काम की बात: बड़े AC के नाम पर दुकानदार न लगा दे चूना, ऐसे जानें आपके कमरे के लिए कितना Ton परफेक्ट
How Much Ton AC is perfect for your room: जब आप AC खरीदने स्टोर पर जाएंगे, तो सेल्समैन पहला सवाल शायद यह पूछेगा कि आपको कौन सा एसी चाहिए - इन्वर्टर या नॉन-इन्वर्टर। फिर वो आपसे पूछेगा कि आपको कितने टन का एसी चाहिए। यहां कई लोग कंफ्यूज हो जाते हैं। चलिए एक सिंपल सॉल्यूशन बताते हैं

How Much Ton AC is perfect for your room: नौतापा में लोगों के घर भट्टी की तरह तप रहे हैं। गर्मी का कहर इस कदर है कि कूलर तक फेल हो गए हैं। राहत पाने के लिए लोग धड़ाधड़ AC खरीद रहे हैं। लेकिन अपने लिए सही एसी चुनना भी किसी जंग जीतने से कम नहीं है। जैसे ही आप किसी इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम पर AC खरीदने जाएंगे, तो दुकानदार का पहला सवाल शायद यह होगा कि आपको कौन सा एसी चाहिए - इन्वर्टर या नॉन-इन्वर्टर। फिर वो आपसे पूछेगा कि आपको कितने टन का एसी चाहिए। अगर आपको जानकारी नहीं है तो आप कंफ्यूज हो जाएंगे और फिर सेल्समैन आपकी इसी कंफ्यूजन का फायदा उठा सकता है। हो सकता है कि वो आपको ज्यादा मुनाफा कामने के लिए ज्यादा टन का एसी टिका दे, जिसकी आपको जरूरत नहीं थी। ऐसे कई मामले सुनने में आते रहते हैं।
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लोग अक्सर कमरे के साइज या उन्हें असल में कितनी कूलिंग चाहिए, इस बारे में सोचे बिना ही AC खरीदने चले जाते हैं। यहीं पर गड़बड़ हो जाती है। अगर आप AC के टन के मामले में गलती कर देते हैं, तो आपको बिजली के बिल पर बेवजह पैसे बर्बाद करने पड़ेंगे।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर आप सही टन का एसी चुनते हैं तो आपका कमरा जल्दी ठंडा हो जाता है, आपकी बिजली की खपत सही रहती है, और आपके जेब पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ता, खासकर लंबे समय में। भारत में ज्यादातर लोग 1 टन, 1.5 टन या 2 टन का एसी खरीदते हैं। कैसे तय करें कि आपके लिए कितना टन का एसी परफेक्ट है, चलिए बताते हैं…
1-Ton AC: छोटे साइज के कमरे के लिए परफेक्ट
यह छोटे साइज के कमरे के लिए परफेक्ट है, फिर चाहे वो आपका स्टडी रूम हो, छोटा बेडरूम हो या फिर छोटा सा ऑफिस हो। यदि आपका कमरा लगभग 10x12 फीट (यानी 120 स्क्वायर फीट तक) का है, तो 1 टन का एसी इसे ठीक से संभाल लेता है। बेवजह इससे ज्यादा कैपेसिटी का एसी न लें। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि अगर आप एक छोटे से कमरे में ज्यादा कैपेसिटी यानी ज्यादा टन का एसी लगा लेते हैं, तो आप जबरन में उस अतिरिक्त बिजली के लिए भुगतान करते हैं जिसका आप उपयोग भी नहीं करते हैं।
1.5-Ton AC: ऑलराउंडर
यह एक ऑलराउंडर एसी है और शायद इसलिए यह भारत में सबसे ज्यादा बिकता है। 1.5 टन का एसी मिडियम साइज के कमरों (बड़े बेडरूम, छोटे लिविंग रूम या रेगुलर ऑफिस स्पेस) के लिए बहुत परफेक्ट हैं और बहुत अच्छा काम करते हैं। यह 120 से 180 स्क्वायर फीट (10x18) तक के कमरों के लिए परफेक्ट है। बहुत से लोग इस साइज के इन्वर्टर मॉडल चुनते हैं क्योंकि वे ज्यादा आवाज भी नहीं करते और एनर्जी सेविंग भी करते हैं।
2-Ton AC: बड़े कमरों के लिए परफेक्ट
अगर आपके पास कोई बड़ा हॉल, बड़ा लिविंग रूम, या बड़ा ऑफिस है, तो आप सीधे 2-टन का एसी ले सकते हैं। यह 180 से 240 स्क्वायर फीट (12x20) तक की जगह को ठंडा कर सकता है।
आसानी से समझने के लिए यहां एक नजर डालें:
1-Ton: 120 स्क्वायर फीट तक (10x12) के कमरे के लिए परफेक्ट
1.5-Ton: 120–180 स्क्वायर फीट (10x18) के कमरे के लिए परफेक्ट
2 -Ton: 180–240 स्क्वायर फीट (12x20) के कमरे के लिए परफेक्ट
AC तेजी से कूलिंग करें, यह और भी कई पहलू पर निर्भर करता है
सिर्फ साइज ही नहीं, बल्कि और भी कई पहलू हैं जिन पर आपको नया एयर कंडीशनर खरीदने से पहले विचार करना चाहिए। असल जिंदगी में 'एक साइज सबके लिए सही' वाला नियम लागू नहीं होता, इसलिए इन बातों पर भी गौर करें:
- धूप: अगर आपके कमरे में दोपहर भर तेज धूप आती है, तो ज्यादा क्षमता वाला AC लेने के बारे में सोचें।
- सबसे ऊपरी मंजिल: छत के ठीक नीचे वाले कमरों में गर्मी ज्यादा होती है, इसलिए आपको ज्यादा कूलिंग पावर की जरूरत होगी।
- ज्यादा लोग: जिस कमरे में ज्यादा लोग होते हैं, वह जल्दी गर्म हो जाता है। अगर आपके यहां अक्सर भीड़ रहती है (या आपका परिवार बड़ा है), तो इस बात का भी ध्यान रखें।
- ऊंची छतें: ऊंचे कमरों में ठंडी हवा ज्यादा खर्च होती है, इसलिए ज्यादा कैपेसिटी का एसी लेने का विचार करें।
कुल मिलाकर, अगर आप सही AC चुनें और उसे सही जगह पर इस्तेमाल करें, तो वह आपके कमरे को ठंडा तो करेगा ही, साथ ही आपका बिजली का बिल भी ज्यादा नहीं आने देगा। AC खरीदने से पहले, अपने कमरे का साइज नापने और दूसरी जरूरी बातों पर ध्यान देने के लिए बस एक मिनट निकाल लें; अगली गर्मियों में आप खुद को ही धन्यवाद देंगे।
लेखक के बारे में
Arpit Soniअर्पित सोनी को शुरुआत से ही नए-नए गैजेट्स को एक्सप्लोर करने और उन्हें आजमाने का शौक रहा है। अब अर्पित ने अपनी इस हॉबी को ही अपना पेशा बना लिया है। भोपाल के रहने वाले अर्पित को नए-नए गैजेट्स का रिव्यू करना और उनके बारे में लिखना काफी पसंद है। टेक्नोलॉजी, रोबोट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इनसे जुड़ी खबरें लिखना भी इन्हें काफी भाता है। लाइव हिन्दुस्तान में अर्पित पिछले चार साल से बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें करीब 9 साल का अनुभव है। अर्पित ने मीडिया जगत में शुरुआत एक रीजनल चैनल से की थी। इससे बाद उन्होंने नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर की गैजेट्स बीट में काम किया। अर्पित की स्कूलिंग भोपाल से हुई है। उन्होंने कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की है। मीडिया में झुकाव के चलते उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से पोस्ट ग्रेजुएशन करके मीडिया जगत में एंट्री की। मीडिया में इन्हें आठ साल से ज्यादा समय हो चुके हैं और सफर अभी जारी है। गैजेट्स के अलावा, इन्हें नई-नई जगहों पर घूमना और उनके बारे में जानने का भी बहुत शौक है।
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