UMANG ऐप में बड़ी सुरक्षा चूक! लाखों भारतीयों का पैन, आधार और EPFO डाटा एक्सपोज: रिपोर्ट

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

UMANG पोर्टल में गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आई हैं, जिनकी वजह से EPFO, Aadhaar और अन्य सरकारी सेवाओं का संवेदनशील डाटा एक्सपोज हो गया था। सरकार ने मामले को कन्फर्म करते हुए सुरक्षा सुधार शुरू कर दिए हैं।

UMANG APP data exposed

भारत सरकार के Unified Mobile Application for New-age Governance (UMANG) पोर्टल में गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आई हैं। साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने दावा किया है कि इन कमजोरियों के चलते करोड़ों भारतीयों का सेंसिटिव डाटा एक्सपोज हुआ। इस जानकारी में EPFO के Universal Account Number (UAN), LPG सिलेंडर बुकिंग डीटेल्स और कई सरकारी सेवाओं में सेव किए गए Aadhaar नंबर शामिल हैं। मामले के सामने आने के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय (MeitY) ने इन खामियों को कन्फर्म करते हुए कहा है कि उन्हें दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

The Hindu की रिपोर्ट के मुताबिक, यह खुलासा साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर अक्षय सी.एस. और वायरल वाघेला ने किया है। उनके मुताबिक, दिक्कत किसी एक सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि UMANG के आर्किटेक्चर में मौजूद कमियों से जुड़ी है। उनका दावा है कि ये कमजोरियां संभवतः कई साल से मौजूद थीं और प्लेटफॉर्म के डिजाइन की वजह से अलग-अलग सरकारी डाटाबेस का संवेदनशील डाटा एक्सपोज हो रहा था। हालांकि, इस डाटा के बड़े स्तर पर लीक होने की पुष्टि नहीं हुई है।

एक्सपोज डाटा में क्या कुछ है शामिल?

रिपोर्ट के अनुसार, एक्सपोज हुए डेटा में EPFO के UAN, कम से कम एक बड़ी ऑयल मार्केटिंग कंपनी के LPG सिलेंडर बुकिंग रिकॉर्ड और कई सरकारी सेवाओं में सेव किए गए Aadhaar नंबर शामिल हैं। रिसर्चर्स का कहना है कि कई जगह आधार नंबर Plaintext (सादे टेक्स्ट) में स्टोर किए गए थे, जबकि Aadhaar Act, 2016 के तहत ऐसा करने की अनुमति नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि UMANG का Aadhaar मॉड्यूल खुद इस खामी से प्रभावित नहीं था।

बता दें, UMANG पोर्टल को करीब नौ साल पहले लॉन्च किया गया था। इसका मकसद केंद्र और राज्य सरकारों की अलग-अलग सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है। वर्तमान में इस पोर्टल पर 2,400 से ज्यादा सरकारी सेवाएं उपलब्ध हैं और देशभर में करोड़ों लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में इस तरह की सुरक्षा खामी को बेहद गंभीर माना जा रहा है।

साथ ही UMANG पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली सेवा EPFO है। पिछले तीन महीनों में इस मॉड्यूल पर 40 करोड़ से अधिक ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए हैं। ऐसे में अगर हैकर्स या साइबर अपराधी किसी संवेदनशील जानकारी तक पहुंच जाते, तो इसका असर बड़ी संख्या में यूजर्स पर पड़ सकता था।

बैंक खाते तक पहुंच सकते थे अटैकर्स

इंडिपेंडेट साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट करण सैनी ने इस मामले को गंभीर बताया है। उनके मुताबिक, वेबसाइट पर Rate Limiting जैसी सुरक्षा व्यवस्था होने के चलते पूरे EPFO डेटाबेस को कॉपी करना आसान नहीं था। हालांकि, अगर किसी साइबर अपराधी के पास पहले से UAN नंबर मौजूद हों, तो वह बैंक अकाउंट की जानकारी बदलने और पेमेंट प्रोसेस शुरू करने जैसी ऐक्टिविटीज का गलत इस्तेमाल कर सकता था।

लगातार की जा रही है पोर्टल की निगरानी

मामला सामने आने के बाद MeitY ने कहा कि उसकी डेवलपमेंट और सिक्योरिटी टीम ने रिपोर्ट की जांच की है। मंत्रालय के अनुसार, संबंधित APIs में मौजूद Plaintext डाटा को एन्क्रिप्ट कर दिया गया है और पिछले तीन महीनों के API लॉग की भी समीक्षा की गई है। सरकार का कहना है कि फिलहाल ट्रांजैक्शन में किसी असामान्य गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं और UMANG पोर्टल की लगातार निगरानी की जा रही है।

रिसर्चर्स ने इन खामियों की जानकारी CERT-In, MeitY और EPFO को भी दी थी। इसके कुछ समय बाद EPFO ने अपने ऑनलाइन पोर्टल को ‘Migration’ के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। रिसर्चर्स का मानना है कि यह कदम उनकी रिपोर्ट के बाद उठाया गया हो सकता है, हालांकि सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

Pranesh Tiwari

लेखक के बारे में

Pranesh Tiwari

प्राणेश वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे पिछले चार वर्षों से टेक्नोलॉजी सेक्शन का अहम हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में आठ वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने पूरे करियर में साइंस और टेक्नोलॉजी की जटिलताओं को आम पाठकों के लिए सरल, सहज और रोचक भाषा में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया है।

विशेषज्ञता और कार्यशैली
प्राणेश की विशेषज्ञता गैजेट्स, टेक इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषयों में है। वे तकनीकी बारीकियों और कठिन शब्दावली को इस तरह प्रस्तुत करते हैं कि एक सामान्य पाठक भी तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया को आसानी से समझ सके। लेटेस्ट गैजेट्स का रिव्यू करना और नए मोबाइल ऐप्स के फीचर्स को आजमाना उनके काम का पसंदीदा हिस्सा है। उनकी लेखन शैली में स्पष्टता, रिसर्च और कहानी कहने का संतुलन देखने को मिलता है।

अब तक का सफर और उपलब्धियां
प्राणेश ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से की। इसके बाद उन्होंने न्यूजबाइट्स (NewsBytes) में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में काम किया, जहां उन्होंने तकनीकी रिपोर्टिंग में अपनी अलग पहचान बनाई। वे भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं और अपनी प्रतिभा के लिए प्रतिष्ठित PTI अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं।

लेखन और व्यक्तिगत रुचियां
पत्रकारिता के साथ-साथ प्राणेश एक संवेदनशील और रचनात्मक लेखक भी हैं। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने ‘सिर्फ दोस्त: नए जमाने की प्रेम कहानियां’ नामक लघुकथा संग्रह लिखा, जिसमें रिश्तों की बारीकियों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है।

उन्हें स्मार्टफोन, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन से जुड़े विषयों पर गहराई से रिसर्च करना और पढ़ना पसंद है। काम के अलावा, उन्हें यात्रा करना भी बेहद पसंद है। उनके लिए यात्राएं केवल सुकून का जरिया नहीं, बल्कि नए अनुभवों और कहानियों को खोजने का तरीका हैं।

चाहे वह किसी नए AI टूल की पड़ताल हो या किसी अनदेखी जगह की यात्रा.. प्राणेश का लक्ष्य हमेशा एक बेहतरीन कहानी बुनना ही होता है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।