DA Image
हिंदी न्यूज़ › गैजेट्स › स्कैम अलर्ट: चीनी नागरिको ने भारत के 5 लाख लोगों को लगाया 150 करोड़ रुपये का चूना, फेक ऐप के जरिए किया Fraud
गैजेट्स

स्कैम अलर्ट: चीनी नागरिको ने भारत के 5 लाख लोगों को लगाया 150 करोड़ रुपये का चूना, फेक ऐप के जरिए किया Fraud

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्ली Published By: Himani Gupta
Fri, 11 Jun 2021 12:07 PM
स्कैम अलर्ट: चीनी नागरिको ने भारत के 5 लाख लोगों को लगाया 150 करोड़ रुपये का चूना, फेक ऐप के जरिए किया Fraud

कोरोनाकाल में ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। इस कड़ी में अब फेक ऐप्स से जुड़ा ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला दिखा है। इस फ्रॉड के दौरान निर्दोष लोगों द्वारा अपनी गाढ़ी कमाई को भारी मात्रा में गंवाने का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस से जुड़ी साइबर सेल ने चीनी नागरिकों के एक समूह द्वारा चलाए जा रहे एक सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया, जो डेटा चोरी कर रहे थे और फर्जी निवेश ऐप के जरिए 5 लाख से अधिक भारतीयों से 150 करोड़ से अधिक रुपये ठग लिए हैं। 

 

ये भी पढ़ें:- OPPO के इस फोन ने रचा इतिहास, बना सबसे ज्यादा बिकने वाला 5G स्मार्टफोन, जानिए क्या है फोन में खास


कैसे हुआ नकली ऐप के जरिए ऑनलाइन घोटाला
ठगी करने वाले ये लोग कई वित्तीय निवेश योजनाएं चला रहे थे और उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि उनका पैसा सुरक्षित है और उन्हें उच्च रिटर्न मिलेगा। दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया कि ये ऐप चीनी नागरिकों द्वारा धोखाधड़ी के लिए मल्टीलेवल मार्केटिंग (एमएलएम) मॉडल का उपयोग करके चलाए गए थे। ऐपों के जरिए निवेश करने और निवेश की हुई राशि पर आकर्षक लाभ पाने का लालच दिया गया। शुरू में निवेश की हुई राशि पर पांच से 10 प्रतिशत तक लाभ दिया जाता था, जिससे निवेशक को लगता था कि इसमें कहीं कोई धोखाधड़ी नहीं है। उसके बाद निवेशक को और ज्यादा निवेश करने और अपने दोस्तों, रिश्तेदारों से भी निवेश करवाने के लिए कहा जाता था। किसी भी निवेशक से बड़ी मात्रा में निवेश हासिल करने के बाद ऐप पर उसका खाता ब्लॉक कर दिया जाता। 
बता दें कि अब जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई में दो चार्टर्ड अकाउंटेंट समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

Google Play Store पर लिस्टेड हैं फ्रॉड ऐप्स
साइबर क्राइम सेल के डिप्टी कमीशनर अन्येश रॉय के मुताबिक धोखेबाजों द्वारा बड़ी संख्या में ऐसे ऐप्स प्रसारित किए गए थे और इनमें से कुछ फ्रॉड ऐप्स को Google Play Store पर लिस्ट किया गया था। रॉय ने बताया कि ठगी गई कुल राशि लगभग ₹150 करोड़ है। लेकिन अभी तक कैश, बैंक खातों और भुगतान गेटवे के जिरए ₹12 करोड़ वसूले गया हैं। 5 लाख से अधिक लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई को ऐसे ऐप्स में निवेश किया है।

 

ये भी पढ़ें:- Aadhaar में बदलवाना है मोबाइल नंबर तो अपनाएं ये आसान तरीका, बिना किसी डॉक्यूमेंट के ₹50 में हो जाएगा काम

 

कैसे इन ठगों ने WhatsApp, Telegram के लिए लोगों से संपर्क किया
डीसीपी ने कहा कि इस बड़े घोटाले के मुख्य चीनी हैंडलर व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे विभिन्न ऐप पर लोगों से संपर्क करते थे और इच्छुक व्यक्तियों को फर्जी बैंक खातों की खरीद, शेल कंपनियां बनाने, ऐप्स को प्रसारित करने के लिए लोगों को पार्टनर बनाते थे और फिर उनसे काम कराते थे। रॉय ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया पर पावर बैंक और इजी प्लान ऐप के बारे में शिकायते मिल रही हैं। 

 

भारत के किन हिस्सों में काम रहे थे ठग 
पश्चिम बंगाल, दिल्ली-नोएडा (एनसीआर), बेंगलुरु, ओडिशा, असम और सूरत में रहे थे धोखाधड़ी करने वाले ये लोग। डीसीपी ने कहा कि अपने टेलीग्राम चैनलों के बड़े इंसेंटिव देकर ऐसे व्यक्तियों की भर्ती की जो उनके लिए पब्लिसिटी का काम कर रहे थे।

संबंधित खबरें