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भारत के राहुल ने छोड़ दी ₹6.6 करोड़ की नौकरी, मेटा छोड़ अब खुद का स्टार्टअप

भारत मूल के राहुल पांडेय नाम के इंजीनियर ने मेटा में अपनी 6.6 करोड़ रुपये की सालाना सैलरी वाली जॉब छोड़कर स्टार्टअप शुरू किया है। मेटा ने लिंक्डइन पर अपना अनुभव साझा किया और एक पब्लिकेशन से बात की।

भारत के राहुल ने छोड़ दी ₹6.6 करोड़ की नौकरी, मेटा छोड़ अब खुद का स्टार्टअप
Pranesh Tiwariलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीMon, 30 Oct 2023 04:43 PM
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टेक की दुनिया में कदम रखने वाले ढेरों युवा गूगल और मेटा जैसी बड़ी कंपनियों में जॉब लगने के सपने देखते हैं लेकिन कुछ ऐसे भी हैं, जो करोड़ों रुपये की सैलरी छोड़ने में भी नहीं हिचकिचाते। अपने लिए नई शुरुआत करने और स्टार्टअप करने के लिए भारतीय मूल के टेकी और इंजीनियर राहुल पांडेय ने मेटा की पांच साल पुरानी नौकरी छोड़ दी। उन्होंने बताया कि एंग्जाइटी के चलते उन्होंने मेटा प्लेटफॉर्म्स की नौकरी छोड़ी, जहां उनकी वार्षिक सैलरी 6.6 करोड़ रुपये के करीब थी। 

राहुल ने मेटा प्लेटफॉर्म्स (पहले फेसबुक) में अपना जॉब छोड़ने का अनुभव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म LinkedIn पर शेयर किया है। उन्होंने लिखा, "मेरा सफर आसान नहीं था और मैंने आसानी से कमाई नहीं शुरू कर दी। बल्कि, फेसबुक जॉइन करने के बाद पहले छह महीने मुझे इसके कल्चर का हिस्सा बनने और यहां काम करने का तरीका सीखने में दिक्कत हुई। मुझे ऐसा लगता था कि सीनियर इंजीनियर के साथ मैं झूठी पहचान जी रहा हूं।"

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अपनी काबीलियत पर नहीं था भरोसा
स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने वाले राहुल ने बताया कि उन्होंने अपने सहकर्मियों से कोई मदद नहीं ली क्योंकि उन्हें लगता था कि वह कंपनी में सीनियर इंजीनियर के तौर पर काम करने लायक नहीं हैं। इतना ही नहीं, उनके फेसबुक का हिस्सा बनने के बाद कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा और इसकी स्टॉक वैल्यू भी गिर गई। उस दौरान कई साथियों ने नौकरी छोड़ी लेकिन राहुल फिर भी डटे रहे। 

बेहतर परफॉर्मेंस के लिए की मेहनत
बिजनेस इनसाइडर को दिए इंटरव्यू में राहुल ने बताया कि मुश्किल हालात में कंपनी छोड़ने के बजाय उन्होंने अपनी परफॉर्मेंस बेहतर करने पर फोकस किया और उन्हें इसमें सफलता भी मिली। जॉब करते हुए दूसरे साल के आखिर तक उन्हें प्रमोशन भी मिला। उन्होंने अपनी पोजीशन पर रहते हुए एक इंटरनल टूल तैयार किया, जिसके साथ इंजीनियर्स के टाइम की बचत की जा सकती है। कंपनी ने बदले में उन्हें 2 करोड़ रुपये की इक्विटी भी ऑफर की। 

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पिछले साल जनवरी में छोड़ी नौकरी
अगस्त, 2017 में फेसबुक से जुड़ने के बाद राहुल ने अलग-अलग पदों पर काम किया और कंपनी की कई टीम्स से जुड़े। उन्होंने बताया कि कोविड-19 आने के बाद 2021 में उन्होंने अन्य विकल्प देखना शुरू किए और पिछले साल जनवरी में जॉब छोड़ दी। राहुल ने अपना खुद का स्टार्टअप Taro नाम से शुरू किया है, जिसका मकसद सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स को बेहतर करियर देने में मदद करना है। उन्होंने कहा कि यह फैसला लेने के बाद वे समझ पाए कि इंजीनियरिंग के अलावा भी कितना-कुछ सीखा जा सकता है।

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