इंटरनेट के बिना चलेगा AI! भारत के Sarvam Edge ने टेक दुनिया में मचा दी हलचल

Feb 16, 2026 06:46 pm ISTPranesh Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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Sarvam AI ने Sarvam Edge लॉन्च किया है, जो स्मार्टफोन और लैपटॉप पर बिना इंटरनेट के AI सेवाएं देता है। यह ऑन-डिवाइस प्लेटफॉर्म तेज, सेफ और भारतीय भाषाओं के लिए खासतौर से डिजाइन किया गया है।

इंटरनेट के बिना चलेगा AI! भारत के Sarvam Edge ने टेक दुनिया में मचा दी हलचल

भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दुनिया में एक बड़ा कदम उठाया गया है और देसी कंपनी Sarvam AI ने अपना नया ऑन-डिवाइस प्लेटफॉर्म Sarvam Edge लॉन्च कर दिया है। यह ऐसा AI मॉडल है जो स्मार्टफोन और लैपटॉप पर बिना इंटरनेट कनेक्शन के काम कर सकता है। ऐसे समय में जब ज्यादातर AI सेवाएं क्लाउड पर निर्भर हैं, Sarvam Edge का ऑफलाइन काम करना इसे अलग और खास बनाता है।

आमतौर पर जब हम किसी AI टूल का उपयोग करते हैं, जैसे स्पीच-टू-टेक्स्ट, ट्रांसलेशन या टेक्स्ट-टू-स्पीच, तो हमारा डाटा इंटरनेट के जरिए सर्वर पर जाता है, जहां प्रोसेसिंग होती है। वहीं, Sarvam Edge में पूरी प्रोसेसिंग डिवाइस के अंदर ही होती है। इसका सबसे बड़ा फायदा बेहतर प्राइवेसी और फास्ट रिस्पॉन्स टाइम है। यूजर्स का डाटा किसी बाहरी सर्वर पर नहीं जाता, जिससे डाटा लीक का खतरा कम हो जाता है।

भारतीय भाषाओं पर खास फोकस

Sarvam Edge को खास तौर से भारतीय यूजर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह कई भारतीय भाषाओं में स्पीच रिकग्निशन और टेक्स्ट-टू-स्पीच सपोर्ट देता है। इसके अलावा, यह अलग-अलग भाषाओं के बीच दो-तरफा ट्रांसलेशन (bidirectional translation) भी कर सकता है। मजेदार बात यह है कि इसमें ऑटोमैटिक लैंग्वेज डिटेक्शन फीचर भी है, यानी यूजर्स को पहले से भाषा चुनने की जरूरत नहीं पड़ती।

भारत जैसे बहुभाषी देश में, जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी हर जगह एक जैसी नहीं है, यह टेक्नोलॉजी खास मायने रखती है। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में भी लोग AI बेस्ड सुविधाओं और सेवाओं का फायदा उठा सकेंगे।

इसलिए बड़ा माना जा रहा है यह कदम

आज की डिजिटल दुनिया में डाटा प्राइवेसी एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। Sarvam Edge का ऑन-डिवाइस मॉडल इस चिंता को काफी हद तक कम करता है। साथ ही, नेटवर्क की स्लो स्पीड या इंटरनेट ना होने की स्थिति में भी AI सेवाओं का इस्तेमाल संभव हो सकता है। इसके अलावा, यह पहल भारत में ‘स्वदेशी AI’ के विचार को भी मजबूत करती है। यानी ऐसी टेक्नोलॉजी जो भारत में विकसित हो, भारतीय जरूरतों के हिसाब से डिजाइन की गई हो और स्थानीय भाषाओं को ज्यादा महत्व देती हो।

साफ है कि Sarvam Edge केवल एक प्रोडक्ट लॉन्च नहीं, बल्कि एक संकेत है कि भारत अब AI टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगर यह मॉडल बड़े स्तर पर अपनाया जाता है, तो आने वाले समय में स्मार्टफोन और लैपटॉप पर AI का एक्सपीरियंस पूरी तरह बदल सकता है।

Pranesh Tiwari

लेखक के बारे में

Pranesh Tiwari

प्राणेश तिवारी पिछले चार साल से लाइव हिन्दुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर टेक्नोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश, आठ साल से ज्यादा वक्त से साइंस और टेक्नोलॉजी की दुनिया को शब्दों में ढाल रहे हैं। गैजेट्स इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उनकी एक्सपर्टीज हैं, जहां वह मुश्किल टेक्नोलॉजी को सरल और असरदार भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं। लेटेस्ट गैजेट्स रिव्यू करना और नए ऐप्स पर वक्त बिताना उन्हें जॉब का पसंदीदा हिस्सा लगता है।
करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से करने वाले प्राणेश ने न्यूजबाइट्स में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में भी भूमिका निभाई। लॉकडाउन में 'सिर्फ दोस्त: नए जमाने की प्रेम कहानियां' लघुकथा संग्रह भी लिखा। IIMC, नई दिल्ली में PTI अवॉर्ड से सम्मानित प्राणेश ने स्मार्टफोन, AI, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन जैसे विषयों पर गहराई से तथ्यात्मक रिपोर्टिंग की है। काम के अलावा उन्हें लिखना और सफर करना पसंद है, दोनों ही उनके लिए दुनिया को समझने और कहानियों में बदलने का जरिया हैं।

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