How much Patidar community have been influential in Gujarat Election - गुजरात चुनाव: पाटीदारों का कितना बड़ा रहा असर और कैसे हार्दिक पर आकर टिक गई नजरें DA Image

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गुजरात चुनाव: पाटीदारों का कितना बड़ा रहा असर और कैसे हार्दिक पर आकर टिक गई नजरें

Patidar leader

गुजरात विधानसभा चुनाव की तस्वीर रुझानों में अब लगभग साफ हो चुकी है और 22 साल बाद यहां पर फिर से भारतीय जनता पार्टी वापस कर रही है। हालांकि, हालांकि, साफ हो चुकी है और यहां पर करीब 22 साल के बाद एक बार फिर से 22 साल के बाद हालांकि,हालांकि,हालांकि ये जीत इस बार भाजपा के लिए इतना आसान नहीं रही। हालांकि पूरे चुनाव पर नजर डालें तो सबसे खास बात ये है कि इस बार गुजरात के पाटीदारों के असर वाली 83 सीटों पर जहां पांच साल पहले तक इसे भाजपा का गढ़ माना जाता था और 2012 के चुनाव में यहां की 59 सीटों पर भाजपा ने शानदार जीत दर्ज की थी वहीं इस बार हार्दिक पर आकर सबकी नजर टिक गई।

वैसे अगर देखे तो दो चरणों में हुए वोटिंग के दौरान पाटीदारों के प्रभाव वाले इन सीटों पर पिछली बार के मुकाबले गिरावट देखने को मिली। इस बार की खास बात ये भी रही कि भाजपा ने चुनाव में 44 पाटीदारों पर अपना दांव लगाया था। उसकी वजह थी कि अमूमन ऐसा होता है कि पाटीदार वोट आमतौर पर पाटीदार कैंडिडेट्स को ही जाता है। भाजपा किसी भी सूरत में कोई जोखिम नहीं लेना चाहती थी।  
क्यों थे पाटीदार नाराज

दरअसल, दरअसल अहमदाबाद के जीएमडीसी ग्राउंड में पाटीदार आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज हुआ था। इसमें हुई आंदोलनकारियों की मौत के बाद लोग राज्य सरकार से नाराज हो गए थे। और यही वजह थी कि राज्य सरकार और पाटीदार के बीच एक गहरी खाई बन गई थी। पाटीदारों की मांगें, आंदोलन के दौरान जिन पाटीदारों की जान गई, उनके परिवार के एक शख्स को सरकारी नौकरी दी जाए। लाठीचार्ज करने वाली पुलिस के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। हालांकि, काग्रेस की तरफ से पटेल समुदाय को मनाने की कोशिशें की गई और अपने चुनावी घोषणापत्र में उन्हें आरक्षण देने का भी फॉर्मूला माना था।
 

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  • Web Title:How much Patidar community have been influential in Gujarat Election