सिर्फ 'मेक इन इंडिया' नहीं, 'इनोवेट इन इंडिया' ही बनेगा ग्लोबल पहचान: रितेश गोयनका

Pranesh Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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भारतीय एक्सेसरी ब्रैंड JUST CORSECA ‘Innovate in India’ के विजन के साथ भारतीय टेक इंडस्ट्री में क्वॉलिटी और डिजाइन की नई पहचान बना रहा है। लाइव हिन्दुस्तान ने कंपनी के ग्रुप MD रितेश गोयनका से इस बारे में बात की। 

सिर्फ 'मेक इन इंडिया' नहीं, 'इनोवेट इन इंडिया' ही बनेगा ग्लोबल पहचान: रितेश गोयनका

भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में जहां ज्यादातर ब्रैंड्स कीमत की होड़ में उलझे हुए हैं, वहीं एक्सेसरीज ब्रैंड JUST CORSECA ने एक अलग रास्ता चुना है, जहां क्वॉलिटी, इनोवेशन और लॉन्ग-टर्म वैल्यू दिखती है। इस बारे में बेहतर समझने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ने कंपनी के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर, रितेश गोयनका से बात की। उनके लिए JUST CORSECA ब्रैंड के लिए यह सिर्फ बिजनेस नहीं, बल्कि एक बड़े स्वदेशी इकोसिस्टम को बनाने का विजन है। 80 साल की पारिवारिक विरासत और दो दशकों के एक्सपीरियंस के साथ, उनका फोकस साफ है कि "सिर्फ ‘मेक इन India’ नहीं, अब ‘इनोवेट इन India’ ही देश की असली पहचान बनेगा।"

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ऐसे हुई JUST CORSECA की शुरुआत

JUST CORSECA की शुरुआत एक सुझाव से हुई थी, लेकिन इसे एक मजबूत ब्रैंड बनाने के पीछे रेवन्यू से ज्यादा क्वॉलिटी देने की सोच थी। रितेश का कहना है कि टेक वर्ल्ड में उनके लिए बिजनेस साल 2001 में कंप्यूटर पार्ट्स ट्रेडिंग से शुरू हुआ, लेकिन जल्द ही यह एहसास हुआ कि ट्रेडिंग से सिर्फ टर्नओवर बनता है, वैल्यू नहीं। साल 2007 में चीन के दौरे ने यह सोच और मजबूत कर दी कि असली ताकत मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइन में है।

साल 2013 में लिया गया एक बड़ा फैसला उनके सफर का टर्निंग पॉइंट बना, जब कंपनी ने Dell के साथ अपनी पार्टनरशिप खत्म कर दी और पूरी तरह OEM मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़ गई। यह कदम जोखिम भरा जरूर था, लेकिन इसी ने उन्हें नई पहचान दी- दशक के आखिर में एक ऐसे ब्रैंड की पहचान, जो अपने प्रोडक्ट्स खुद डिजाइन करता है, R&D में निवेश करता है और ग्राहकों को लंबे समय तक चलने वाले प्रोडक्ट्स देता है।

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ऑडियो कैटेगरी पर है प्राइमरी फोकस

आज JUST CORSECA का फोकस प्रीमियम ऑडियो कैटेगरी- स्पीकर्स और इयरबड्स पर है। रितेश ने बताया कि हर प्रोडक्ट के पीछे इन-हाउस डिजाइन, ओरिजिनल स्केच और मजबूत टूलिंग होती है। यही वजह है कि ग्राहकों से मिलने वाला फीडबैक भी अलग है और कई यूजर्स तो JUST CORSECA के प्रोडक्ट्स को 10 साल तक आराम से इस्तेमाल कर रहे हैं।

प्रीमियम कस्टमर एक्सपीरियंस देने का वादा

रितेश की सोच सिर्फ प्रोडक्ट तक सीमित नहीं है। वह अब कस्टमर एक्सपीरियंस को एक नए लेवल पर ले जाना चाहते हैं। कंपनी भारत में एक्सपीरियंस सेंटर्स शुरू करने की योजना बना रही है, जो ट्रेडिशनल स्टोर नहीं, बल्कि कैफे के तौर पर डिजाइन होंगे। इस 'Coffee with JUST CORSECA' कॉन्सेप्ट में ग्राहक आएंगे, फ्री कॉफी का इंजॉय करेंगे और CORSECA के प्रोडक्ट्स को सिर्फ देखेंगे नहीं, बल्कि महसूस करेंगे। यह एक ऐसा स्पेस होगा जहां ब्रैंड और ग्राहक के बीच एक इमोशनल कनेक्ट बनेगा।

भारत में बेहतर इकोसिस्टम बनाने की तैयारी

JUST CORSECA के विजन का एक बड़ा हिस्सा भारतीय ब्रैंड्स के लिए बेहतर इकोसिस्टम बनाना भी है। रितेश का मानना है कि मौजूदा ऑनलाइन मार्केटप्लेस भारी मार्जिन लेते हैं, जिससे ब्रैंड्स की ग्रोथ पर असर पड़ता है। उनका सुझाव है कि भारत सरकार को एक स्वदेशी ई-मार्केटप्लेस लॉन्च करना चाहिए, जहां सिर्फ भारतीय ब्रैंड्स के प्रोडक्ट्स उपलब्ध हों और जिन पर सरकार की क्वॉलिटी की गारंटी हो। इससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा और ब्रैंड्स को भी सही प्रॉफिट मिल सकेगा।

रितेश Make in India को एक महत्वपूर्ण शुरुआत मानते हैं, जिसने भारत को ग्लोबल लेवल पर पहचान दिलाई है। हालांकि, उनके अनुसार अगला कदम और भी जरूरी है, वह कहते हैं, 'हम सिर्फ असेंबली तक सीमित नहीं रह सकते, हमें इनोवेशन पर फोकस करना होगा।' JUST CORSECA इसी सोच पर काम कर रहा है, जहां हर प्रोडक्ट का डिजाइन और डेवलपमेंट इन-हाउस किया जाता है। उन्होंने बताया कि कंपनी सारे ऑडियो प्रोडक्ट्स देश में मैन्युफैक्चर भी कर रही है।

खास बात यह है कि JUST CORSECA अब USA और Spain जैसे इंटरनेशनल मार्केट्स में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है, जिससे दुनिया को यह दिखाया जा सके कि भारतीय इंजीनियरिंग और डिजाइन किसी से कम नहीं हैं। रितेश कहते हैं कि आज JUST CORSECA सिर्फ एक ऑडियो ब्रैंड नहीं है। यह एक ऐसे भारत का वादा है, जो सिर्फ गैजेट्स नहीं बनाता, बल्कि सारी दुनिया के लिए इनोवेट करता है।

Pranesh Tiwari

लेखक के बारे में

Pranesh Tiwari

प्राणेश वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे पिछले चार वर्षों से टेक्नोलॉजी सेक्शन का अहम हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में आठ वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने पूरे करियर में साइंस और टेक्नोलॉजी की जटिलताओं को आम पाठकों के लिए सरल, सहज और रोचक भाषा में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया है।

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प्राणेश की विशेषज्ञता गैजेट्स, टेक इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषयों में है। वे तकनीकी बारीकियों और कठिन शब्दावली को इस तरह प्रस्तुत करते हैं कि एक सामान्य पाठक भी तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया को आसानी से समझ सके। लेटेस्ट गैजेट्स का रिव्यू करना और नए मोबाइल ऐप्स के फीचर्स को आजमाना उनके काम का पसंदीदा हिस्सा है। उनकी लेखन शैली में स्पष्टता, रिसर्च और कहानी कहने का संतुलन देखने को मिलता है।

अब तक का सफर और उपलब्धियां
प्राणेश ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से की। इसके बाद उन्होंने न्यूजबाइट्स (NewsBytes) में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में काम किया, जहां उन्होंने तकनीकी रिपोर्टिंग में अपनी अलग पहचान बनाई। वे भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं और अपनी प्रतिभा के लिए प्रतिष्ठित PTI अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं।

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पत्रकारिता के साथ-साथ प्राणेश एक संवेदनशील और रचनात्मक लेखक भी हैं। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने ‘सिर्फ दोस्त: नए जमाने की प्रेम कहानियां’ नामक लघुकथा संग्रह लिखा, जिसमें रिश्तों की बारीकियों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है।

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चाहे वह किसी नए AI टूल की पड़ताल हो या किसी अनदेखी जगह की यात्रा.. प्राणेश का लक्ष्य हमेशा एक बेहतरीन कहानी बुनना ही होता है।

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