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Hindi News गैजेट्स'कई यंग एज ब्रांड्स चाइनीज कंपनियों को दे रहे कड़ी टक्कर, 3-4 साल में हमें होगा बड़ा फायदा'

'कई यंग एज ब्रांड्स चाइनीज कंपनियों को दे रहे कड़ी टक्कर, 3-4 साल में हमें होगा बड़ा फायदा'

कई यंग एज ब्रांड्स अब चाइनीज कंपनियों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। सरकार जिस हिसाब से इंडस्ट्री को बढ़ावा दे रही है, अगले 3-4 साल में हम बेहतर स्थिति में होंगे। यह कहना है कि एम्ब्रेन इंडिया के MD का।

'कई यंग एज ब्रांड्स चाइनीज कंपनियों को दे रहे कड़ी टक्कर, 3-4 साल में हमें होगा बड़ा फायदा'
Vishnuलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीTue, 06 Dec 2022 02:00 PM
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जहां जिस चीज का इनोवेशन होता है, उसे उसका फायदा मिलता है। आज की तारीख में चीन पूरी दुनिया के लिए इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग हब है, इसलिए वह मजबूत स्थिति में है। देश के कई यंग एज ब्रांड्स अब चाइनीज कंपनियों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। सरकार जिस हिसाब से इंडस्ट्रीज को बढ़ावा दे रही है, अगले 3-4 साल में हम बेहतर स्थिति में होंगे। यह कहना है कि एम्ब्रेन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर अशोक राजपाल का। लाइव हिंदुस्तान के साथ बातचीत में राजपाल ने एम्ब्रेन इंडिया की बिजनेस स्ट्रैटेजी, एक्सपैंशन और फ्यूचर प्लान्स के साथ इंडस्ट्री से जुड़े कई मुद्दों पर बातचीत की। 

क्वॉलिटी, R&D पर फोकस करने वाले ब्रांड्स ही टिकेंगे
स्मार्टवॉच, ईयरबड्स मार्केट में ब्रांड्स की बाढ़ सी आ गई है। क्या इंडियन मार्केट में इतना पोटेंशल है? इस सवाल पर अशोक राजपाल ने कहा कि हमारे यहां दुनिया की सबसे यंग पॉप्युलेशन है। टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है। लोग 1-2 साल से ज्यादा फोन नहीं रख पाते हैं। गैजेट्स का लाइफ साइकल भी बहुत ज्यादा नहीं है। अगर स्मार्टवॉच की बात करें तो 1.3 इंच से इनकी शुरुआत हुई और अब ये 1.8 इंच स्क्रीन के साथ आ रही हैं। स्मार्टवॉच में ब्लूटूथ कॉलिंग का भी फीचर आ गया है। भारतीय बाजार की बात करें तो यहां संभावनाओं का दायरा व्यापक है। जो ब्रांड्स क्वॉलिटी और आरएंडडी (R&D) पर फोकस करेंगे, वही लंबी दौड़ में टिक पाएंगे। राइट प्राइस पर राइट प्रॉडक्ट्स लाना, यह जरूरी है। 

स्मार्टवॉच कैटेगरी में टॉप-5 ब्रांड्स बनने का टारगेट
कंपनियां लगातार अपना पोर्टफोलियो एक्सपैंड कर रही हैं। क्या एम्ब्रेन का ऐसा कोई प्लान है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि अगले 2-3 साल में हम चार्जिंग पोर्टफोलियो पर फोकस करेंगे। अगर स्मार्टवॉच सेगमेंट की बात करें तो इस कैटेगरी में हम टॉप-5 ब्रांड्स की लिस्ट में शामिल होने का टारगेट लेकर चल रहे हैं। इसके बाद दूसरे गैजेट्स पर हमारा फोकस होगा।

5G से बढ़ेगा बैटरी कंज्म्प्शन, इससे पावर बैंक इंडस्ट्री को फायदा
एम्ब्रेन की पहचान भरोसेमंद पावर बैंक ब्रांड्स के रूप में रही है। अब जबकि मोबाइल कंपनियां फोन की बैटरी और फास्ट चार्जिंग पर फोकस कर रही हैं, ऐसे में पावर बैंक बिजनेस एकदम से बैकग्राउंड पर चला गया है? इस के जवाब में उन्होंने बताया कि कंपनियों ने स्मार्टफोन की बैटरी पर फोकस बढ़ाया है और निश्चित रूप से इससे बदलाव आया है। दरअसल, जब हम ट्रेवल करते हैं तब हमें पावर बैंक की जरूरत पड़ती है। पिछले करीब 2 साल में लोगों का ट्रेवल काफी सीमित रहा है। अब 5G के आने से बैटरी कंज्म्प्शन ज्यादा होगा, उससे पावर बैंक को निश्चित रूप से फायदा होगा।     

आगे चलकर IoT प्रॉडक्ट्स पर करेंगे फोकस 
एम्ब्रेन के 10 साल के कारोबारी सफर के बारे में अशोक राजपाल ने बताया कि हमारा अब तक का सफर शानदार रहा है। हमने शुरुआत में पावर बैंक पर फोकस किया और इस सेगमेंट में हमारी हिस्सेदारी 45-50 पर्सेंट है। चार्जिंग, स्मार्टवॉच, पावर बैंक, साउंड बार में हमारा परफॉर्मेंस बहुत अच्छा है। आगे चलकर हम IoT प्रॉडक्ट्स पर फोकस करेंगे। 

शॉपिंग से पहले अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर रिव्यू रेटिंग देखते हैं कंज्यूमर्स 
इंडियन कंज्यूमर्स के मिजाज के बारे में उन्होंने बताया कि कस्टमर्स अब ज्यादा इंटेलीजेंट और इंफॉर्म्ड हैं। कोई भी प्रॉडक्ट खरीदने से पहले कंज्यूमर्स अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर रिव्यू रेटिंग देखते हैं। उन्होंने बताया कि कंज्यूमर्स प्राइस सेंसिटिव तो हैं, लेकिन वह अच्छी क्वॉलिटी भी चाहते हैं। राजपाल ने बताया कि मेड इन चाइना प्रॉडक्ट्स को लेकर जो परसेप्शन था, अब वह चेंज हुआ है। लोगों को प्रॉडक्ट्स में कोई प्रॉब्लम आती है तो उसे वापस कर देते हैं। प्रॉडक्ट ही मार्केट में आपकी पहचान बनाते हैं। 

ट्रेडिशनल प्रॉडक्ट्स के लिए ऑफलाइन ज्यादा बेहतर प्लैटफॉर्म
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स किस तरह ऑफलाइन मार्केट पर असर डाल रहे हैं? इस पर उन्होंने बताया कि पिछले 20 साल में जो मोबिलिटी बढ़ी है, उससे चीजें बहुत बदली हैं। मार्केट में टेक्नोलॉजी बदलने के साथ ट्रांसफॉर्मेशन हुआ है। ऑनलाइन की वजह से लोगों में प्रॉडक्ट अवेयरनेस ज्यादा होती है। ऑनलाइन इंडस्ट्री प्रॉडक्ट को एक्सप्लेन कर पाते हैं। वहीं, ट्रेडिशनल प्रॉडक्ट्स के लिए ऑफलाइन ज्यादा बेहतर प्लैटफॉर्म है। 

सेमीकंडक्टर और बैटरी के लिए अभी हम चीन पर निर्भर 
सरकार की तरफ से मिलने वाले सपोर्ट के बारे में राजपाल ने बताया कि सरकार अपने लेवल जो कर रही है, वह बहुत अच्छा है। सरकार को कुछ बड़े प्लांट्स के लिए अप्रोच करना चाहिए। सरकार जो भी इनसेंटिव और PLI देना चाहती हैं, उसे जल्दी से जल्दी लाना चाहिए। अगर फैक्ट्री लगेंगी तो उनका इकोसिस्टम तैयार होगा। सेमीकंडक्टर और बैटरी के लिए हम चीन पर निर्भर हैं। बैटरी के कुछ प्लांट्स जरूर लगे हैं, लेकिन वह अभी घरेलू मार्केट की जरूरत ही नहीं पूरी कर पा रहे हैं।

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