24 घंटे आपकी लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं ऐप्स, फौरन बदलें ये स्मार्टफोन सेटिंग्स

Pranesh Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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कई ऐप्स आपकी जानकारी के बिना बैकग्राउंड में लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं। एंड्रॉयड और iPhone में कुछ आसान सेटिंग्स बदलकर आप अपनी प्राइवेसी, बैटरी और डाटा तीनों को बेहतर ढंग से सेफ रख सकते हैं।

24 घंटे आपकी लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं ऐप्स, फौरन बदलें ये स्मार्टफोन सेटिंग्स

स्मार्टफोन्स अब हमारी जिंदगी का जरूरी हिस्सा बन चुके हैं। हम कहां जाते हैं, क्या खरीदते हैं, किस रास्ते से सफर करते हैं और किन जगहों पर सबसे ज्यादा वक्त बिताते हैं, इन सभी जानकारियों का बड़ा हिस्सा हमारे फोन में सेव होता रहता है। हालांकि, क्या आपने कभी सोचा है कि आपके फोन की तरह कई ऐप्स भी आपकी लोकेशन पर लगातार नजर रख सकते हैं, वह भी तब जब आप उन्हें इस्तेमाल नहीं कर रहे होते। इस बारे में सावधानी बरतना और जरूरी बदलाव करना अब महत्वपूर्ण हो गया है।

साल 2026 में डिजिटल प्राइवेसी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच टेक एक्सपर्ट्स और साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स स्मार्टफोन यूजर्स को अपने लोकेशन सेटिंग्स में बदलाव करने की सलाह दे रहे हैं। अच्छी बात यह है कि ऐप्स की इस बैकग्राउंड ट्रैकिंग को रोकने में पांच मिनट से भी कम वक्त लगता है और इससे आपकी प्राइवेसी, बैटरी लाइफ और मोबाइल डाटा तीनों को इससे फायदा हो सकता है।

ऐप्स क्यों ट्रैक करते हैं आपकी लोकेशन?

कई ऐप्स को सही तरीके से काम करने के लिए लोकेशन एक्सेस की जरूरत होती है। उदाहरण के लिए, मैप्स ऐप्स को डायरेक्शन बताने के लिए, कैब बुकिंग ऐप्स को आपकी पिकअप लोकेशन जानने के लिए और मौसम से जुड़े ऐप्स को मौसम की जानकारी देने के लिए आपकी लोकेशन चाहिए होती है। हालांकि, दिक्कत तब शुरू होती है जब कुछ सोशल मीडिया, शॉपिंग और एडवर्टाइजमेंट बेस्ड ऐप्स आपकी लोकेशन को उस समय भी ट्रैक करते रहते हैं, जब आप उन्हें ऐक्टिवली यूज नहीं कर रहे होते।

ट्रैकिंग डाटा की मदद से कंपनियां आपको टारगेटेड ऐड दिखाती हैं, आसपास के स्टोर दिखाती हैं और आपकी रोज की ऐक्टिविटी का पैटर्न तैयार कर सकती हैं। प्राइवेसी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ज्यादातर यूजर्स ऐप इंस्टॉल करते समय जल्दबाजी में ‘Allow Always’ ऑप्शन चुन लेते हैं और बाद में कभी इन सेटिंग्स को दोबारा नहीं देखते।

एंड्रॉयड यूजर्स ऐसे रोकें लोकेशन ट्रैकिंग

अगर आप एंड्रॉयड फोन यूज करते हैं, तो सबसे पहले फोन की Settings में जाएं। इसके बाद Location ऑप्शन ओपेन करें और App Location Permissions पर टैप करें। यहां आपको उन सभी ऐप्स की लिस्ट दिखाई देगी, जिन्हें आपकी लोकेशन तक पहुंच मिली हुई है। हर ऐप के सामने ‘All the time’, ‘Only while using the app’ और ‘Not allowed’ जैसे ऑप्शंस दिखाई देंगे।

ऐप्स को लगातार आपकी लोकेशन जानने की जरूरत नहीं है, उनके लिए ‘Only while using the app’ चुनें या फिर पूरी तरह से एक्सेस हटा दें। इसके अलावा Google का Privacy Dashboard भी देख सकते हैं, जहां हाल ही में लोकेशन का इस्तेमाल करने वाले ऐप्स की जानकारी मिल जाती है।

iPhone यूजर्स के लिए आसान तरीका

अगर आपके पास iPhone है, तो Settings में जाकर Privacy & Security सेक्शन ओपेन करें और Location Services पर टैप करें। इसके बाद किसी भी ऐप को चुनकर उसकी लोकेशन परमिशन को ‘Always’ से बदलकर ‘While Using the App’ या ‘Never’ कर सकते हैं। Apple एक और फीचर भी देता है, जिसका नाम Precise Location है। इसे बंद करने पर ऐप्स को आपकी सटीक लोकेशन नहीं बल्कि केवल आपके क्षेत्र की जानकारी मिलती है।

Pranesh Tiwari

लेखक के बारे में

Pranesh Tiwari

प्राणेश वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे पिछले चार वर्षों से टेक्नोलॉजी सेक्शन का अहम हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में आठ वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने पूरे करियर में साइंस और टेक्नोलॉजी की जटिलताओं को आम पाठकों के लिए सरल, सहज और रोचक भाषा में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया है।

विशेषज्ञता और कार्यशैली
प्राणेश की विशेषज्ञता गैजेट्स, टेक इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषयों में है। वे तकनीकी बारीकियों और कठिन शब्दावली को इस तरह प्रस्तुत करते हैं कि एक सामान्य पाठक भी तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया को आसानी से समझ सके। लेटेस्ट गैजेट्स का रिव्यू करना और नए मोबाइल ऐप्स के फीचर्स को आजमाना उनके काम का पसंदीदा हिस्सा है। उनकी लेखन शैली में स्पष्टता, रिसर्च और कहानी कहने का संतुलन देखने को मिलता है।

अब तक का सफर और उपलब्धियां
प्राणेश ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से की। इसके बाद उन्होंने न्यूजबाइट्स (NewsBytes) में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में काम किया, जहां उन्होंने तकनीकी रिपोर्टिंग में अपनी अलग पहचान बनाई। वे भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं और अपनी प्रतिभा के लिए प्रतिष्ठित PTI अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं।

लेखन और व्यक्तिगत रुचियां
पत्रकारिता के साथ-साथ प्राणेश एक संवेदनशील और रचनात्मक लेखक भी हैं। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने ‘सिर्फ दोस्त: नए जमाने की प्रेम कहानियां’ नामक लघुकथा संग्रह लिखा, जिसमें रिश्तों की बारीकियों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है।

उन्हें स्मार्टफोन, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन से जुड़े विषयों पर गहराई से रिसर्च करना और पढ़ना पसंद है। काम के अलावा, उन्हें यात्रा करना भी बेहद पसंद है। उनके लिए यात्राएं केवल सुकून का जरिया नहीं, बल्कि नए अनुभवों और कहानियों को खोजने का तरीका हैं।

चाहे वह किसी नए AI टूल की पड़ताल हो या किसी अनदेखी जगह की यात्रा.. प्राणेश का लक्ष्य हमेशा एक बेहतरीन कहानी बुनना ही होता है।

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