WhatsApp ने एक महीने में भारत के 53 लाख से ज्यादा अकाउंट किए बैन, इसलिए हुआ ऐक्शन

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WhatsApp ने जुलाई 2026 में भारत से जुड़े 53.64 लाख अकाउंट्स को बैन किया, जिनमें 17.90 लाख अकाउंट्स को यूजर शिकायत से पहले ही ब्लॉक कर दिया गया। कंपनी को महीनेभर में भारतीय यूजर्स से 19,112 शिकायतें भी मिलीं।

WhatsApp Accounts Ban
WhatsApp ने एक महीने के अंदर 53 लाख से ज्यादा अकाउंट्स बैन किए हैं।

मेसेजिंग ऐप WhatsApp ने भारत में अपने प्लेटफॉर्म को सुरक्षित रखने के लिए बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी ने जुलाई 2026 के दौरान भारत से जुड़े 53.64 लाख से ज्यादा WhatsApp अकाउंट्स को बैन कर दिया। खास बात यह है कि इनमें करीब 17.90 लाख अकाउंट्स को WhatsApp ने किसी यूजर की शिकायत आने से पहले ही ब्लॉक कर दिया था। कंपनी के मुताबिक, ये कार्रवाई उसके Abuse Detection सिस्टम के तहत की गई है।

WhatsApp की जुलाई 2026 की मंथली कंप्लायंस रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने 1 जुलाई से 31 जुलाई के बीच 53,64,000 भारतीय अकाउंट्स पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बैन किया। इन अकाउंट्स की पहचान +91 फोन नंबर से जुड़े अकाउंट्स के तौर पर की गई है। कंपनी का कहना है कि उसके सिस्टम लगातार ऐसे अकाउंट्स की पहचान करते हैं, जिनका इस्तेमाल स्पैम, धोखाधड़ी, गलत एक्टिविटीज या WhatsApp की पॉलिसी के उल्लंघन के लिए किया जा रहा है।

शिकायत आने से पहले 17.9 लाख अकाउंट्स ब्लॉक

पूरी कार्रवाई का एक बड़ा हिस्सा ऐसा था, जिसमें यूजर्स को रिपोर्ट करने की जरूरत ही नहीं पड़ी। WhatsApp ने 17,90,800 अकाउंट्स को प्रोएक्टिवली यानी पहले से ही ब्लॉक कर दिया। इसका मतलब है कि इन अकाउंट्स के खिलाफ किसी यूजर की रिपोर्ट आने का इंतजार नहीं किया गया। WhatsApp के मुताबिक उसका Abuse Detection सिस्टम अकाउंट बनाते समय, मेसेजिंग के दौरान और यूजर्स की ओर से मिले रिपोर्ट या ब्लॉक जैसे निगेटिव फीडबैक के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाता है।

कुल बैन किए गए अकाउंट्स में लगभग एक-तिहाई अकाउंट्स ऐसे थे, जिन्हें यूजर रिपोर्ट मिलने से पहले ही हटा दिया गया।

WhatsApp को मिलीं 19 हजार से ज्यादा शिकायतें

जुलाई में भारतीय यूजर्स की ओर से WhatsApp को कुल 19,112 शिकायतें मिलीं। इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की थी, जिन्होंने अपने अकाउंट पर लगे बैन को चुनौती दी। रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में 9,877 बैन अपील मिलीं। इनमें से 107 अकाउंट्स के मामले में कार्रवाई की गई। इसके अलावा 'Other Support' कैटेगरी में 8,704 शिकायतें मिलीं और 369 अकाउंट्स पर कार्रवाई की गई।

कुल मिलाकर यूजर्स की शिकायतों के आधार पर 476 अकाउंट्स पर रिमेडियल एक्शन लिया गया। WhatsApp के अनुसार, किसी अकाउंट को 'actioned' तब माना जाता है जब शिकायत के बाद उस पर बैन लगाया जाता है या उसे दोबारा बहाल किया जाता है।

Grievance Appellate Committee के 25 आदेश

WhatsApp को जुलाई के दौरान भारत की Grievance Appellate Committee (GAC) की ओर से 25 आदेश भी मिले। कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उसने इन सभी 25 आदेशों का पालन किया। GAC यूजर्स को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के फैसलों के खिलाफ अपील करने का एक अतिरिक्त रास्ता दिया जाता है।

कैसे पकड़ता है WhatsApp संदिग्ध अकाउंट?

WhatsApp के अनुसार, अकाउंट्स की निगरानी के लिए वह ऑटोमेटेड सिस्टम और ह्यूमन रिव्यू दोनों का इस्तेमाल करता है। कंपनी का Abuse Detection सिस्टम मुख्य रूप से तीन स्तरों पर काम करता है। पहला स्तर अकाउंट के रजिस्ट्रेशन के समय होता है। इसके बाद मैसेजिंग गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। तीसरे स्तर पर यूजर्स की ओर से मिलने वाले रिपोर्ट और ब्लॉक जैसे फीडबैक का इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों की पहचान के लिए किया जाता है।

Pranesh Tiwari

लेखक के बारे में

Pranesh Tiwari

प्राणेश वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे पिछले चार वर्षों से टेक्नोलॉजी सेक्शन का अहम हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में आठ वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने पूरे करियर में साइंस और टेक्नोलॉजी की जटिलताओं को आम पाठकों के लिए सरल, सहज और रोचक भाषा में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया है।

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प्राणेश ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से की। इसके बाद उन्होंने न्यूजबाइट्स (NewsBytes) में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में काम किया, जहां उन्होंने तकनीकी रिपोर्टिंग में अपनी अलग पहचान बनाई। वे भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं और अपनी प्रतिभा के लिए प्रतिष्ठित PTI अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं।

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