AI समिट में चीनी रोबोट ने कराई किरकिरी! जबकि भारत पहले ही बना चुका है ये रोबो-डॉग्स
भारत में SCORP, Trakr और Svaya Robotics जैसे प्रोजेक्ट्स के साथ रोबोट डॉग्स पर तेजी से काम हो रहा है। ये क्वाड्रुपेड रोबोट भविष्य में रक्षा, सर्विलांस और खतरनाक इंडस्ट्रियल वर्क में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

देश की राजधानी नई दिल्ली में चल रहे AI इम्पैक्ट समिट के दौरान एक रोबोट डॉग दिखा, जिसे भारतीय इनोवेशन बताया गया। बाद में खुलासा हुआ कि यह भारत में विकसित रोबोट नहीं बल्कि चीनी कंपनी Unitree का मॉडल था। इस Unitree Go2 को 'ओरियन' नाम से शोकेस किया जा रहा था। बाद में एक्सपर्ट्स और सोशल मीडिया यूजर्स की ओर से उठे सवालों के बाद इसे एक्सपो से हटा दिया गया है। हालांकि, ऐसा नहीं है कि भारत में खुद के रोबोट डॉग विकसित नहीं किए गए।
भारत में रोबोट डॉग या चार‑पैर वाले रोबोट पर हाल के वर्षों में तेजी से काम हो रहा है। यह तकनीक खासतौर पर रक्षा, इंडस्ट्रियल वर्क और रिसर्च के क्षेत्रों में विकसित की जा रही है। इन रोबोट्स का मकसद इंसानों के लिए खतरनाक या कठिन परिस्थितियों में काम करना आसान बनाना है। आइए आपको भारत में विकसित रोबोट डॉग्स के बारे में बताते हैं।
xTerra Robotics + IIT Kanpur का SCORP
भारत में रोबो-डॉग्स का एक बड़ा उदाहरण है SCORP, जो भारत में xTerra Robotics और IIT कानपुर के सहयोग से डिवेलप किया गया है। यह रोबोट केवल चलने में सक्षम नहीं है, बल्कि इसमें रोबोटिक आर्म भी लगा है, जिससे यह अलग-अलग काम कर सकता है। SCORP का इस्तेमाल खतरनाक वातावरण, सुरक्षा निगरानी और खोज से जुड़े बचाव मिशनों में किया जा सकता है।
Deftech & Addverb- Trakr
Addverb Technologies और Deftech जैसी कंपनियों ने Trakr नाम का quadruped रोबोट डिवेलप किया है। Trakr खास तौर से अलग-अलग तरह के terrain पर payload ले जाने और मुश्किल काम करने के लिए बनाया गया है। इसे Aero India 2025 में भी शोकेस किया गया, और यह भारतीय रक्षा अनुसंधान में एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के तौर पर भी सामने आया।
Hyderabad‑based Svaya Robotics
हैदराबाद के स्टार्टअप Svaya Robotics ने भी DRDO के सहयोग से Quadruped Robot डिवेलप किया है। यह प्रोजेक्ट भारत के ‘Make in India’ मिशन का हिस्सा है और भारतीय टेक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए बनाया गया है। हालांकि इसे बड़े स्तर पर पब्लिकली शोकेस नहीं किया गया है लेकिन यह भारतीय रोबोटिक्स रिसर्च की दिशा में एक बड़ा कदम है।
बताते चलें, कई विश्वविद्यालयों में स्वदेशी रोबोट डॉग का डेमो भी दिखाया गया है। उदाहरण के लिए, IIT कानपुर ने अपने टेक उत्सव Techkriti में रोबोट डॉग का डेमो पेश किया था। इस रोबोट को Muks Robotics ने डिवेलप किया बै और इसके इंटरैक्शन को लेकर वायरल वीडियो भी सामने आ चुके हैं। यह दिखाता है कि भारत में एकेडमिक और स्टार्टअप प्रोजेक्ट्स की मदद से इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।
लेखक के बारे में
Pranesh Tiwariप्राणेश तिवारी पिछले चार साल से लाइव हिन्दुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर टेक्नोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश, आठ साल से ज्यादा वक्त से साइंस और टेक्नोलॉजी की दुनिया को शब्दों में ढाल रहे हैं। गैजेट्स इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उनकी एक्सपर्टीज हैं, जहां वह मुश्किल टेक्नोलॉजी को सरल और असरदार भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं। लेटेस्ट गैजेट्स रिव्यू करना और नए ऐप्स पर वक्त बिताना उन्हें जॉब का पसंदीदा हिस्सा लगता है।
करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से करने वाले प्राणेश ने न्यूजबाइट्स में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में भी भूमिका निभाई। लॉकडाउन में 'सिर्फ दोस्त: नए जमाने की प्रेम कहानियां' लघुकथा संग्रह भी लिखा। IIMC, नई दिल्ली में PTI अवॉर्ड से सम्मानित प्राणेश ने स्मार्टफोन, AI, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन जैसे विषयों पर गहराई से तथ्यात्मक रिपोर्टिंग की है। काम के अलावा उन्हें लिखना और सफर करना पसंद है, दोनों ही उनके लिए दुनिया को समझने और कहानियों में बदलने का जरिया हैं।
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