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कॉन्टेक्ट लेंस से क्लिक होगी फोटो, बनेगा विडियो 

स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच के बाद अब वैज्ञानिक भविष्य के लिए स्मार्ट कॉन्टेक्ट लेंस बना रहे हैं। यह लेंस सिर्फ कमजोर नजर वालों के लिए नहीं है। यह रोबोटिक आंख की तरह भी काम करने वाला लेंस है।  जानते हैं इसके बारे में...

यह लेंस आंख की पलकों के इशारों पर काम करेगा। पलक झपकते ही इस लेंस से विडियो रिकॉर्ड और फोटो क्लिक होनी शुरू हो जाएंगे। जानकारी के मुताबिक यह पलक झपकने की गति को पहचानता है और उसी को ध्यान में रखते हुए अपना काम करता है। इस लेंस में कुछ सेंसर लगाए गए हैं जो पलकों की गति को पहचानते हैं और उसके अनुरूप अपना काम करना शुरू करते हैं। यहां तक कि यह लेंस जूम इन और जूम आउट की भी सुविधा देगा। यह फोटो और विडियो खुद-ब-खुद बिना तार के स्मार्टफोन तक पहुंच जाते हैं। टेक जगत की सभी दिग्गज कंपनियां इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं। कुछ कंपनियां तो पेटेंट का आवेदन भी दे चुकी हैं। 

दो व्यक्ति की नजरों से लोकेशन देखें 
वीडियो में दिखाया गया कि यह लेंस एक जोड़े में आते है जिन्हें स्मार्टवॉच के डायल के पीछे रखा गया है। अगर इन दोनों लेंस को दो अलग-अलग व्यक्ति लगाते हैं तो वह दोनों व्यक्ति दो अलग-अलग लोकेशन देख सकेंगे। उदाहरण के तौर पर उन एक जोडे़ लेंस को राम और श्याम लगाते हैं तो श्याम वह लोकेशन देख पाएगा जो श्याम अपनी आंखों से देख पा रहा है और श्याम उन वस्तुओं को देख पाएगा जो राम देख रहा है।      

स्मार्ट लेंस में होगी गूगल लेंस जैसी तकनीक 
राह चलते हुए व्यक्ति कई अनजान चीजों को पहचान नहीं पाते हैं तो  यह कॉन्टेक्ट लेंस  उन चीजों को पहचानने में मदद करेगा। इन हाइटेक कॉन्टेक्ट लेंस में ‘गूगल लेंस’ जैसी सुविधा दी जा सकती है। गूगल लेंस गूगल की एक सेवा है जो किसी भी अनजान वस्तु को पहचाननने में मदद करती है। इसका इस्तेमाल करने के लिए एप को खोलना होता है और फोन का कैमरा खुद ब खुद खुल जाता है। इसके बाद जिस वस्तु या व्यक्ति के बारे में जानना चाहते हैं कैमरे से वह चीज देखनी होती है। इसके बाद एप खुद ब खुद उस अनजान वस्तु की जानकारी फोन स्क्रीन पर लेकर आ जाता है। यह ठीक गूगल सर्च परिणाम की तरह ही होता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक यह लेंस लोकेशन तक की जानकारी उपलब्ध कराता है।

स्मार्ट कॉन्टेक्ट लेंस में ऑगमेंटेड रिएलिटी देने की कोशिश
इन कॉन्टेक्ट लेंस में ऑगमेंटेड   रिएलिटी (एआर) का  फीचर देने की बात कही जा रही है। ऑगमेंटेड रियलिटी वर्चुअल रिएलिटी का ही दूसरा रूप है। इस तकनीक में आपके आसपास के वातावरण से मेल खाती  हुई एक कंप्यूटरीकृत दुनिया तैयार होती है। यानी आपके  आसपास की दुनिया के साथ एक और आभासी दुनिया को जोड़कर एक वर्चुअल दृश्य तैयार किया जाता है, जो देखने में वास्तविक लगता है यानि आप वास्तविक दुनिया और आभासी दुनिया बीच फर्क नहीं बता सकते हैं। इसकी मदद से आप अपने घर में ढेरों डायनासोर और जानवर घूमते हुए देख सकते हैं। पोकेमोन गो ऑगमेंटेड रिएलिटी का ही बेहतरीन उदाहरण है।  

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  • Web Title:Photos will be clicked from Smart contact lens