
समुद्र में हिचकोले खाती नाव से भारत में घुसे 11 पाकिस्तानी, ICS ने धरा तो हुआ ये खुलासा
भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने बयान जारी कर कहा कि गिरफ्तारी के बाद नाव सहित सभी 11 लोगों को जाखौ पोर्ट लाया गया है। फिलहाल नाव की गहन तलाशी और गिरफ्तार लोगों से पूछताछ जारी है।
गुजरात के जाखौ तट से महज कुछ समुद्री मील दूर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भारतीय तटरक्षक बल ने अंधेरे में हिचकोले खाती एक संदिग्ध नाव को घेर लिया। नाव पर सवार 11 पाकिस्तानी नागरिकों गिरफ्तार कर लिया गया है। गुजरात स्थित रक्षा जनसंपर्क अधिकारी (PRO) ने बताया कि भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard ) ने बुधवार को जाखौ तट के पास भारतीय जलसीमा में बिना अनुमति घुसी एक नाव को पकड़ा। इस नाव में सवार 11 पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया गया। ये सभी लोग 'अल वली' नाम की पाकिस्तानी मछली पकड़ने वाली नाव पर सवार थे।
भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने बयान जारी कर कहा कि गिरफ्तारी के बाद नाव सहित सभी 11 लोगों को जाखौ पोर्ट लाया गया है। फिलहाल नाव की गहन तलाशी और गिरफ्तार लोगों से पूछताछ जारी है। आगे बताया कि यह कार्रवाई 10 दिसंबर को अंजाम दी गई, जब भारतीय विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के अंदर घुस आई इस पाकिस्तानी नाव को 11 क्रू मेंबर्स के साथ पकड़ा गया।
उन्होंने ये भी कहा कि यह कार्रवाई भारतीय तटरक्षक बल के सतत समुद्री गश्त और भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साथ ही यह मध्य समुद्री क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के कड़ाई से पालन को भी रेखांकित करती है। हमारे समुद्री क्षेत्र में निरंतर सतर्कता राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा है।
भारत-बांग्लादेश के बीच इसी हफ्ते आदान-प्रदान
बता दें कि इसी सप्ताह की शुरुआत में भारत और बांग्लादेश ने मछुआरों का समन्वित मानवीय प्रत्यावर्तन (Repatriation) सफलतापूर्वक पूरा किया था। दोनों देशों ने उन मछुआरों को वापस अपने देश भेज दिया जो अनजाने में मछली पकड़ते समय अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (IMBL) पार कर गए थे। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, हाल ही में कुछ भारतीय मछुआरे अनजाने में अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा पार कर बांग्लादेशी जलक्षेत्र में चले गए थे और बांग्लादेशी अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लिया था। ठीक उसी तरह कुछ बांग्लादेशी मछुआरे भी भारतीय जलक्षेत्र में आ गए थे और उन्हें भारतीय अधिकारियों ने पकड़ा था।
आगे बताया गया कि 9 दिसंबर 2025 को दोनों देशों ने आपसी सहमति से 47 भारतीय मछुआरों और 38 बांग्लादेशी मछुआरों को उनकी नावों सहित सुरक्षित स्वदेश वापस भेज दिया। इसी साल जनवरी 2025 में भी भारत सरकार ने 95 भारतीय मछुआरों की रिहाई में मदद की थी और बदले में 90 बांग्लादेशी मछुआरों को रिहा किया गया था।

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