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Hindi News गैजेट्स₹100 रिफंड लेने के चक्कर में शख्स ने गवाएं 5 लाख, Uber टैक्सी से जुड़ा है मामला; पढ़ें और बचें

₹100 रिफंड लेने के चक्कर में शख्स ने गवाएं 5 लाख, Uber टैक्सी से जुड़ा है मामला; पढ़ें और बचें

अगर आप भी रोजाना यात्रा के लिए Ola-Uber जैसी टैक्सी का यूज करते हैं तो सावधान। हाल ही में एक शख्स ने 100 रुपये रिफंड लेने के चक्कर में 5 लाख रुपये गवां गिए। यह मामला Uber टैक्सी से जुड़ा है। डिटेल

₹100 रिफंड लेने के चक्कर में शख्स ने गवाएं 5 लाख, Uber टैक्सी से जुड़ा है मामला; पढ़ें और बचें
Arpit Soniलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 22 Nov 2023 06:03 PM
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अगर आप भी रोजाना यात्रा के लिए Ola-Uber जैसी टैक्सी का यूज करते हैं तो सावधान। हाल ही में एक शख्स ने 100 रुपये रिफंड लेने के चक्कर में 5 लाख रुपये गवां गिए। यह मामला Uber टैक्सी से जुड़ा है। अगर आप भी कहीं आने-जाने के लिए उबर टैक्सी का यूज करते हैं तो यह खबर आपके लिए है ताकि आप कभी ऐसी गलती न करें। दरअसल, उबर ट्रिप के लिए 100 रुपये अतिरिक्त वसूलने पर एक व्यक्ति उस समय धोखे का शिकार हो गया जब उसने गूगल पर लिस्टेड कस्टमर केयर नंबर से मदद मांगी। चौंकाने वाली बात यह है कि शख्स ने जो नंबर खोजा, वो फर्जी निकला, जिससे ऑनलाइन घोटाले में उसे पांच लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। डिटेल में पढ़िए पूरा मामला...

आईएएनएस को मिली एफआईआर के अनुसार, एसजे एन्क्लेव में रहने वाले प्रदीप चौधरी नाम के शख्स ने 205 रुपये में गुरुग्राम के लिए कैब ली, लेकिन उबर ने उससे 318 रुपये वसूले।

पीड़ित ने कर दी थी यह गलती
अपनी शिकायत में, चौधरी ने कहा: "ड्राइवर ने सुझाव दिया कि मैं कस्टमर केयर पर कॉल करके रिफंड प्राप्त कर सकता हूं। मैंने गूगल से नंबर प्राप्त किया, '6289339056,' जो '6294613240' पर रीडायरेक्ट हुआ, और फिर राकेश मिश्रा को '9832459993' पर रीडायरेक्ट किया गया।"

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चौधरी ने कहा "इसके बाद, उन्होंने मुझे गूगल प्ले स्टोर से 'रस्ट डेस्क ऐप (Rust Desk app)' डाउनलोड करने का निर्देश दिया। उसके बाद, उन्होंने मुझे PayTM खोलने और रिफंड राशि के लिए 'rfnd 112' मैसेज भेजने के लिए कहा। जब उनसे मेरा फोन नंबर उपलब्ध कराने के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने दावा किया कि यह अकाउंट वेरिफिकेशन के लिए था''

“शुरुआत में, 83,760 रुपये अतुल कुमार को ट्रांसफर किए गए, इसके बाद चार लाख रुपये, 20,012 रुपये, 49,101 रुपये और अन्य चार लेनदेन किए गए। शिकायतकर्ता के अनुसार, तीन लेनदेन पेटीएम के माध्यम से और एक पीएनबी बैंक के माध्यम से किया गया था।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि उन्होंने आईपीसी की धारा 420 और इंफॉर्मेंशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 66D के तहत एक एफआईआर दर्ज की है, जिसकी जांच चल रही है।

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