काम की बात: iPhone बन जाएगा ‘डब्बा’ अगर चोरों ने की छीना झपटी, खुद हो जाएगा पूरा लॉक; ऐप्पल का धांसू फीचर

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Phone Snatching का ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा है, लेकिन Apple ने लोगों का डेटा सेफ रखने का एक नया तरीका ढूंढ लिया है। अब जैसे ही आपके आईफोन को झपटमारी का पता चलेगा, वो खुद-ब-खुद लॉक हो जाएगा। कैसे काम करेगा नया फीचर, चलिए बताते हैं..

iPhone बन जाएगा ‘डब्बा’ अगर चोरों ने की छीना झपटी, खुद हो जाएगा पूरा लॉक; ऐप्पल का धांसू फीचर

फोन झपटने (Phone Snatching) की घटनाएं दिनोंदिन बढ़ती जा रही हैं। आए दिन अखबार में इसके दो-तीन मामले पढ़ने को मिल जाते हैं। महंगा आईफोन अगर कोई छीन ले और उस समय उसका लॉक खुला हो, तो चोर फोन में सेव डेटा, पर्सनल फोटो-वीडियो का क्या-क्या कर सकता है, यह किसी डरावने सपने से कम नहीं है। अगर आपका iPhone अनलॉक होने की हालत में चोरी हो जाता है, तो शुरुआती कुछ सेकंड में ही आपका संवेदनशील डेटा खतरे में पड़ सकता है। चोर, मालिक के कुछ कर पाने से पहले ही तेजी से पासवर्ड, बैंकिंग ऐप्स, मैसेज तक पहुंचने की कोशिश कर सकता है, या यहां तक कि ट्रैकिंग फीचर्स को भी बंद कर सकता है। लगता है कि ऐप्पल ने इस समस्या का समाधान ढूंढ निकाला है। खबरों के मुताबिक, ऐप्पल एक नए सिक्योरिटी फीचर पर काम कर रहा है, जो जैसे ही यह पता लगाएगा कि फोन किसी के हाथ से छीन लिया गया है, तो वह iPhone को अपने आप लॉक कर देगा।

चोरी के स्क्रीन अनलॉक रह जाने पर काम करेगा फीचर

9to5Mac के अनुसार, यह फीचर चोरी की एक आम स्थिति के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें फोन तब चोरी हो जाता है जब उसकी स्क्रीन अनलॉक होती है। ऐप्पल के पास पहले से ही एंटी-थेफ्ट प्रोटेक्शन मौजूद हैं, जैसे कि Find My, Activation Lock और Stolen Device Protection; लेकिन अगर चोरी के समय आईफोन पहले से ही अनलॉक हो, तो ये सिस्टम उतने असरदार नहीं रह जाते।

हालांकि, बताया जा रहा है कि यह नया फीचर ठीक इसी समस्या को हल करने के लिए बनाया गया है, यह किसी संभावित छीनने की कोशिश के शुरुआती कुछ पलों में ही तुरंत प्रतिक्रिया देता है। यह आइडिया कुछ हद तक वैसा ही है जैसा ऐप्पल अपने रिटेल स्टोर में डेमो iPhones को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल करता है, जहां अगर डिवाइस को अचानक स्टोर की बिल्डिंग से बाहर जाया जाता है, तो वे अपने-आप लॉक या डिसेबल हो जाते हैं। लेकिन, कहा जा रहा है कि यह नया सिस्टम खास तौर पर असल दुनिया में होने वाली चोरी की उन स्थितियों के लिए डिजाइन किया गया है, जिनमें लोगों के पर्सनल डिवाइस शामिल होते हैं।

कैसे काम करता है यह एंटी-थेफ्ट फीचर

रिपोर्ट के अनुसार, ऐप्पल का सिस्टम यह तय करने के लिए कई अलग-अलग संकेतों पर निर्भर करेगा कि कहीं चोरी तो नहीं हुई है। चोरी हुए iPhone का सबसे बड़ा इंडिकेटर आईफोन का एक्सेलेरोमीटर होने की उम्मीद है, जो अचानक और असामान्य हलचल के पैटर्न का पता लगा सकता है। यदि डिवाइस को कोई ऐसी झटकेदार हलचल महसूस होती है जो किसी के हाथ से फोन छीने जाने जैसी लगती है, तो यह तुरंत फोन को लॉक कर सकता है।

यह सिस्टम आईफोन और उससे जुड़ी ऐप्पल वॉच के बीच की दूरी पर भी नजर रख सकता है। अगर फोन अचानक तेजी से वॉच से दूर चला जाता है, तो ऐप्पल इसे चोरी का एक और संभावित संकेत मान सकता है। इसके अलावा, आईफोन यह भी चेक कर सकता है कि क्या वह किसी भरोसेमंद Wi-Fi नेटवर्क से जुड़ा है या क्या वह किसी जानी-पहचानी जगह, जैसे घर या काम की जगह पर है। अगर ऐसा लगता है कि डिवाइस किसी अनजान जगह पर छीना गया है, तो फोन सिस्टम के संवेदनशील हिस्सों तक पहुंच को लॉक करके ज्यादा सख्ती से जवाब दे सकता है।

कब तक आएगा यह सिक्योरिटी फीचर

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह फीचर संभवतः चोरी हुए डिवाइस से सुरक्षा प्रदान करने वाले फीचर को ही आगे बढ़ाएगा, जिसे Apple ने iOS 17.3 के साथ पेश किया था। यह फीचर वर्तमान में iPhone के परिचित स्थानों से दूर होने पर पासवर्ड बदलने या सेव किए गए क्रेडेंशियल्स तक पहुंचने जैसी कार्रवाइयों के लिए एडिशनल बायोमेट्रिक चेक और सिक्योरिटी डिलेय प्रदान करता है। हालांकि, इन सुरक्षा उपायों के बावजूद, चोरी के तुरंत बाद के कुछ सेकंड यूजर्स को असुरक्षित बना सकते हैं।

ध्यान दें कि ऐप्पल ने अभी तक इस फीचर की आधिकारिक घोषणा नहीं की है और न ही यह बताया है कि यह कब तक आ सकता है। हालांकि, 9to5Mac के अनुसार, कोड के रिफरेंस से पता चलता है कि यह सिस्टम फिलहाल तेजी से डेवलप किया जा रहा है।

एंड्रॉयड यूजर्स के पास भी है ऐसा फीचर

यह आइडिया पूरी तरह से नया नहीं है। गूगल पहले से ही Android डिवाइस पर एक ऐसा ही फीचर देता है, जिसे 'थेफ्ट डिटेक्शन लॉक' कहा जाता है। गूगल का कहना है कि यह टूल AI का इस्तेमाल करके यह पता लगाता है कि अगर कोई फोन छीनकर तेजी से भागता है, साइकिल चलाकर या गाड़ी चलाकर दूर चला जाता है, तो यह अपने-आप डिवाइस की स्क्रीन को लॉक कर देता है, ताकि यूजर का डेटा सुरक्षित रहे।

Arpit Soni

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अर्पित सोनी को शुरुआत से ही नए-नए गैजेट्स को एक्सप्लोर करने और उन्हें आजमाने का शौक रहा है। अब अर्पित ने अपनी इस हॉबी को ही अपना पेशा बना लिया है। भोपाल के रहने वाले अर्पित को नए-नए गैजेट्स का रिव्यू करना और उनके बारे में लिखना काफी पसंद है। टेक्नोलॉजी, रोबोट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इनसे जुड़ी खबरें लिखना भी इन्हें काफी भाता है। लाइव हिन्दुस्तान में अर्पित पिछले चार साल से बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें करीब 9 साल का अनुभव है। अर्पित ने मीडिया जगत में शुरुआत एक रीजनल चैनल से की थी। इससे बाद उन्होंने नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर की गैजेट्स बीट में काम किया। अर्पित की स्कूलिंग भोपाल से हुई है। उन्होंने कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की है। मीडिया में झुकाव के चलते उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से पोस्ट ग्रेजुएशन करके मीडिया जगत में एंट्री की। मीडिया में इन्हें आठ साल से ज्यादा समय हो चुके हैं और सफर अभी जारी है। गैजेट्स के अलावा, इन्हें नई-नई जगहों पर घूमना और उनके बारे में जानने का भी बहुत शौक है।

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