अहमदाबाद में एयर इंडिया के क्रैश हुए विमान ने उड़ने से पहले बता दिया था खतरा! सालभर बाद बड़ा दावा
Air India Crash Anniversary: अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान आज के ही दिन एक साल पहले क्रैश हुआ था। भयानक हादसे में विमान में सवार एक यात्री को छोड़कर बाकी भी 241 की मौत हो गई थी। फेडरेशन ऑफ पायलट्स के प्रमुख ने अब जांच को लेकर सवाल उठाए और नए दावे किए हैं।

Air India Crash Anniversary: 12 जून 2025 का वह मनहूस दिन... आज से ठीक एक साल पहले गुजरात के अहमदाबाद में एयर इंडिया का वह विमान 'AI171' क्रैश हो गया, जिसमें एक यात्री को छोड़कर बाकी सवार 241 लोगों की मौत हो गई। ना सिर्फ विमान के पायलट, क्रू मेंबर और यात्री मारे गए, बल्कि मेडिकल कॉलेज के कैंपस में विमान गिरने से जमीन पर मौजूद कई अन्य लोग भी काल के गाल में समा गए। विमान हादसे के सालभर बाद भी कई सवाल अब तक कायम हैं। हादसा क्यों और कैसे हुआ, गलती किसकी थी... इस तरह के अहम सवालों के ठोस जवाब नहीं मिले हैं। इस बीच फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईबी) ने जांच में बड़ी कमी का आरोप लगाया है। उन्होंने जांच की तकनीकी दिशा और एयरक्राफ्ट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) की पार्दशिता पर सवाल उठाए हैं। एफआईबी का दावा है कि क्रैश हुए विमान ने उड़ान से पहले 10 अलर्ट भेजे थे।
एफआईबी के प्रमुख कैप्टन सीएस रंधावा ने कहा कि बोइंग 787 ने क्रैश से पहले कम से कम 10 इनक्रिप्टेड (कोर्ड वर्ड में) हेल्थ मॉनिटरिंग कोड भेजे थे, जिन्हें नजरअंदाज किया गया। रंधावा ने शुरुआती जांच पर असंतोष जाहिर करते हुए कहा, 'जल्दबाजी में जांच को पायलट पर फोकस किया गया, इलेक्ट्रिक फेल्योर की संभावना पर नहीं।' क्रैश की बरसी की पूर्व संध्या पर अहमदाबाद में पत्रकारों से बातचीत में रंधावा ने कहा, 'एयरक्राफ्ट कम्युनिकेशन एड्रेसिंग एंड रिपोर्टिंग सिस्टम (एसीएआरएस) के संदेशों को शुरुआती रिपोर्ट से हटा दिया गया। विमान के उड़ान भरने से 15 मिनट पहले और यात्रा के दौरान कम से कम 10 विशेष कोड भेजे गए थे।'
बोइंग ही पढ़ सकता है संदेश
रंधावा ने बताया कि इन कोड को बोइंग की तरफ से डिकोड किया जा सकता है, एयर इंडिया भी इन्हें नहीं पढ़ सकता। उन्होंने बताया कि यह सिस्टम सैकड़ों पैरामीटर्स पर संदेश भेजता है, जिसमें दोनों इंजन की स्पीड, तेल के प्रेशर, हाइड्रोलिक प्रेशर आदि शामिल है। उन्होंने सवाल उठाया, 'इस डेटा को एएआईबी के साथ क्यों नहीं साझा किया गया। हमने मंत्रालय को लिखा है और मांग की है कि इन ट्रांसक्रिप्ट को तुरंत डिकोड किया जाए।'
दिल्ली से आए विमान में थी गड़बड़ी: रंधावा
रंधावा ने यह कहते हुए एएआईबी की आलोचना की कि हादसे में एकमात्र बचे शख्स से 10 महीने तक पूछताछ क्यों नहीं हुई। उन्होंने इस देरी के अलावा उन्होंने पायलट के 91 वर्षीय पिता को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया। रंधावा ने आरोप लगाया कि विमान ने AI 171 के रूप में उड़ान भरने से पहले टेक्निकल गड़बड़ी की सूचना दी थी। उन्होंने कहा कि यह विमान दिल्ली से AI 423 बनकर आया था और इसमें स्टेबलाइज संबंधित गड़बड़ी थी। इसके बाद कुछ मोटर बदले गए और इसे उड़ान के लिए हरी झंडी दे दी गई। रंधावा ने कहा, 'एकमात्र बचे यात्री ने देखा था कि टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान लाइट्स टिमटिमा रही थीं। यह इलेक्ट्रिक समस्या का स्पष्ट लक्षण है।'
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Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
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