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झटका! WhatsApp में नहीं यूज कर पाएंगे ChatGPT, बाकी AI चैटबॉट्स पर भी लगा बैन

झटका! WhatsApp में नहीं यूज कर पाएंगे ChatGPT, बाकी AI चैटबॉट्स पर भी लगा बैन

संक्षेप: मेसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp पर यूजर्स अब AI चैटबॉट्स नहीं यूज कर पाएंगे। प्लेटफॉर्म ने साफ किया है कि अगले साल से ChatGPT जैसी सेवाएं इसके प्लेटफॉर्म पर नहीं मिलेंगी। 

Wed, 22 Oct 2025 02:56 PMPranesh Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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लोकप्रिय मेसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp नहीं चाहता कि यूजर्स ऐप में किसी तरह के AI चैटबॉट का इस्तेमाल करें। Meta ने अपनी बिजनेस API पॉलिसी में बदलाव किए हैं और इसके बाद थर्ड-पार्टी AI असिस्टेंट्स मेसेजिंग ऐप में काम नहीं करेंगे। कंपनी ने बताया है कि 15 जनवरी, 2026 के बाद से OpenAI के ChatGPT के अलावा Luzia, Poke और Perplexity जैसे AI हेल्पर्स वॉट्सऐप में काम नहीं करेंगे।

वॉट्सऐप में यूजर्स को कई AI चैटबॉट्स और टूल्स यूज करने का विकल्प मिल रहा था लेकिन नई पॉलिसी इन AI प्रोवाइडर्स को बिजनेस API की मदद से असिस्टेंट को होस्ट करने से रोकती है। हालांकि, Meta की ओर से किया गया बदलाव कस्टमर सर्विस बॉट या लिमिटेड टास्क बेस्ड AI यूज करने वाली कंपनियों पर कोई असर नहीं डालेगा। यानी किसी ट्रैवल कंपनी का ऑटोमेटेड सपोर्ट या फिर एयरलाइन का स्टेटस रिस्पॉन्डर जैसे बॉट्स अच्छे से काम करते रहेंगे।

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इसलिए किया जा रहा है बदलाव

सोशल मीडिया कंपनी Meta का मानना है ChatGPT और Perplexity के AI चैटबॉट्स की वजह से इसके सर्वर पर ज्यादा दबाव पड़ रहा है। इन टूल्स के साथ ढेर सारे मेसेज भेजने के अलावा मीडिया अपलोड्स और वॉइस इंटरैक्शन किए जा सकते हैं। कंपनी का कहना है कि ये बिजनेस-टू-कस्टमर मैनेज करने के लिए डिजाइन किए गए ट्रैफिक के मुकाबले बहुत ज्यादा है।

Meta AI को पुश कर रही है कंपनी

एक्सपर्ट्स का मानना है कि मेटा की कोशिश यह है कि मेसेजिंग ऐप में अन्य AI चैटबॉट्स के बजाय Meta AI का इस्तेमाल किया जाए। इस तरह नया कदम इसे पुश करने का एक तरीका हो सकता है और इसे WhatsApp का एक्सक्लूसिव चैटबॉट बनाया जाएगा। Meta AI को पहले ही इंस्टाग्राम, फेसबुक और वॉट्सऐप का हिस्सा बनाया गया है और यूजर्स इसका इस्तेमाल अलग-अलग कामों के लिए कर सकते हैं।

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यूजर्स के लिए क्या बदलने वाला है?

ChatGPT की पैरेंट कंपनी OpenAI के मुताबिक, अगले साल 15 जनवरी, 2026 के बाद यह टूल वॉट्सऐप पर काम नहीं करेगा। हालांकि, AI चैटबॉट iOS, Android पर मोबाइल ऐप और वेब वर्जन पर ठीक से काम करता रहेगा। इसके अलावा अगर आप अन्य कोई AI चैटबॉट भी अगले साल से ऐप में नहीं चलेगा।

Pranesh Tiwari

लेखक के बारे में

Pranesh Tiwari
खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार बताने वाले प्राणेश 7 साल से ज्यादा वक्त से विज्ञान और तकनीक के बारे में लिख रहे हैं। IIMC, नई दिल्ली में PTI अवॉर्ड पाने वाले प्राणेश ने करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से की और न्यूजबाइट्स में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम किया। लाइव हिन्दुस्तान में वह चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर लेटेस्ट टेक ट्रेंड्स और गैजेट्स की जानकारी देते हैं। उन्हें लिखना और सफर करना अच्छा लगता है। और पढ़ें

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