जेब में ड्राइविंग लाइसेंस ना हो, तब भी नहीं कटेगा चालान! बस कर लो इतना काम
अगर आपकी जेब में ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, तो अब घबराने की जरूरत नहीं है। डिजिटल इंडिया के दौर में आप अपने स्मार्टफोन में DL की सॉफ्ट कॉपी रखकर चालान से बच सकते हैं। बस आपको DigiLocker या mParivahan ऐप में अपना लाइसेंस ऐड करना होगा।

आज के डिजिटल दौर में आपको हर जगह फाइल्स का ढेर लेकर घूमने की जरूरत नहीं है और जेब में आपका Driving Licence (DL) ना हो, तब भी काम चलेगा। खास बात यह है कि आपका DL भी अब आपके स्मार्टफोन में सेफ रह सकता है। भारत सरकार ने ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए हैं जिनकी मदद से आप अपने ड्राइविंग लाइसेंस की सॉफ्ट कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक पुलिस को तुरंत दिखा सकते हैं।
सबसे अच्छी बात यह है कि ये डिजिटल कॉपी पूरी तरह वैध (valid) मानी जाती है। यानी ट्रैफिक पुलिस चेकिंग के दौरान आप मोबाइल में मौजूद डिजिटल DL दिखा सकते हैं। आइए इसका पूरा तरीका बताते हैं।
DigiLocker के जरिए डाउनलोड करें Driving Licence
DigiLocker भारत सरकार की ऑफीशियल डिजिटल डॉक्यूमेंट वॉलेट सेवा है। यहां से आप अपने ड्राइविंग लाइसेंस की डिजिटल कॉपी सेफ रख सकते हैं। आपको नीचे बताए गए स्टेप्स फॉलो करने होंगे।
- अपने स्मार्टफोन में DigiLocker ऐप डाउनलोड करें (Android या iOS)।
- मोबाइल नंबर से साइन अप करें और OTP से वेरिफिकेशन करें।
- अकाउंट आधार नंबर से लिंक करें (जरूरी है)।
- ‘Search Documents’ या ‘Get Documents’ सेक्शन में जाएं।
- 'Driving Licence' चुनें।
- अपना DL नंबर एंटर करें।
- संबंधित राज्य चुनें।
- आपका लाइसेंस ऑटोमैटिकली फेच होकर आपके अकाउंट में सेव हो जाएगा।
- इसके बाद आप कभी भी ऐप खोलकर DL दिखा सकते हैं।
mParivahan ऐप से भी पा सकते हैं DL की सॉफ्ट कॉपी
mParivahan सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ऑफीशियल ऐप है। यह ऐप वाहन और लाइसेंस से जुड़ी जानकारी दिखाती है। DigiLocker अकाउंट नहीं बनाना तो यह अच्छा विकल्प हो सकता है।
- Google Play Store या Apple App Store से mParivahan ऐप इंस्टॉल करें।
- मोबाइल नंबर से लॉगिन करें।
- 'DL Services' या ‘Add Driving Licence’ ऑप्शन चुनें।
- अपना DL नंबर और जन्मतिथि एंटर करें।
- OTP वेरिफिकेशन पूरा करें।
- आपका डिजिटल DL ऐप में सेव हो जाएगा।
- इस ऐप में QR कोड बेस्ड वेरिफिकेशन भी होता है, जिससे पुलिस तुरंत इसकी असलियत जांच सकती है।
बता दें, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार DigiLocker और mParivahan में उपलब्ध डिजिटल DL पूरी तरह कानूनी रूप से मान्य है। ट्रैफिक पुलिस चेकिंग के दौरान आप इसकी सॉफ्ट कॉपी दिखा सकते हैं।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि केवल लाइसेंस की फोटो या स्क्रीनशॉट मोबाइल में रखना काफी नहीं माना जाता। आपको हमेशा DigiLocker या mParivahan जैसी आधिकारिक ऐप में मौजूद डिजिटल डॉक्यूमेंट ही दिखाना होगा।

लेखक के बारे में
Pranesh Tiwariप्राणेश तिवारी पिछले चार साल से लाइव हिन्दुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर टेक्नोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश, आठ साल से ज्यादा वक्त से साइंस और टेक्नोलॉजी की दुनिया को शब्दों में ढाल रहे हैं। गैजेट्स इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उनकी एक्सपर्टीज हैं, जहां वह मुश्किल टेक्नोलॉजी को सरल और असरदार भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं। लेटेस्ट गैजेट्स रिव्यू करना और नए ऐप्स पर वक्त बिताना उन्हें जॉब का पसंदीदा हिस्सा लगता है।
करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से करने वाले प्राणेश ने न्यूजबाइट्स में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में भी भूमिका निभाई। लॉकडाउन में 'सिर्फ दोस्त: नए जमाने की प्रेम कहानियां' लघुकथा संग्रह भी लिखा। IIMC, नई दिल्ली में PTI अवॉर्ड से सम्मानित प्राणेश ने स्मार्टफोन, AI, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन जैसे विषयों पर गहराई से तथ्यात्मक रिपोर्टिंग की है। काम के अलावा उन्हें लिखना और सफर करना पसंद है, दोनों ही उनके लिए दुनिया को समझने और कहानियों में बदलने का जरिया हैं।
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