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Online Games खेलने वाले सावधान! हर 5 में से 4 गेमर्स को हजारों का चूना, आप भी रहें सावधान

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीVishal Kumar
Wed, 17 Nov 2021 09:07 AM
Online Games खेलने वाले सावधान! हर 5 में से 4 गेमर्स को हजारों का चूना, आप भी रहें सावधान

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ऑनलाइन गेम खेलने को शौकीन यूजर्स को सावधान होने की जरूरत है। आप या तो साइबर अटैक का शिकार हो चुके हैं, या होने की संभावना है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, हर 4 में से 3 यूजर्स को अपने गेमिंग अकाउंट पर साइबर अटैक झेलना पड़ा है। इतना ही नहीं, साइबर अटैक के चलते हर 5 में से 4 भारतीय गेमर्स औसतन 7,894 रुपये गंवा चुके हैं। इस बात का खुलासा सिक्यॉरिटी कंपनी Norton LifeLock ने अपनी ताजा रिपोर्ट में किया है। 

"स्पेशल रिलीज- गेमिंग और साइबरक्राइम" नाम की यह रिपोर्ट एनालिस्ट हैरिस पोल ने जारी की है। रिपोर्ट के लिए ऑनलाइन गेम खेलने वाले 703 भारतीय व्यस्कों ने हिस्सा लिया था। 5 में से 2 भारतीय गेमर्स (42 प्रतिशत) का कहना है कि फायदे के लिए वे किसी दोस्त, फैमिली मेंबर और यहां तक की अपने रोमांटिक पार्टनर के अकाउंट को भी हैक कर सकते हैं। इसके अलावा, 56 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अगर उनकी जानकारी में है तो वे गेम में खामियों या बग का फायदा उठा सकते हैं। 

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इसी तरह 48 प्रतिशत यूजर्स पैसे देकर किसी दूसरे के गेमिंग अकाउंट पर कब्जा करने, 46 प्रतिशत यूजर्स उनके गेमिंग अकाउंट या गेमिंग डिवाइस में चीट्स इंस्टॉल करने और 39 प्रतिशत यूजर्स किसी रैंडम प्लेयर के गेमिंग अकाउंट को हैक करना की संभावना रखते हैं। सर्वे में 41 प्रतिशत यूजर्स कहना है कि उनके पर्सनल अकाउंट को सिक्यॉरिटी से समझौता करने के लिए धोखा दिया गया है। इनमें से 28 फीसदी ने माना कि उनसे गेमिंग डिवाइस पर मैलवेयर डाउनलोड कराया गया, जबकि 26 प्रतिशत ने माना कि उनसे खाते की जानकारी ऑनलाइन शेयर कराई गई। 

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आधे से ज्यादा हैं बेफिक्र
या तो गेमिंग डिवाइस पर मैलवेयर डाउनलोड करना (28 प्रतिशत) या ऑनलाइन खाता जानकारी साझा करने में धोखा दिया जा रहा है (26 प्रतिशत)। विशेष रूप से, 5 में से 1 गेमर्स (21 प्रतिशत) को डॉक्स किया गया है (यानी, उनकी सहमति के बिना, व्यक्तिगत जानकारी चोरी हो गई और सार्वजनिक रूप से ऑनलाइन पोस्ट / साझा की गई)। दिलचस्प बात यह है कि 4 में से लगभग 3 भारतीय गेमर्स (72 प्रतिशत) का कहना है कि वे कभी भी गेमिंग स्कैम के शिकार नहीं होंगे, और आधे से अधिक (53 प्रतिशत) इस बात से सहमत हैं कि वे अपनी सुरक्षा के लिए ज्यादा विचार नहीं करते हैं।

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