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सारी दुनिया देखेगी भारत का जलवा, ऐपल ने ISRO के GPS को बनाया है iPhone 15 का हिस्सा

ऐपल ने मंगलवार को iPhone 15 सीरीज लॉन्च कर दी है, जिसमें चार मॉडल्स शामिल हैं। इस लाइनअप में कंपनी ने ISRO का नेविगेशन सिस्टम NavIC भी शामिल किया है, जिसे भारतीय संगठन ने तैयार किया है।

Pranesh Tiwari लाइव हिंदुस्तान, नई दिल्लीThu, 14 Sep 2023 10:10 AM
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कैलिफोर्निया की टेक कंपनी ऐपल ने बीते मंगलवार को अपना लेटेस्ट iPhone 15 लाइनअप लॉन्च कर दिया है। इसमें iPhone 15, iPhone 15 Plus, iPhone 15 Pro और iPhone 15 Pro Max कुल चार मॉडल्स शामिल हैं। इन डिवाइसेज को USB टाइप-C पोर्ट से लेकर नए फीचर्स और कैमरा अपग्रेड्स दिए गए हैं। प्रो मॉडल्स को ऐपल टाइटेनियम बॉडी के साथ लेकर आया है। इन्हें मिले अपग्रेड्स में से एक भारतीय संगठन ISRO से जुड़ा है और देसी नेविगेशन सिस्टम को भी नए आईफोन मॉडल्स का हिस्सा बनाया गया है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने हाल ही में चंद्रयान 3 के जरिए चांद की सतह पर भारत को पहुंचाकर देश का गौरव बढ़ाया है और अब इसके GPS को iPhone 15 मॉडल्स का हिस्सा बनाया गया है। iPhone 15 सीरीज में ऐपल ने प्रिसीजन डुअल-फ्रीक्वेंसी GPS (GPS, GLONASS, Galileo, QZSS, BeiDou और NavIC) डिजिटल कंपास Wi-Fi सेल्युलर, iBeacon माइक्रो-लोकेशन शामिल किया है, जिससे यूजर्स के लिए लोकेशन ट्रैकिंग आसान हो सके। इनमें से NavIC को ISRO की टीम ने डिवेलप किया है। 

आखिर क्या है यह NavIC सिस्टम? 
देश में पोजीशनिंग और नेविगेशन जैसी जरूरतों के लिए विदेशी सेवाओं पर निर्भरता खत्म करने के लिए ISRO की ओर से स्वदेशी रीजनल नेविगेशन सिस्टम तैयार किया गया है। इसे नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन (NavIC) नाम दिया गया है। पहले इस पोजीशनिंग सेवा का नाम इंडियन रीजनल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (IRNSS) था। यह पोजीशनिंग और नेविगेशन सिस्टम 7 सैटेलाइट्स और एक ग्राउंड स्टेशन के साथ डिजाइन किया गया है, जो 24 घंटे हफ्ते में सातों दिन ऐक्टिव रहता है। इस तरह जरूरत पड़ने पर पोजीशनिंग, नेविगेशन और लोकेशन ट्रैकिंग आसानी से की जा सकती है।  

देश के बाहर भी है NavIC की कवरेज
NavIC की ओर से दो तरह की सेवाएं दी जाती हैं, जिनमें से पहले स्टैंडर्ड पोजीशनिंग सर्विस (SPS) आम नागरिकों के लिए है और दूसरी रिस्ट्रिक्टेड सर्विस (RS) का इस्तेमाल सैन्य व सुरक्षा संबंधी गतिविधियों के लिए किया जाता है। इसका कवरेज क्षेत्र सिर्फ भारत ही नहीं, देश की सीमाओं से 1500 किलोमीटर बाहर तक है। NavIC सिग्नल्स 20 मीटर तक की सटीकता से पोजीशन और 50 नैनोसेकेंड सटीकता से समय बता सकते हैं। इन्हें अन्य ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) सिग्नल्स (जैसे- GPS, Glonass, Galileo और BeiDou) के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है। 

iPhone 15 में क्यों किया गया शामिल?
भले ही NavIC को भारत में तैयार किया गया हो लेकिन यह ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) का हिस्सा बनकर सटीक ट्रैकिंग में मदद करता है। ऐपल चाहता है कि उसके डिवाइसेज के साथ यूजर्स को GPS से जुड़ी बेस्ट ट्रैकिंग का फायदा मिले और यही वजह है कि उसने ढेरों पोजीशनिंग और नेविगेशन सिग्नल्स इस्तेमाल करने की क्षमता इसके डिवाइसेज में दी है। सभी iPhone 15 मॉडल्स में आपात स्थिति में सेल्युलर नेटवर्क ना होने पर सैटेलाइट ट्रैकिंग के जरिए मदद मंगवाने का फीचर भी दिया गया है। यानी यूजर्स की ऐसी ट्रैकिंग और पोजीशनिंग उनकी जान बचाने के काम आ सकती है।

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