आपके नाम पर चल रहे हैं कितने SIM कार्ड? दो मिनट में ऐसे पता कर सकते हैं आप

Pranesh Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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अब आप घर बैठे पता लगा सकते हैं कि आपके नाम पर कितने SIM कार्ड एक्टिव हैं। सरकार के Sanchar Saathi Portal की मदद से अनजान नंबर तुरंत बंद भी करा सकते हैं।

आपके नाम पर चल रहे हैं कितने SIM कार्ड? दो मिनट में ऐसे पता कर सकते हैं आप

मोबाइल नंबर अब हमारी डिजिटल पहचान बन चुका है। आजकल बैंक अकाउंट, UPI, सोशल मीडिया, सरकारी योजनाएं और ऑनलाइन सेवाएं, सब कुछ मोबाइल नंबर से जुड़ा हुआ है। ऐसे में अगर आपके नाम पर कोई अनजान SIM कार्ड एक्टिव हो, तो यह गंभीर साइबर रिस्क की वजह बन सकता है।

कई मामलों में देखा गया है कि लोगों के आधार कार्ड या ID से जुड़े डॉक्यूमेंट्स का गलत इस्तेमाल करके उनके नाम पर SIM कार्ड इशू कर दिए जाते हैं। बाद में इन्हीं नंबरों का इस्तेमाल ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉलिंग या साइबर क्राइम के लिए किया जाता है। इस परेशानी से नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए भारत सरकार ने Sanchar Saathi Portal लॉन्च किया है।

क्यों जरूरी है अपने नाम के SIM कार्ड चेक करना?

अक्सर लोग नया नंबर लेने के बाद पुराने SIM को बंद कराना भूल जाते हैं। कई बार फोन खो जाने या डॉक्यूमेंट्स गलत हाथों में पहुंचने के बाद भी नंबर एक्टिव रह जाता है। ऐसी स्थिति में अगर उस नंबर का गलत इस्तेमाल होता है, तो जांच एजेंसियां रिकॉर्ड के आधार पर सीधे उसके पास पहुंचती हैं, जिसके नाम पर SIM रजिस्टर्ड होता है।

यही वजह है कि समय-समय पर यह चेक करना बेहद जरूरी हो गया है कि आपके नाम पर कुल कितने मोबाइल नंबर चल रहे हैं।

आखिर संचार साथी पोर्टल क्या है?

भारत सरकार के Department of Telecommunications (DoT) की ओर से शुरू किया गया संचार साथी पोर्टल आम नागरिकों के लिए डिजिटल सुरक्षा प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य फेक मोबाइल कनेक्शन, साइबर फ्रॉड और पहचान के गलत इस्तेमाल को रोकना है। पोर्टल के जरिए यूजर्स अपने नाम पर इशू सभी मोबाइल कनेक्शन की जानकारी आसानी से जुटा सकते हैं और जरूरत पड़ने पर अनजान नंबर को बंद भी करा सकते हैं।

ऐसे करें अपने नाम पर एक्टिव SIM कार्ड की जांच

सबसे पहले Sanchar Saathi Portal की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। यहां होमपेज पर 'Know Your Mobile Connections' या TAFCOP सेवा का विकल्प मिलेगा।

अब अपना मोबाइल नंबर एंटर करें और OTP के जरिए लॉगिन करें। वेरिफिकेशन पूरा होते ही स्क्रीन पर उन सभी मोबाइल नंबर्स की लिस्ट दिखाई देगी जो आपके नाम पर रजिस्टर्ड हैं। यह प्रोसेस पूरी तरह फ्री है और कुछ मिनटों में पूरा हो जाता है।

अनजान नंबर मिलने पर क्या करें?

अगर लिस्ट में ऐसा कोई नंबर दिखाई देता है जिसे आप इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। पोर्टल पर ही 'Not Required' या 'Report' ऑप्शन चुनकर शिकायत की जा सकती है। इसके बाद संबंधित टेलीकॉम कंपनी जांच करती है और वेरिफिकेशन के बाद नंबर बंद कर दिया जाता है।

बता दें, सरकारी नियमों के हिसाब से भारत में एक व्यक्ति अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन अपने नाम पर जारी करा सकता है। यदि इससे ज्यादा नंबर पाए जाते हैं, तो वे अपने आप निगरानी और जांच के दायरे में आ जाते हैं।

Pranesh Tiwari

लेखक के बारे में

Pranesh Tiwari

प्राणेश वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे पिछले चार वर्षों से टेक्नोलॉजी सेक्शन का अहम हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में आठ वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने पूरे करियर में साइंस और टेक्नोलॉजी की जटिलताओं को आम पाठकों के लिए सरल, सहज और रोचक भाषा में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया है।

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प्राणेश की विशेषज्ञता गैजेट्स, टेक इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषयों में है। वे तकनीकी बारीकियों और कठिन शब्दावली को इस तरह प्रस्तुत करते हैं कि एक सामान्य पाठक भी तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया को आसानी से समझ सके। लेटेस्ट गैजेट्स का रिव्यू करना और नए मोबाइल ऐप्स के फीचर्स को आजमाना उनके काम का पसंदीदा हिस्सा है। उनकी लेखन शैली में स्पष्टता, रिसर्च और कहानी कहने का संतुलन देखने को मिलता है।

अब तक का सफर और उपलब्धियां
प्राणेश ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से की। इसके बाद उन्होंने न्यूजबाइट्स (NewsBytes) में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में काम किया, जहां उन्होंने तकनीकी रिपोर्टिंग में अपनी अलग पहचान बनाई। वे भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं और अपनी प्रतिभा के लिए प्रतिष्ठित PTI अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं।

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पत्रकारिता के साथ-साथ प्राणेश एक संवेदनशील और रचनात्मक लेखक भी हैं। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने ‘सिर्फ दोस्त: नए जमाने की प्रेम कहानियां’ नामक लघुकथा संग्रह लिखा, जिसमें रिश्तों की बारीकियों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है।

उन्हें स्मार्टफोन, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन से जुड़े विषयों पर गहराई से रिसर्च करना और पढ़ना पसंद है। काम के अलावा, उन्हें यात्रा करना भी बेहद पसंद है। उनके लिए यात्राएं केवल सुकून का जरिया नहीं, बल्कि नए अनुभवों और कहानियों को खोजने का तरीका हैं।

चाहे वह किसी नए AI टूल की पड़ताल हो या किसी अनदेखी जगह की यात्रा.. प्राणेश का लक्ष्य हमेशा एक बेहतरीन कहानी बुनना ही होता है।

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