काम की बात: आपके घर का पानी पीने लायक है या नहीं? ये 5 आसान ट्रिक्स बता सकती हैं सच

Pranesh Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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अगर आप RO लगवाने के बारे में सोच रहे हैं और जानना चाहते हैं कि आपके घर में आ रहा पानी पीने लायक है या नहीं, तो कुछ आसान तरीकों से पता किया जा सकता है। आइए आपको इनके बारे में बताते हैं। 

आपके घर का पानी पीने लायक है या नहीं? ये 5 आसान ट्रिक्स बता सकती हैं सच

ज्यादातर लोगों को पता नहीं है कि भारत के अधिकांश इलाकों का पानी पीने लायक नहीं है और साफ नहीं है। ऐसे पानी को बिना RO जैसा ट्रीटमेंट किए पीने से कई गंभीर बीमारियां तक मिल सकती हैं। कई लोगों को लगता है कि पानी साफ दिख रहा है, तो साफ है और पीने लायक भी होगा। अच्छी बात यह है कि आप आसान तरीकों से पता लगा सकते हैं कि आपके घर में आने वाला पानी पीने लायक है या नहीं।

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गंध और स्वाद पर ध्यान दें

पानी को एक साफ ग्लास में लेने के बाद सूंघकर देखें क्योंकि उसमें क्लोरीन, मिट्टी, लोहे या सड़ेपन की हल्की सी गंध आना भी बड़ा संकेत हो सकती है। इसके अलावा पीने पर खारा, कड़वा या मेटल जैसा स्वाद यह भी बताता है कि पानी पीने के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। कई बात इतने से ही पता चल जाता है कि पानी साफ नहीं है।

पारदर्शी बोतल से टेस्ट करें

पानी की शुद्धता जांचने का यह सबसे सीधा और आसान तरीका है। पानी पारदर्शी बोतल में भरकर कुछ वक्त के लिए रख दें। इसके बाद अगर नीचे गंदगी, छोटे कण या धुंधलापन दिखाई देने लगे तो पानी में कुछ अशुद्धियां मौजूद हो सकती हैं। वहीं, अगर पानी साफ है कि तो बोतल में ऐसे कण तैरते हुए या सबसे नीचे तल में बैठे नहीं दिखाई देंगे।

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पानी उबालकर बर्तन देखें

अगर आपके घर में आने वाले पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे तत्व ज्यादा हैं तो इसका पता लगाने की भी एक आसान ट्रिक है। एक स्टील के बर्तन में पानी भरकर उबालें और उसे छोड़ दें। अगर बर्तन में सफेद परत सी जम जाती है तो पानी हार्ड हो सकता है। लंबे समय तय ऐसा पानी पीने सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा पाइपलाइन और टोंटी पर भी सफेद परत जमी दिख सकती है।

TDS मीटर से चेक करें

सबसे आसान और भरोसेमंद तरीकों में से एक TDS मीटर का इस्तेमाल है। यह छोटा सा डिवाइस आप 150 रुपये से भी कम की शुरुआती कीमत पर खरीद सकते हैं। TDS मीटर पानी में घुले पदार्थों की मात्रा बताता है। अगर इसकी रीडिंग बहुत ज्यादा आती है तो उसमें जरूरत से ज्यादा नमक, धातु या दूसरी अशुद्धियां हो सकती हैं। आमतौर पर 50 से 150 तक TDS बहुत अच्छा माना जाता है और 500 TDS तक का पानी पिया जा सकता है।

लैब टेस्ट का भी विकल्प

अगर आप घर के पानी में मौजूद अशुद्धियों और बाकी मिनरल्स की ठीक से जांच करवाना चाहते हैं, तो उसका सैंपल टेस्ट के लिए लैब में भेज सकते हैं। 1000 रुपये के करीब कीमत में कई लैब्स वाटर टेस्ट करती हैं और पता चलता है कि पानी में बैक्टीरिया, आर्सेनिक, फ्लोराइड, आयरन या दूसरे खतरनाक तत्व मौजूद हैं या नहीं। खासकर अगर घर में बार-बार लोग बीमार पड़ रहे हों, तो यह टेस्ट जरूर कराना चाहिए।

Pranesh Tiwari

लेखक के बारे में

Pranesh Tiwari

प्राणेश वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे पिछले चार वर्षों से टेक्नोलॉजी सेक्शन का अहम हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में आठ वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने पूरे करियर में साइंस और टेक्नोलॉजी की जटिलताओं को आम पाठकों के लिए सरल, सहज और रोचक भाषा में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया है।

विशेषज्ञता और कार्यशैली
प्राणेश की विशेषज्ञता गैजेट्स, टेक इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषयों में है। वे तकनीकी बारीकियों और कठिन शब्दावली को इस तरह प्रस्तुत करते हैं कि एक सामान्य पाठक भी तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया को आसानी से समझ सके। लेटेस्ट गैजेट्स का रिव्यू करना और नए मोबाइल ऐप्स के फीचर्स को आजमाना उनके काम का पसंदीदा हिस्सा है। उनकी लेखन शैली में स्पष्टता, रिसर्च और कहानी कहने का संतुलन देखने को मिलता है।

अब तक का सफर और उपलब्धियां
प्राणेश ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से की। इसके बाद उन्होंने न्यूजबाइट्स (NewsBytes) में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में काम किया, जहां उन्होंने तकनीकी रिपोर्टिंग में अपनी अलग पहचान बनाई। वे भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं और अपनी प्रतिभा के लिए प्रतिष्ठित PTI अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं।

लेखन और व्यक्तिगत रुचियां
पत्रकारिता के साथ-साथ प्राणेश एक संवेदनशील और रचनात्मक लेखक भी हैं। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने ‘सिर्फ दोस्त: नए जमाने की प्रेम कहानियां’ नामक लघुकथा संग्रह लिखा, जिसमें रिश्तों की बारीकियों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है।

उन्हें स्मार्टफोन, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन से जुड़े विषयों पर गहराई से रिसर्च करना और पढ़ना पसंद है। काम के अलावा, उन्हें यात्रा करना भी बेहद पसंद है। उनके लिए यात्राएं केवल सुकून का जरिया नहीं, बल्कि नए अनुभवों और कहानियों को खोजने का तरीका हैं।

चाहे वह किसी नए AI टूल की पड़ताल हो या किसी अनदेखी जगह की यात्रा.. प्राणेश का लक्ष्य हमेशा एक बेहतरीन कहानी बुनना ही होता है।

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