iPhone चोरी हो गया तो भी डाटा रहेगा सेफ! Apple का नया अपडेट करेगा चोरों का 'गेम ओवर'

Feb 17, 2026 09:20 pm ISTPranesh Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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Apple के नए iOS 26.4 अपडेट में Stolen Device Protection फीचर डिफॉल्ट रूप से एक्टिव रहेगा, जिससे iPhone चोरी होने पर भी सेंसिटिव डाटा सेफ रहेगा। अब पासकोड जानने के बावजूद चोर Apple ID, पासवर्ड और सुरक्षा सेटिंग्स में तुरंत बदलाव नहीं कर पाएगा।

iPhone चोरी हो गया तो भी डाटा रहेगा सेफ! Apple का नया अपडेट करेगा चोरों का 'गेम ओवर'

अगर आपका iPhone चोरी हो जाए और चोर को आपका पासकोड भी पता चल जाए, तो क्या होगा? इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए Apple ने अपने नए सॉफ्टवेयर अपडेट में सेफ्टी को और मजबूत कर दिया है। कंपनी का लेटेस्ट अपडेट iOS 26.4 एक ऐसा फीचर डिफॉल्ट रूप से चालू कर रहा है, जो चोरी की स्थिति में आपके डाटा और अकाउंट को एक्सट्रा सुरक्षा देता है।

नए फीचर का नाम Stolen Device Protection रखा गया है। पहले यह ऑप्शन यूजर्स को सेटिंग्स में जाकर खुद ऑन करना पड़ता था, लेकिन अब नया अपडेट इसे अपने आप ऐक्टिव कर देगा। इसका सीधा मतलब है कि अब ज्यादा से ज्यादा यूजर्स बिना कुछ किए एक्सट्रा सेफ्टी का फायदा उठा सकेंगे।

पासकोड पता चलने पर भी कोई डर नहीं

ऐपल फीचर खास तौर पर उस सिचुएशन के लिए बनाया गया है, जब कोई चोर आपका फोन और पासकोड दोनों पता कर ले। सामान्य रूप से पासकोड होने पर फोन की कई जरूरी सेटिंग्स बदली जा सकती हैं। हालांकि, अब संवेदनशील जानकारियों- जैसे सेव किए गए पासवर्ड, भुगतान से जुड़ी डिटेल्स और iCloud की जानकारी, तक पहुंचने के लिए केवल पासकोड काफी नहीं होगा। इसके लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, यानी Face ID या Touch ID जरूरी होगा।

यूजर्स को मिलेगा डाटा रिकवरी का टाइम

इतना ही नहीं, अगर कोई चोर आपके Apple ID का पासवर्ड बदलने, फोन का पासकोड रीसेट करने या Find My जैसी जरूरी सेफ्टी फंक्शन को बंद करने की कोशिश करता है, तो सिस्टम तुरंत बदलाव की परमिशन नहीं देगा। ऐसे मामलों में एक सिक्योरिटी डिले (Security Delay) लगाया जाएगा, जो आमतौर पर एक घंटे का होता है। इस दौरान दोबारा बायोमेट्रिक ID की मांग की जाती है। इसका मकसद यह तय करना है कि असली मालिक को फोन रिकवर करने या रिमोट लॉक/डाटा इरेज करने का वक्त मिल सके।

अपडेट खास तौर से उन घटनाओं के बाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिनमें पब्लिक प्लेसेज पर पासकोड देखकर फोन चोरी करने के मामले सामने आए थे। कई मामलों में चोर पहले पासकोड देख लेते थे और फिर फोन छीनकर तुरंत अकाउंट सेटिंग्स बदल देते थे। नए सिक्योरिटी सिस्टम के बाद ऐसा करना काफी मुश्किल हो जाएगा।

Pranesh Tiwari

लेखक के बारे में

Pranesh Tiwari

प्राणेश तिवारी पिछले चार साल से लाइव हिन्दुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर टेक्नोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश, आठ साल से ज्यादा वक्त से साइंस और टेक्नोलॉजी की दुनिया को शब्दों में ढाल रहे हैं। गैजेट्स इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उनकी एक्सपर्टीज हैं, जहां वह मुश्किल टेक्नोलॉजी को सरल और असरदार भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं। लेटेस्ट गैजेट्स रिव्यू करना और नए ऐप्स पर वक्त बिताना उन्हें जॉब का पसंदीदा हिस्सा लगता है।
करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से करने वाले प्राणेश ने न्यूजबाइट्स में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में भी भूमिका निभाई। लॉकडाउन में 'सिर्फ दोस्त: नए जमाने की प्रेम कहानियां' लघुकथा संग्रह भी लिखा। IIMC, नई दिल्ली में PTI अवॉर्ड से सम्मानित प्राणेश ने स्मार्टफोन, AI, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन जैसे विषयों पर गहराई से तथ्यात्मक रिपोर्टिंग की है। काम के अलावा उन्हें लिखना और सफर करना पसंद है, दोनों ही उनके लिए दुनिया को समझने और कहानियों में बदलने का जरिया हैं।

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