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गेम खेलने के शौकीन हैं तो खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, इस मालवेयर से सावधान रहें

कई लोकप्रिय Games में Redline Malware मौजूद होने की बात सामने आई है, जिसकी मदद से अटैकर्स संवेदनशील डाटा और बैंकिंग डीटेल्स की चोरी कर रहे हैं। ऐसा करते हुए वे बैंक अकाउंट खाली कर सकते हैं।

गेम खेलने के शौकीन हैं तो खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, इस मालवेयर से सावधान रहें
Pranesh Tiwariलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीFri, 16 Sep 2022 09:59 AM

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अगर आप मोबाइल या अन्य प्लेटफॉर्म्स पर गेमिंग के शौकीन हैं तो नया मालवेयर आपको अटैक का शिकार बनाकर डाटा चोरी कर सकता है। रोब्लॉक्स, FIFA, PUBG और माइनक्राफ्ट जैसे करीब 28 लोकप्रिय गेम्स में खतरनाक मालवेयर होने की बात सामने आई है। इन गेम्स की मदद से जुलाई, 2021 से इस साल जून के बीच 384,000 गेमर्स को निशाना बनाया गया और करीब 92,000 मालिशियस फाइल्स इस्तेमाल की गईं।

साइबर सुरक्षा कंपनी कैस्परस्काई ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि पिछले साल रिलीज किए गए गेम्स की एक और सीरीज में यह मालवेयर मौजूद है, जिसमें एल्डन रिंग, हालो और रेजिडेंट इविल जैसे नाम शामिल हैं। इन सभी गेम्स के साथ अटैकर 'रेडलाइन' मालवेयर फैला रहे हैं और इंटरनेट यूजर्स का बैकिंग डेटा चोरी कर रहे हैं।

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क्यों खतरनाक है रेडलाइन मालवेयर?
रिसर्चर्स के मुताबिक, रेडलाइन एक पासवर्ड चुराने वाला सॉफ्टवेयर है, जो विक्टिम के डिवाइस से उसका संवेदनशील डाटा (जैसे- पासवर्ड्स, सेव किए गए बैंक कार्ड डीटेल्स, क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट और VPN सेवाओं से जुड़ी लॉगिन IDs और पासवर्ड्स) चुरा लेता है। अटैकर्स इस डाटा की मदद से विक्टिम के अकाउंट में सेंध लगाकर लेन-देन कर सकते हैं या फिर अकाउंट हाईजैक कर सकते हैं। 

ब्राउजर्स के ऑटोफिल डाटा की भी चोरी
रेडलाइन के साथ क्रोमियम और गेको-आधारित इंटरनेट ब्राउजर्स से यूजरनेम्स, पासवर्ड्स, कुकीज, बैंक कार्ड डीटेल्स और इस तरह के ऑटो-फिल डाटा की चोरी की जा सकती है। यह स्टीलर क्रिप्टो वॉलेट्स, इंस्टेंट मेसेंजर्स और FTP/SSH/VPN क्लाइंट्स के अलावा एक्सटेंशंस के जरिए फाइल्स भी चोरी कर सकता है।

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इतना ही नहीं, रेडलाइन थर्ड-पार्टी प्रोग्राम्स डाउनलोड और रन कर सकता है, cmd.exe कमांड्स दे सकता है और डिफॉल्ट ब्राउजर में लिंक्स भी ओपेन कर सकता है। यह स्टीलर कई तरीकों से फैलाया जा रहा है, जिनमें मालिशियस ई-मेल्स और थर्ड-पार्टी लोडर्स भी शामिल हैं। 

गिफ्ट का लालच आपको बना सकता है शिकार
अटैक करने वाले लोकप्रिय गेम्स में खास हथियार या इन-गेम आइटम गिफ्ट के तौर पर देने का दावा करते हुए फेक पेज बनाते हैं, जहां यूजर को फेसबुक या ट्विटर की मदद से लॉगिन करना होता है। ऐसा करने के बाद अटैकर को अकाउंट का ऐक्सेस मिल जाता है और वे अलग-अलग तरीकों से विक्टिम को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

जरूरी है कि आप केवल आधिकारिक सोर्स से गेम्स डाउनलोड करें और किसी थर्ड-पार्टी वेबसाइट से मिल रहे गिफ्ट के लालच में ना पड़ें। 

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