मेटा में फिर होगी बड़ी छंटनी! हजारों कर्मचारियों को AI प्रोजेक्ट्स में भेजने की तैयारी
मेटा एक बार फिर बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी और रीस्ट्रक्चरिंग की तैयारी में है, जबकि हजारों कर्मचारियों को नए AI प्रोजेक्ट्स में भेजा जाएगा। अन्य कंपनियां भी AI पर अपना फोकस बढ़ा रही हैं।

सोशल मीडिया कंपनी Meta एक बार फिर बड़े स्तर पर रीस्ट्रक्चरिंग और कर्मचारियों की छंटनी को लेकर चर्चा में है। कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिकस कंपनी हजारों कर्मचारियों की नौकरी खत्म करने की तैयारी में है, जबकि करीब 7,000 कर्मचारियों को नए आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रोजेक्ट्स में भेजा जाएगा। यह फैसला ऐसे वक्त सामने आया है, जब दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां तेजी से AI पर दांव लगा रही हैं।
मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग पिछले कुछ वर्षों से AI को कंपनी का भविष्य बता रहे हैं। कंपनी अरबों डॉलर डाटा सेंटर, AI चिप्स, सर्वर नेटवर्क और नई जनरेटिव AI टेक्नोलॉजी पर खर्च कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मेटा अब ऐसी AI आधारित टीमें बनाना चाहती है, जो कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा तेजी से और कम लागत में काम कर सकें।
समाचार एजेंसी Reuters और अन्य रिपोर्ट्स के मुताबिक Meta के इंटरनल डॉक्यूमेंट्स में अप्लाइड AI Engineering, Agent Transformation Accelerator और Enterprise AI Solutions जैसे नए डिवीजन्स का जिक्र किया गया है। इन प्रोजेक्ट्स का मकसद ऐसे AI एजेंट्स तैयार करना है, जो कोडिंग, वर्कफ्लो मैनेजमेंट, एनालिटिक्स और रिपिटेटिव ऑफिस टास्क्स को ऑटोमेट कर सकें। यानी Meta सिर्फ AI chatbot बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि वर्कप्लेस ऑटोमेशन में भी बड़ी भूमिका निभाना चाहती है।
कितने कर्मचारियों पर पड़ेगा असर?
अलग-अलग रिपोर्ट्स में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कंपनी करीब 8,000 कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है, जबकि कुछ में इसे कुल कर्मचारियों का लगभग 10 प्रतिशत बताया गया है। हालांकि मेटा ने अब तक आधिकारिक रूप से सही संख्या की पुष्टि नहीं की है।
साथ ही लगभग 7,000 कर्मचारियों को नए AI प्रोजेक्ट्स और विभागों में भेजने की योजना भी सामने आई है। इसका मतलब यह है कि कंपनी सिर्फ नौकरियां खत्म नहीं कर रही, बल्कि अपने कर्मचारियों को नई तकनीकी जरूरतों के हिसाब से दोबारा व्यवस्थित भी कर रही है।
कर्मचारियों में बढ़ रही चिंता
लगातार छंटनी और पुनर्गठन की खबरों से कर्मचारियों के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कंपनी के अंदर काम करने वाले लोग लगातार बदलती पॉलिसीज और बढ़ती निगरानी को लेकर परेशान हैं। कुछ कर्मचारियों ने AI ट्रेनिंग सॉफ्टवेयर और टूल्स को लेकर प्राइवेसी से जुड़ी चिंताएं भी उठाई हैं।
कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह बदलाव केवल मेटा तक सीमित नहीं है। Microsoft, Google और Amazon जैसी कंपनियां भी AI में भारी निवेश कर रही हैं और ट्रेडिशनल रोल्स को कम कर रही हैं।
लेखक के बारे में
Pranesh Tiwariप्राणेश वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे पिछले चार वर्षों से
टेक्नोलॉजी सेक्शन का अहम हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश के पास पत्रकारिता के
क्षेत्र में आठ वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने पूरे करियर में साइंस और टेक्नोलॉजी की जटिलताओं को आम पाठकों के
लिए सरल, सहज और रोचक भाषा में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया है।
विशेषज्ञता और कार्यशैली
प्राणेश की विशेषज्ञता गैजेट्स, टेक इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषयों में है। वे तकनीकी बारीकियों और
कठिन शब्दावली को इस तरह प्रस्तुत करते हैं कि एक सामान्य पाठक भी तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया को आसानी से समझ सके। लेटेस्ट
गैजेट्स का रिव्यू करना और नए मोबाइल ऐप्स के फीचर्स को आजमाना उनके काम का पसंदीदा हिस्सा है। उनकी लेखन शैली में स्पष्टता,
रिसर्च और कहानी कहने का संतुलन देखने को मिलता है।
अब तक का सफर और उपलब्धियां
प्राणेश ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से की। इसके बाद उन्होंने न्यूजबाइट्स (NewsBytes) में
सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में काम किया, जहां उन्होंने तकनीकी रिपोर्टिंग में अपनी अलग पहचान बनाई। वे भारतीय जनसंचार
संस्थान (IIMC), नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं और अपनी प्रतिभा के लिए प्रतिष्ठित PTI अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं।
लेखन और व्यक्तिगत रुचियां
पत्रकारिता के साथ-साथ प्राणेश एक संवेदनशील और रचनात्मक लेखक भी हैं। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने ‘सिर्फ दोस्त: नए जमाने की
प्रेम कहानियां’ नामक लघुकथा संग्रह लिखा, जिसमें रिश्तों की बारीकियों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है।
उन्हें स्मार्टफोन, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन से जुड़े विषयों पर गहराई से रिसर्च करना और पढ़ना पसंद है। काम के
अलावा, उन्हें यात्रा करना भी बेहद पसंद है। उनके लिए यात्राएं केवल सुकून का जरिया नहीं, बल्कि नए अनुभवों और कहानियों को
खोजने का तरीका हैं।
चाहे वह किसी नए AI टूल की पड़ताल हो या किसी अनदेखी जगह की यात्रा.. प्राणेश का लक्ष्य हमेशा एक बेहतरीन कहानी बुनना ही
होता है।
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