। माननीय प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत @ 2047' के विजन को साकार करने में आदिवासी समुदाय का उत्थान और योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। आइए #VocalForLocal के माध्यम से अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों को अपनाएँ और स्थानीय आदिवासी हस्तशिल्प, शिल्पकला, खान-पान को बढ़ावा देकर आदिवासी गौरव को उजागर करें।'

लेखक के बारे में
Sourabh Jainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




