बड़ा झटका! 2027 तक सस्ते नहीं होंगे मोबाइल, लैपटॉप, TV; AI की वजह से बढ़ रही कीमतें, जानें क्या है पूरा मामला
स्मार्टफोन, लैपटॉप और पैड खरीदने वालों के लिए बड़ा झटका है क्योकि रिपोर्ट के मुताबिक मेमोरी चिप की कमी 2027 तक बनी रह सकती है, जिससे RAM और स्टोरेज की कीमतें बढ़ेंगी। जिससे इन प्रोडक्ट्स की कीमतें और बढ़ेंगी।

अगर आप नया स्मार्टफोन या लैपटॉप खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपको झटका देने वाली है। दरअसल आने वाले समय में टेक प्रोडक्ट्स सस्ते होने के बजाय और महंगे होने वाले हैं। वजह है ग्लोबल मेमोरी चिप की कमी, जो अब जल्द खत्म होती नजर नहीं आ रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक, RAM और स्टोरेज चिप्स की कमी 2027 तक बनी रह सकती है। इसका सीधा असर मोबाइल, लैपटॉप, गेमिंग डिवाइस और कई इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की कीमतों पर पड़ेगा।
सम्बंधित सुझाव
और मोबाइल देखें
असल में AI टेक्नोलॉजी की मांग तेजी से बढ़ रही है, और बड़ी कंपनियां ज्यादा से ज्यादा मेमोरी चिप्स AI सर्वर और डेटा सेंटर्स के लिए इस्तेमाल कर रही हैं। ऐसे में आम यूजर्स के लिए इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स की सप्लाई कम हो रही है। यही कारण है कि कंपनियां अब या तो कीमत बढ़ा रही हैं या फिर फीचर्स कम कर रही हैं। ऐसे में आने वाले समय में टेक मार्केट में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
क्यों हो रही मेमोरी चिप की कमी
मेमोरी चिप्स यानी RAM और स्टोरेज (NAND) की डिमांड पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि बाजार में कमी का माहौल बन गया है। पहले यह समस्या टेम्पररी मानी जा रही थी, लेकिन अब रिपोर्ट्स बता रही हैं कि यह स्थिति जल्दी सुधरने वाली नहीं है। मेमोरी चिप बनाने के लिए बड़े स्तर पर फैक्ट्रियां, मशीनें और समय चाहिए होता है, इसलिए प्रोडक्शन अचानक बढ़ाना आसान नहीं है।
AI की वजह से बढ़ी दिक्कत
AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, और यही इस समस्या की सबसे बड़ी वजह बन गया है। बड़ी टेक कंपनियां अपने AI मॉडल्स और डेटा सेंटर्स को चलाने के लिए हाई-एंड मेमोरी चिप्स खरीद रही हैं। ये चिप्स आम स्मार्टफोन या लैपटॉप में इस्तेमाल होने वाली चिप्स से ज्यादा एडवांस और महंगी होती हैं। ऐसे में कंपनियां अपना ज्यादा फोकस AI के लिए चिप्स बनाने पर लगा रही हैं, जिससे आम यूजर्स के लिए बनने वाली मेमोरी की सप्लाई कम हो गई है।
किन डिवाइसेज पर पड़ेगा असर
मेमोरी चिप्स हर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का अहम हिस्सा होते हैं, इसलिए इसका असर सिर्फ स्मार्टफोन तक सीमित नहीं रहेगा। मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट, गेमिंग कंसोल, स्मार्ट टीवी और यहां तक कि स्मार्ट कारों में भी RAM और स्टोरेज का इस्तेमाल होता है। जब इन चिप्स की कमी होती है, तो कंपनियों के लिए सभी प्रोडक्ट्स बनाना महंगा हो जाता है।
लेखक के बारे में
Himani Guptaहिमानी गुप्ता लाइव हिन्दुस्तान में गैजेट्स सेक्शन से जुड़ी हुई हैं और 2020 से इस संस्थान का हिस्सा हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें करीब 12 साल का अनुभव है। इससे पहले वह नेटवर्क 18 में गैजेट्स और बिजनेस सेक्शन देखती रही हैं, जहां बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें दो बार बेस्ट परफॉर्मर ऑफ द मंथ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। नेटवर्क 18 से पहले भी हिमानी ने कई अन्य मीडिया संस्थानों में काम किया है। हिमानी स्मार्टफोन, कंज्यूमर गैजेट्स और AI से जुड़ी खबरों और फीचर्स पर लिखती हैं। लेटेस्ट गैजेट्स को एक्सप्लोर करना, उनकी टेस्टिंग करना और नए ऐप्स पर काम करना उनके काम का अहम हिस्सा है।
शिक्षा के क्षेत्र में हिमानी ने आईपी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी (MJMC) की पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने डिजिटल विद्या (Digital Vidya) से सोशल मीडिया मार्केटिंग का कोर्स भी किया है। एडिटोरियल के अलावा, हिमानी को गूगल एनालिटिक्स और सोशल मीडिया की भी काफी जानकारी है और बतौर सोशल मीडिया मैनेजर भी काम कर चुकी हैं। काम के अलावा उन्हें टेक ट्रेंड्स को समझना और उन्हें कहानियों में ढालना पसंद है, ताकि पाठक बदलती डिजिटल दुनिया से हमेशा अपडेट रह सकें।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




Rose Purple







