काम की बात: हैकिंग और फिशिंग अटैक से बचाएगा ChatGPT का नया फीचर, ऐसे करें ऑन, स्टेप्स
OpenAI ने ChatGPT यूजर्स के लिए एक नया सिक्योरिटी फीचर लॉन्च किया है, जिसका नाम 'Advanced Account Security' है। यह उन यूजर्स के लिए एक ऑप्शनल सेटिंग है, जो हैकिंग और फिशिंग अटैक से ज्यादा मजबूत सुरक्षा चाहते हैं।

सैम ऑल्टमैन की कंपनी OpenAI ने ChatGPT यूजर्स के लिए एक नया सिक्योरिटी फीचर लॉन्च किया है, जिसका नाम 'Advanced Account Security' है। यह उन यूजर्स के लिए एक ऑप्शनल सेटिंग है, जो हैकिंग और फिशिंग अटैक से ज्यादा मजबूत सुरक्षा चाहते हैं। इस नए फीचर के जरिए, कंपनी, यूजर्स के अकाउंट्स को ज्यादा सुरक्षित और हैक करना ज्यादा मुश्किल बनाने की कोशिश कर रही है। कैसे काम करता है नया फीचर, चलिए एक नजर डालते हैं सामने आई डिटेल्स पर...
ओपनएआई ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, "आज हम 'एडवांस्ड अकाउंट सिक्योरिटी' पेश कर रहे हैं। यह चैटजीपीटी अकाउंट्स के लिए एक नई 'ऑप्ट-इन' सेटिंग है, जिसे उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जिन पर डिजिटल अटैक का ज्यादा खतरा है, और साथ ही उन लोगों के लिए भी जो अपने अकाउंट के लिए उपलब्ध सबसे मजबूत सुरक्षा चाहते हैं।"
“यह सुरक्षा के कुछ ऐसे कड़े उपाय एक साथ लाता है, जो अकाउंट पर किसी और के कब्जे (account takeover) से बचाने में मदद करते हैं, साथ ही, इन सुरक्षा उपायों को एक ही जगह से चालू करना भी आसान बना देते हैं। एक बार एनरोल होने के बाद, एडवांस्ड अकाउंट सिक्योरिटी, कोडेक्स में भी यूजर्स को सुरक्षा देता है।”
ऐसे काम करता है सिक्योरिटी फीचर
ओपनएआई का कहना है कि एडवांस्ड अकाउंट सिक्योरिटी कई कंट्रोल्स को एक साथ लाती है जो साइन-इन प्रोटेक्शन को मजबूत करते हैं, अकाउंट रिकवरी को मजबूत करते हैं, समझौता किए गए सेशन से होने वाले जोखिम को कम करते हैं और यूजर्स को अकाउंट एक्टिविटी में ज्यादा विजिबिलिटी प्रदान करते हैं।
इसे वेब पर यूजर्स के चैटजीपीटी अकाउंट के 'Security' सेक्शन में जाकर चुना जा सकता है। यह सुरक्षा, चैटजीपीटी और कोडेक्स - दोनों ही अकाउंट्स पर लागू होती है, जिन्हें उस लॉगिन के जरिए एक्सेस किया जाता है।
कंपनी के अनुसार, सबसे बड़ा बदलाव लॉगिन सिस्टम में हुआ है। अगर आप 'एडवांस्ड अकाउंट सिक्योरिटी' चालू करते हैं, तो आप अब पासवर्ड का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इसके बजाय, आपको पास-की या फिजिकल सिक्योरिटी-की का इस्तेमाल करना होगा। ये ज्यादा सुरक्षित हैं, क्योंकि इन्हें फिशिंग के जरिए आसानी से चुराया नहीं जा सकता।
अकाउंट रिकवरी में भी एक बड़ा बदलाव आया है। पहले, यूजर्स ईमेल या एसएमएस का इस्तेमाल करके अपना अकाउंट रिकवर कर सकते थे। अब यह ऑप्शन हटा दिया गया है। अब आपको बैकअप पासकी, सिक्योरिटी-की या रिकवरी-की की जरूरत होगी।
OpenAI ने साफ तौर पर कहा है कि अगर आप इन्हें खो देते हैं, तो उनकी सपोर्ट टीम भी आपके अकाउंट को रिकवर नहीं कर पाएगी। इसलिए, इसे सेट अप करते समय यूजर्स को सावधान रहने की जरूरत है।
यह फीचर एक्टिव सेशन से होने वाले जोखिम को भी कम करता है। लॉगिन सेशन जल्दी खत्म हो जाएंगे, और अगर कोई आपके अकाउंट में लॉगिन करता है, तो आपको अलर्ट मिलेंगे। आप उन सभी डिवाइस को देख और मैनेज भी कर सकते हैं, जिन पर आपका अकाउंट एक्टिव है।
एक और उपयोगी फीचर है प्राइवेसी। अगर आप इस फीचर को चालू करते हैं, तो आपकी चैट्स का इस्तेमाल AI मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए नहीं किया जाएगा। यह उन लोगों के लिए मददगार है जो संवेदनशील जानकारी के साथ काम करते हैं। ओपनएआई ने Yubico के साथ भी पार्टनरशिप की है, ताकि YubiKey जैसी हार्डवेयर सिक्योरिटी कीज उपलब्ध कराई जा सकें।
एनरोल कैसे करें
- वेब पर ChatGPT सेटिंग्स पर जाएं।
- Security सेक्शन खोलें।
- Advanced Account Security ऑन करें।
- Passkeys या Security Key सेट करें।
यह फीचर अब उन यूजर्स के लिए उपलब्ध है जो अतिरिक्त सुरक्षा चाहते हैं। हालांकि, कुछ एडवांस्ड साइबर सुरक्षा यूजर्स के लिए, यह 1 जून, 2026 से अनिवार्य हो जाएगा।
लेखक के बारे में
Arpit Soniअर्पित सोनी को शुरुआत से ही नए-नए गैजेट्स को एक्सप्लोर करने और उन्हें आजमाने का शौक रहा है। अब अर्पित ने अपनी इस हॉबी को ही अपना पेशा बना लिया है। भोपाल के रहने वाले अर्पित को नए-नए गैजेट्स का रिव्यू करना और उनके बारे में लिखना काफी पसंद है। टेक्नोलॉजी, रोबोट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इनसे जुड़ी खबरें लिखना भी इन्हें काफी भाता है। लाइव हिन्दुस्तान में अर्पित पिछले चार साल से बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें करीब 9 साल का अनुभव है। अर्पित ने मीडिया जगत में शुरुआत एक रीजनल चैनल से की थी। इससे बाद उन्होंने नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर की गैजेट्स बीट में काम किया। अर्पित की स्कूलिंग भोपाल से हुई है। उन्होंने कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की है। मीडिया में झुकाव के चलते उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से पोस्ट ग्रेजुएशन करके मीडिया जगत में एंट्री की। मीडिया में इन्हें आठ साल से ज्यादा समय हो चुके हैं और सफर अभी जारी है। गैजेट्स के अलावा, इन्हें नई-नई जगहों पर घूमना और उनके बारे में जानने का भी बहुत शौक है।
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