आपकी स्मार्टवॉच के पीछे क्यों जलती है हरी लाइट? 99% लोग नहीं जानते असली वजह

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स्मार्टवॉच के पीछे जलने वाली हरी लाइट देखकर कई यूजर्स सोचते हैं कि आखिर यह किस काम आती है। यह हरी लाइट हार्ट रेट मॉनिटरिंग का अहम हिस्सा है और PPG सेंसर की मदद से दिल की धड़कन को ट्रैक करती है।

Green Light Smartwatch
स्मार्टवॉच के पीछे चमकती लाइट आपकी सेहत का हाल बताती है।

स्मार्टवॉच के पीछे लगी हरी लाइट आपने जरूर देखी होगी। कई बार यह लाइट लगातार जलती या बार-बार ब्लिंक करती रहती है। इसे देखकर कई यूजर्स के मन में सवाल आता है कि आखिर स्मार्टवॉच के पीछे हरी रोशनी क्यों होती है और क्या यह सिर्फ डिजाइन का हिस्सा है? दरअसल, यह हरी लाइट स्मार्टवॉच के सबसे जरूरी हेल्थ फीचर्स में से एक के लिए इस्तेमाल होती है। आइए आपको इसके बारे में बताते हैं।

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स्मार्टवॉच के पीछे लगी हरी LED मुख्य रूप से हार्ट रेट यानी दिल की धड़कन मापने के लिए काम करती है। इसे ऑप्टिकल हार्ट रेट सेंसर का हिस्सा माना जाता है। जब आप स्मार्टवॉच पहनते हैं, तो यह सेंसर आपकी स्किन पर हरी रोशनी डालता है। इसके बाद सेंसर स्किन से वापस आने वाली रोशनी में होने वाले बदलाव को रिकॉर्ड करता है।

कैसा पता चलता है सेहत का हाल?

टेक्नोलॉजी के पीछे शरीर में मौजूद खून की एक खास क्वॉलिटी काम करता है। हमारी धमनियों में जब दिल की धड़कन के साथ ब्लड का फ्लो बढ़ता और घटता है, तो स्किन की ओर से एबजॉर्ब और रिफ्लेक्ट होने वाली रोशनी की मात्रा में भी बदलाव आता है। स्मार्टवॉच इसी बदलाव को रिकॉर्ड करके आपकी हार्ट रेट का अनुमान लगाती है। इस तकनीक को PPG यानी Photoplethysmography कहा जाता है।

यही वजह है कि स्मार्टवॉच की हरी लाइट हर समय एक जैसी नहीं दिखती। जब घड़ी हार्ट रेट को लगातार मॉनिटर कर रही होती है, तब LED बार-बार या लगातार एक्टिव हो सकती है। कुछ स्मार्टवॉच में एक्सरसाइज, वॉक या रनिंग के दौरान यह ज्यादा देर तक जल सकती है, क्योंकि उस समय हार्ट रेट की लगातार निगरानी की जरूरत होती है।

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ये बाकी सेंसर भी करते हैं काम

स्मार्टवॉच में सिर्फ हार्ट रेट ही नहीं, बल्कि कई दूसरे हेल्थ फीचर्स के लिए भी सेंसर का इस्तेमाल होता है। कुछ डिवाइस SpO2 यानी ब्लड ऑक्सीजन लेवल मापने के लिए अलग-अलग रंग की LED, खासकर लाल और इंफ्रारेड लाइट का इस्तेमाल करती हैं। इसलिए स्मार्टवॉच के पीछे कई तरह की रोशनी दिखाई दे सकती है।

क्या हरी लाइट से होता है नुकसान?

सवाल यह है कि क्या स्मार्टवॉच की हरी लाइट नुकसान पहुंचाती है? आम तौर पर नहीं। यह कम पावर वाली LED होती है और स्किन पर सेंसर रीडिंग लेने के लिए इस्तेमाल की जाती है। इसे सामान्य इस्तेमाल में सुरक्षित माना जाता है। हालांकि, अगर घड़ी पहनने से त्वचा में लगातार जलन, रेडनेस या परेशानी हो रही है, तो उसे कुछ समय के लिए उतार देना बेहतर है।

अगली बार जब स्मार्टवॉच के पीछे हरी लाइट जलती दिखाई दे, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह कोई कैमरा या जासूसी फीचर नहीं, बल्कि आपकी हार्ट रेट जैसी हेल्थ जानकारी को ट्रैक करने वाले सेंसर का हिस्सा है।

Pranesh Tiwari

लेखक के बारे में

Pranesh Tiwari

प्राणेश वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे पिछले चार वर्षों से टेक्नोलॉजी सेक्शन का अहम हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में आठ वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने पूरे करियर में साइंस और टेक्नोलॉजी की जटिलताओं को आम पाठकों के लिए सरल, सहज और रोचक भाषा में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया है।

विशेषज्ञता और कार्यशैली
प्राणेश की विशेषज्ञता गैजेट्स, टेक इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषयों में है। वे तकनीकी बारीकियों और कठिन शब्दावली को इस तरह प्रस्तुत करते हैं कि एक सामान्य पाठक भी तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया को आसानी से समझ सके। लेटेस्ट गैजेट्स का रिव्यू करना और नए मोबाइल ऐप्स के फीचर्स को आजमाना उनके काम का पसंदीदा हिस्सा है। उनकी लेखन शैली में स्पष्टता, रिसर्च और कहानी कहने का संतुलन देखने को मिलता है।

अब तक का सफर और उपलब्धियां
प्राणेश ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से की। इसके बाद उन्होंने न्यूजबाइट्स (NewsBytes) में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में काम किया, जहां उन्होंने तकनीकी रिपोर्टिंग में अपनी अलग पहचान बनाई। वे भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं और अपनी प्रतिभा के लिए प्रतिष्ठित PTI अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं।

लेखन और व्यक्तिगत रुचियां
पत्रकारिता के साथ-साथ प्राणेश एक संवेदनशील और रचनात्मक लेखक भी हैं। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने ‘सिर्फ दोस्त: नए जमाने की प्रेम कहानियां’ नामक लघुकथा संग्रह लिखा, जिसमें रिश्तों की बारीकियों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है।

उन्हें स्मार्टफोन, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन से जुड़े विषयों पर गहराई से रिसर्च करना और पढ़ना पसंद है। काम के अलावा, उन्हें यात्रा करना भी बेहद पसंद है। उनके लिए यात्राएं केवल सुकून का जरिया नहीं, बल्कि नए अनुभवों और कहानियों को खोजने का तरीका हैं।

चाहे वह किसी नए AI टूल की पड़ताल हो या किसी अनदेखी जगह की यात्रा.. प्राणेश का लक्ष्य हमेशा एक बेहतरीन कहानी बुनना ही होता है।

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