एयर इंडिया हादसा: मृतक पायलट के भतीजे को AAIB का समन, FIP ने भेज दिया नोटिस
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनरके दुर्घटना मामले में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनरके दुर्घटना मामले में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। एफआईपी ने AAIB द्वारा कैप्टन वरुण आनंद को जारी किए गए समन पर आपत्ति जताते हुए एक कानूनी नोटिस जारी किया है। FIP का कहन है कि कैप्टन वरुण आनंद का उस दुर्भाग्यपूर्ण विमान, उसकी उड़ान योजना, संचालन या रखरखाव से कोई पेशेवर संबंध नहीं था। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि एयर इंडिया द्वारा दी गई सूचना में यह नहीं बताया गया है कि उन्हें किस कानून के तहत या किस कारण से बुलाया जा रहा है, जिससे इस जांच प्रक्रिया की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
FIP ने अपने नोटिस में इस बात पर जोर दिया है कि कैप्टन वरुण आनंद न तो दुर्घटना के समय वहां मौजूद थे और न ही उनके पास घटना से जुड़ी कोई तकनीकी या परिचालन संबंधी जानकारी है। संगठन ने इस बात को गंभीरता से उठाया है कि कैप्टन वरुण आनंद उस हादसे में जान गंवाने वाले पायलट के भतीजे हैं। नोटिस के अनुसार, बिना किसी ठोस कारण या तकनीकी संबंध के मृतक पायलट के रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों को समन जारी करना यह दर्शाता है कि यह कार्रवाई किसी कानूनी आवश्यकता के बजाय अनुचित दबाव बनाने की कोशिश हो सकती है। पायलट यूनियन ने इसे जांच के स्थापित नियमों का उल्लंघन बताते हुए उचित स्पष्टीकरण की मांग की है।
नोटिस में आगे कहा गया कि कैप्टन वरुण आनंद और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को तलब करना पूरी तरह से अधिकार क्षेत्र से बाहर है और नियमों के साथ-साथ आईसीएओ अनुलग्नक 13 के विपरीत है। इस नियम के अंतर्गत मृतक चालक दल के उन परिवार सदस्यों की जांच का प्रावधान नहीं है जिनका घटना से कोई तथ्यात्मक या तकनीकी संबंध नहीं है ।
नोटिस में आगे कहा गया, कैप्टन वरुण आनंद उक्त दुर्घटना के संबंध में न तो तथ्यात्मक गवाह हैं, न ही तकनीकी गवाह और न ही विशेषज्ञ गवाह। कैप्टन वरुण आनंद को तलब करने का एकमात्र आधार मृतक पायलट-इन-कमांड के साथ उनका पारिवारिक संबंध लग रहा है, जो कानूनन स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस तरह के आचरण से यह गंभीर आशंका उत्पन्न होती है कि जांच एक पूर्वकल्पित नजरिए पर आधारित है, जिसका मकसद मृतक विमान चालक दल को दोषी ठहराना या उन पर दोष मढ़ना है।
एफआईपी ने कहा कि पर्याप्त नोटिस दिए बिना कैप्टन वरुण आनंद को तलब करना अनुचित है और उत्पीड़न के बराबर है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि वे उपलब्ध सभी कानूनी अधिकारों और उपायों पर बिना किसी पूर्वाग्रह के वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रश्नों का उत्तर देने के लिए उपस्थित होंगे।
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Aditi Sharmaअदिति शर्मा
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