
Zomato CEO का चमत्कारी ‘Temple’ डिवाइस! दिमाग का ब्लड फ्लो पढ़कर रोकेगा उम्र बढ़ने की रफ्तार
Zomato फाउंडर दीपिंदर गोयल ने हाल ही में अपने नए हेल्थ-टेक डिवाइस Temple को टीज किया है। दावा है कि यह दिमाग में ब्लड फ्लो को मॉनीटर कर सकता है और उम्र बढ़ने की रफ्तार कम करेगा।
Zomato के फाउंडर और Eternal के CEO दीपिंदर गोयल ने हाल ही में अपने नए हेल्थ-टेक डिवाइस Temple का टीजर जारी किया। यह छोटा सा गोल्डन वियरेबल माथे या टेम्पल (कान के पास) पर लगाया जाता है और दावा किया जा रहा है कि यह रियल-टाइम ब्रेन ब्लड फ्लो मॉनिटर कर सकता है। गोयल ने बताया कि यह एक एक्सपेरिमेंटल डिवाइस है और उन्होंने इसे लगभग एक साल से खुद इस्तेमाल किया है। उनका कहना है कि यह दिमाग से जुड़ी हेल्थ और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर सकता है।
Gravity Aging Hypothesis- क्या कहती है गोयल की थ्योरी?
Temple डिवाइस को गोयल ने अपनी थ्योरी ‘Gravity Aging Hypothesis’ से जोड़ा है। इस के मुताबिक, गुरुत्वाकर्षण (gravity) हमारे दिमाग तक लगातर ब्लड फ्लो को प्रभावित कर सकता है। गोयल का मानना है कि upright posture (सीधे खड़े या बैठे रहने) में cerebral blood flow थोड़ा कम हो सकता है।
लंबे समय में यह उम्र बढ़ने, cognitive decline और मानसिक थकान से जुड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि inversion पोजीशन- यानी ऐसी स्थिति जहां सिर नीचे और शरीर ऊपर होता है- अस्थायी रूप से ब्रेन ब्लड फ्लो बढ़ा सकती है। यह अभी एक शुरुआती थॉट है जिसे वैज्ञानिक पड़ताल की जरूरत होगी।
आखिर क्या है नया Temple डिवाइस?
Temple एक छोटा, हल्का और चिप जैसे आकार वाला सेंसर है। इसे टेम्पल एरिया पर लगाने पर यह पूरे दिन blood flow को ट्रैक कर सकता है। यह दावा किया गया है कि यह सिर्फ क्लीनिकल टेस्ट जैसा कुछ मिनटों का डेटा नहीं, बल्कि पूरे दिन का continuous डेटा देगा। यह real-world में ब्रेन फ्लो कैसे बदलता है, यह समझने में मदद कर सकता है। फिलहाल इसके अंदर कौन-सा सेंसर लगा है- NIRS, PPG, Doppler या कोई नई तकनीक, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। Regulatory approvals और clinical validation पर भी अभी कोई घोषणा नहीं है।
इस तकनीक से क्या बदल सकता है?
अगर Temple जैसा डिवाइस अपने दावों पर खरा उतरा, तो यह हेल्थ-वियरेबल्स की दुनिया में बड़ी क्रांति ला सकता है। इससे पता चल सकेगा कि तनाव, नींद, पोस्चर, स्क्रीन-टाइम, डाइट और एक्सरसाइज का असर दिमाग के ब्लड फ्लो पर कैसे पड़ता है। यह रिसर्च पर्सनल हेल्थ, brain-longevity, cognitive performance और neuro-wellness जैसे क्षेत्रों में नई दिशा दे सकती है लेकिन इसके साथ चुनौतियां भी हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि aging slow करने जैसे दावे तभी वैलिड होंगे जब इंडिपेंडेंट रिसर्चर्स की ओर से verified clinical studies सामने आएं।

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Pranesh Tiwariलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




