एनिमेशन वीडियो से Trump को किया ट्रोल, यूट्यूब ने बैन किया चैनल, यहां देखें वायरल Video
Donald Trump पर बना एनिमेशन वीडियो Explosive Media यूट्यूब चैनल को भारी पड़ गया। YouTube ने चैनल को बैन कर दिया है। यह ग्रुप AI का इस्तेमाल करके ऐसे Lego videos बनाता है, जिनके जरिए वह डोनाल्ड ट्रंप को ट्रोल करता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump पर बना एक एनिमेशन वीडियो, यूट्यूब को इतना नागवार गुजरा कि कंपनी ने वीडियो को हिंसक कंटेंट बताते हुए पूरा चैनल ही बैन कर दिया। इस समय, अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जमके युद्ध चल रहा है, और जंग के बीच Explosive Media का एक वीडियो चर्चा में आ गया है। यह ग्रुप AI का इस्तेमाल करके ऐसे लेगो वीडियो (Lego videos) बनाता है, जिनके जरिए वह डोनाल्ड ट्रंप को ट्रोल करता है और ईरानी पक्ष को आगे बढ़ाता है। माना जा रहा है कि एक्सप्लोसिव मीडिया का संबंध ईरान से है और शायद इसमें ईरानी कंटेंट क्रिएटर्स ही काम करते हैं। अब, यूट्यूब ने इस चैनल को बैन कर दिया है।
यूट्यूब ने वीडियो को माना हिंसक
शुक्रवार को एक्सप्लोसिव मीडिया ने बताया कि यूट्यूब ने उसके चैनल को सस्पेंड कर दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि इसकी वजह यह है कि कुछ Lego वीडियो को किसी तरह से 'हिंसक कंटेंट' मान लिया गया था। दरअसल, चैनल ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें एक रैप गाने के जरिए डोनाल्ड ट्रंप और Epstein Files से उनके कथित जुड़ाव के बारे में बात की गई थी। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लाखों व्यूज मिले थे। इस वीडियो के सामने आने के कुछ ही घंटों बाद YouTube ने एक्सप्लोसिव मीडिया चैनल को बैन कर दिया है।
एक्सप्लोसिव मीडिया ने एक्स पर पूछा "हमारा यूट्यूब चैनल हिंसक कंटेंट की वजह से एक बार फिर से हटा दिया गया है। सच में! क्या हमारे LEGO-स्टाइल एनिमेशन सचमुच हिंसक हैं?" फिलहाल, यह साफ नहीं है कि यूट्यूब को एक्सप्लोसिव मीडिया 'हिंसक' क्यों लगा होगा। यह भी मुमकिन है कि यूट्यूब ने उन्हें इसलिए बैन कर दिया हो, क्योंकि ये वीडियो एक ऐसा नैरेटिव आगे बढ़ाते हैं, जो शायद तथ्यों पर आधारित न हो। हालांकि, एक्सप्लोसिव मीडिया ने ईरानी सरकार से किसी भी तरह के संबंध होने से इनकार किया है, लेकिन आलोचकों ने उन्हें ईरान-समर्थक विचारों से जोड़ा है। ऐसा लगता है कि इनके बनाने वालों को इंटरनेट और अमेरिकी संस्कृति की गहरी समझ है।
ईरान ने अमेरिकी कंपनियों पर हमला करने की धमकी दी थी
इससे पहले, युद्ध के बीच में, ईरान ने आरोप लगाया था कि गूगल (जो यूट्यूब का मालिक है) से लेकर ओरेकल तक की टेक कंपनियां, किसी न किसी रूप में अमेरिकी सरकार की मदद कर रही थीं। एक समय तो ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद टेक कंपनियों के दफ्तरों और डेटा सेंटर्स पर हमला करने की धमकी भी दी थी। वहीं, टेक कंपनियों ने इन आरोपों पर अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई जवाब नहीं दिया है।
लेगो वीडियो अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभी भी उपलब्ध हैं। यहां देखें वायरल वीडियो
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Arpit Soniअर्पित सोनी को शुरुआत से ही नए-नए गैजेट्स को एक्सप्लोर करने और उन्हें आजमाने का शौक रहा है। अब अर्पित ने अपनी इस हॉबी को ही अपना पेशा बना लिया है। भोपाल के रहने वाले अर्पित को नए-नए गैजेट्स का रिव्यू करना और उनके बारे में लिखना काफी पसंद है। टेक्नोलॉजी, रोबोट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इनसे जुड़ी खबरें लिखना भी इन्हें काफी भाता है। लाइव हिन्दुस्तान में अर्पित पिछले चार साल से बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें करीब 9 साल का अनुभव है। अर्पित ने मीडिया जगत में शुरुआत एक रीजनल चैनल से की थी। इससे बाद उन्होंने नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर की गैजेट्स बीट में काम किया। अर्पित की स्कूलिंग भोपाल से हुई है। उन्होंने कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की है। मीडिया में झुकाव के चलते उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से पोस्ट ग्रेजुएशन करके मीडिया जगत में एंट्री की। मीडिया में इन्हें आठ साल से ज्यादा समय हो चुके हैं और सफर अभी जारी है। गैजेट्स के अलावा, इन्हें नई-नई जगहों पर घूमना और उनके बारे में जानने का भी बहुत शौक है।
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