बच्चों की जासूसी, लोगों को लत लगाई, डेटा बेचकर कमाएं अरबों रुपये; पॉपुलर OTT प्लेटफॉर्म पर गंभीर आरोप
अगर आप या आपके बच्चे Netflix पर कंटेंट देखते हैं, तो सावधान हो जाइए। नेटफ्लिक्स पर बच्चों की जासूसी करने, चोरी छिपे डेटा इकट्ठा करने और यूजर्स पर नजर रखने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। क्या है पूरा मामला, चलिए डिटेल में बताते हैं सबकुछ…

OTT प्लेटफॉर्म अक्सर अपने बोल्ड कंटेंट को लेकर विवादों में रहते हैं। कई स्ट्रीमिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अलग-अलग वजहों से मुकदमों का सामना कर रहे हैं। लेकिन अब एक पॉपुलर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बच्चों की जासूसी करने का आरोप लगा है। दरअसल, सोमवार को टेक्सास के अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन ने नेटफ्लिक्स पर मुकदमा दायर किया है। उन्होंने कंपनी पर आरोप लगाया है कि वह बच्चों और दूसरे यूजर्स का डेटा उनकी मर्जी के बिना इकट्ठा करके उन पर नजर रखती है, और उसने अपने प्लेटफॉर्म को इस तरह से डिजाइन किया है कि यूजर्स को इसकी लत लग जाए। बता दें कि दुनियाभर में नेटफ्लिक्स के लगभग 325 मिलियन (32.5 करोड़) से ज्यादा पेड सब्सक्राइबर्स हैं, जबकि अकेले भारत में इसके करीब 12-20 मिलियन (1.2-2 करोड़) से ज्यादा पेड सब्सक्राइबर्स हैं। ऐसे में नेटफ्लिक्स यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं...
डेटा बेचकर कंपनी ने कमाए अरबों डॉलर
टाइम्सनाउ की रिपोर्ट के अनुसार, टेक्सास ने कहा कि नेटफ्लिक्स ने उपभोक्ताओं के सामने यह झूठा दावा किया कि उसने सालों तक यूजर डेटा इकट्ठा नहीं किया और न ही उसे किसी के साथ शेयर किया। लेकिन असल में, यह प्लेटफॉर्म लगातार यूजर की पसंद-नापसंद पर नजर रख रहा था, और दर्शकों की आदतों और पसंद को कमर्शियल डेटा ब्रोकर्स और एडवरटाइजिंग टेक्नोलॉजी कंपनियों को बेच रहा था; और तो और, इस डेटा से उसने हर साल अरबों डॉलर कमाए।
कंपनी ने दी यह सफाई
हालांकि, नेटफ्लिक्स इस मामले पर चुप नहीं है। नेटफ्लिक्स के एक प्रवक्ता ने टेक्सास की अदालत में पहले ही एक बयान दिया है। उन्होंने कहा, 'ग्रेट स्टेट ऑफ टेक्सास और अटॉर्नी जनरल Paxton के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए, यह मुकदमा बेबुनियाद है और गलत तथा तोड़-मरोड़कर पेश की गई जानकारी पर आधारित है। नेटफ्लिक्स अपने यूजर्स की प्राइवेसी को गंभीरता से लेता है और जहां भी हम काम करते हैं, वहां प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा कानूनों का पालन करता है।'
नेटफ्लिक्स आप पर नजर रखता है
टेक्सास की शिकायत में नेटफ्लिक्स के सह-संस्थापक और चेयरमैन रीड हेस्टिंग्स के 2020 के बयान को खास तौर पर बताया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था, 'हम कुछ भी इकट्ठा नहीं करते।' कॉलिन काउंटी की एक स्टेट कोर्ट में दायर टेक्सास की शिकायत में यह भी कहा गया है, 'नेटफ्लिक्स का मकसद सीधा और फायदेमंद है: बच्चों और परिवारों को स्क्रीन से चिपकाए रखना, जब वे स्क्रीन पर जमे हों तो उनका डेटा इकट्ठा करना, और फिर उस डेटा से अच्छा-खासा मुनाफा कमाना।' शिकायत में सबसे गंभीर आरोप यह भी है कि, ‘जब आप नेटफ्लिक्स देखते हैं, तो नेटफ्लिक्स आप पर नजर रखता है।’
इस मुकदमे का मुख्य उद्देश्य नेटफ्लिक्स से वह डेटा हटवाना है जिसे उसने गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा किया था, और यह सुनिश्चित करना है कि वह यूजर्स की सहमति के बिना इस डेटा का इस्तेमाल टारगेटेड विज्ञापनों के लिए न करे; साथ ही, प्रत्येक उल्लंघन के लिए उसे $10,000 तक का सिविल जुर्माना भी देना पड़े।
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Arpit Soniअर्पित सोनी को शुरुआत से ही नए-नए गैजेट्स को एक्सप्लोर करने और उन्हें आजमाने का शौक रहा है। अब अर्पित ने अपनी इस हॉबी को ही अपना पेशा बना लिया है। भोपाल के रहने वाले अर्पित को नए-नए गैजेट्स का रिव्यू करना और उनके बारे में लिखना काफी पसंद है। टेक्नोलॉजी, रोबोट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इनसे जुड़ी खबरें लिखना भी इन्हें काफी भाता है। लाइव हिन्दुस्तान में अर्पित पिछले चार साल से बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें करीब 9 साल का अनुभव है। अर्पित ने मीडिया जगत में शुरुआत एक रीजनल चैनल से की थी। इससे बाद उन्होंने नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर की गैजेट्स बीट में काम किया। अर्पित की स्कूलिंग भोपाल से हुई है। उन्होंने कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की है। मीडिया में झुकाव के चलते उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से पोस्ट ग्रेजुएशन करके मीडिया जगत में एंट्री की। मीडिया में इन्हें आठ साल से ज्यादा समय हो चुके हैं और सफर अभी जारी है। गैजेट्स के अलावा, इन्हें नई-नई जगहों पर घूमना और उनके बारे में जानने का भी बहुत शौक है।
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