भारत में फिर अटका मस्क का Starlink प्रोजेक्ट, सुरक्षा चिंताओं के चलते टल सकता है लॉन्च

Arpit Soni लाइव हिन्दुस्तान
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Elon Musk की इंटरनेट सर्विस Starlink को आजमने के लिए भारतीयों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। भारत सरकार इस समय कंपनी में मौजूद आपसी हिस्सेदारी की जांच कर रही है। और यह भी सुनिश्चित कर रही है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कोई खतरा न बन जाए।

भारत में फिर अटका मस्क का Starlink प्रोजेक्ट, सुरक्षा चिंताओं के चलते टल सकता है लॉन्च

अगर आप भी Elon Musk की सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस Starlink का इंतजार बेसब्री से कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए की है। आपको भारत में Starlink के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक रिपोर्ट में सामने आया है कि Starlink India को अपने लॉन्च को लेकर एक और मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। यह कंपनी, जो दुनियाभर के करीब 100 से ज्यादा देशों में काम करती है, उसे भारत में अपनी सर्विस शुरू करने के लिए सरकार से मंजूरी मिलने में दिक्कत हो रही है। अब कंपनी को किन दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, चलिए एक नजर डालते हैं सामने आई डिटेल्स पर...

सरकार हिस्सेदारी की जांच कर रही है

दरअसल, स्टारलिंक की पेरेंट कंपनी SpaceX इस समय चर्चा का मुख्य केंद्र बनी हुई है। भारत सरकार इस समय कंपनी में मौजूद 'क्रॉस-होल्डिंग' (आपसी हिस्सेदारी) की जांच कर रही है। मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए, सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ऐसी स्थितियों में Starlink भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कोई खतरा न बन जाए। दरअसल, मौजूदा नीति के तहत, भारत सैटेलाइट सर्विसेस में 100 प्रतिशत तक FDI की अनुमति देता है, लेकिन ऑटोमैटिक मंजूरी 74 प्रतिशत तक ही सीमित है; इससे ज्यादा हिस्सेदारी के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी होती है। मंजूरी पाने के लिए कंपनियों को क्रॉस-होल्डिंग से जुड़े नियमों का भी पालन करना होगा और उन्हें किसी भारतीय सब्सिडियरी के जरिए ही काम करना होगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा का भी चिंता

ET की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्टारलिंक द्वारा जमा किए गए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के प्रस्ताव को सरकार रोक सकती है या उसे खारिज भी कर सकती है। एक सूत्र ने ईटी को बताया, "मूल कंपनी SpaceX में क्रॉस होल्डिंग और कुछ अन्य तकनीकी मापदंडों को लेकर कुछ सवाल हैं।" मामले से परिचित एक अन्य व्यक्ति ने कहा, "सरकार में इस बात को लेकर चिंता है कि Starlink राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी स्थितियों, जैसे युद्ध या अन्य गंभीर घटनाक्रमों में क्या खतरा पैदा कर सकता है। वे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह आश्वस्त होना चाहते हैं और किसी भी संभावित खतरे को कम करने के लिए नेटवर्क की पूरी तरह से जांच करना चाहते हैं।"

स्टारलिंक को भारत में अभी तक लाइसेंस न मिल पाने की वजह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं हैं। हालांकि, हाल ही में कंपनी के लिए रेगुलेटरी मंजूरियों के मामले में चीजें तेजी से आगे बढ़ती दिख रही थीं, लेकिन अब वे फिर से धीमी पड़ सकती हैं। स्टारलिंक पिछले पांच साल से भी ज्यादा समय से भारत में काम करने के लिए मंजूरी पाने की कोशिश कर रही है, और अब हमें पक्का नहीं पता कि यह मंजूरी असल में कब मिलेगी।

Arpit Soni

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Arpit Soni

अर्पित सोनी को शुरुआत से ही नए-नए गैजेट्स को एक्सप्लोर करने और उन्हें आजमाने का शौक रहा है। अब अर्पित ने अपनी इस हॉबी को ही अपना पेशा बना लिया है। भोपाल के रहने वाले अर्पित को नए-नए गैजेट्स का रिव्यू करना और उनके बारे में लिखना काफी पसंद है। टेक्नोलॉजी, रोबोट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इनसे जुड़ी खबरें लिखना भी इन्हें काफी भाता है। लाइव हिन्दुस्तान में अर्पित पिछले चार साल से बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें करीब 9 साल का अनुभव है। अर्पित ने मीडिया जगत में शुरुआत एक रीजनल चैनल से की थी। इससे बाद उन्होंने नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर की गैजेट्स बीट में काम किया। अर्पित की स्कूलिंग भोपाल से हुई है। उन्होंने कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की है। मीडिया में झुकाव के चलते उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से पोस्ट ग्रेजुएशन करके मीडिया जगत में एंट्री की। मीडिया में इन्हें आठ साल से ज्यादा समय हो चुके हैं और सफर अभी जारी है। गैजेट्स के अलावा, इन्हें नई-नई जगहों पर घूमना और उनके बारे में जानने का भी बहुत शौक है।

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