'भारत में भरोसे का नाम बना itel, बीते एक दशक में कमाए 15 करोड़ ग्राहक', CEO से खास बातचीत
छोटे शहरों और ग्रामीण भारत की जरूरतों को समझकर itel ने पिछले 10 वर्षों में करोड़ों ग्राहकों का भरोसा जीता है। कंपनी के सफर और स्ट्रेटजी को समझने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ने ब्रैंड के CEO से बात की।

लोकप्रिय स्मार्टफोन और टेक ब्रैंड itel ने भारत में 10 साल पूरे कर लिए हैं और फीचर फोन्स से लेकर स्मार्टफोन्स और एक्सेसरीज था, इसने अपनी अलग पहचान बनाई है। कंपनी ने उन ग्राहकों को केंद्र में रखा जिन्हें अक्सर टेक इंडस्ट्री नजरअंदाज कर देती है। यही वजह है कि आज itel टियर-3, टियर-4 और टियर-5 शहरों के साथ-साथ ग्रामीण भारत में भी एक भरोसेमंद ब्रैंड के तौर पर जगह बना पाता है। कंपनी के सफर और आगे की स्ट्रेटजी के बारे में और जानने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ने CEO अरिजीत तालापात्रा से बात की।
अरिजीत ने कंपनी के सफर को लेकर बताया कि साल 2016 में भारत में कदम रखने के बाद itel ने सबसे पहले यह समझने की कोशिश की कि छोटे शहरों और गांवों के यूजर्स की असल जरूरतें क्या हैं। उनके मुताबिक, लॉन्च से पहले उनकी टीम ग्रामीण इलाकों तक पहुंची, पंचायतों में लोगों से बातचीत की और यह जानना चाहा कि कम कीमत वाले मोबाइल फोन खरीदने वाले ग्राहकों को सबसे ज्यादा दिक्कत किस बात से होती है।
भरोसा जीतने के लिए उठाए बड़े कदम
itel CEO ने बताया कि ग्रामीण और छोटे शहरों के ग्राहकों के लिए 700 रुपये से 1,200 रुपये तक का फीचर फोन भी एक बड़ा निवेश होता है। ऐसे में अगर फोन जल्दी खराब हो जाए तो ग्राहक का भरोसा टूट जाता है। इसे समझते हुए itel ने शुरुआत में 100 दिन की रिप्लेसमेंट पॉलिसी शुरू की। इस पॉलिसी के साथ अगर शुरुआती 100 दिनों में फोन में कोई दिक्कत आती थी तो ग्राहक को उसे रिपेयर करने के बजाय सीधे नया फोन दिया जाता था।
बाद में कंपनी ने कई इलाकों में 'काउंटर रिप्लेसमेंट' मॉडल भी लागू किया, जहां ग्राहक को फोन सर्विस सेंटर भेजने के बजाय सीधे रिटेल स्टोर पर ही नया डिवाइस दिया जा सकता है। छोटे शहरों के यूजर्स के लिए यह सुविधा बड़ी राहत साबित हुई।
दिखावे से ज्यादा काम आने वाले फीचर्स
अरिजीत का मानना है कि ग्रामीण भारत के कंज्यूमर्स दिखावटी फीचर्स से ज्यादा काम आने वाली सुविधाओं को महत्व देते हैं। यही वजह है कि कंपनी ने अपने फीचर फोन और स्मार्टफोन में ऐसे फीचर्स पर जोर दिया जो रोजमर्रा की जिंदगी में उनके काम आएं। उदाहरण के तौर पर, कंपनी ने मजबूत बैटरी, तेज आवाज वाले स्पीकर, टॉर्च, बड़े डिस्प्ले और टिकाऊ बॉडी जैसे फीचर्स को प्राथमिकता दी।
हाल के वर्षों में कंपनी ने '3P Promise' यानी डस्ट प्रोटेक्शन, वाटर प्रोटेक्शन और ड्रॉप प्रोटेक्शन पर भी जोर दिया है। कई डिवाइस मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी के साथ पेश किए जा रहे हैं जिससे धूल, पानी और गिरने जैसी समस्याओं से फोन सेफ रह सके। तालापात्रा बताते हैं कि डिवाइसेज को अफॉर्डेबल रखते हुए ऐसे सुधार किए जा रहे हैं, जो मार्केट में बनाए गए भरोसे को आगे भी बरकरार रख सकें।
IP67 रेटिंग वाला देश का पहला फीचर फोन
कंपनी हाल ही में itel Aqua लेकर आई है, जो IP67 वाटर रेसिस्टेंस ऑफर करने वाला देश का पहला फीचर फोन है। इसके अलावा इसमें AI इनवायरमेंटल नॉइस कैंसिलेशन (ENC) जैसे फीचर्स दिए गए हैं। भारतीय भाषाओं का सपोर्ट और King Voice असिस्टेंट जैसे इनोवेशंस सीधे लोगों की जरूरत से जुड़े हैं और केवल दिखावटी नहीं है।
ऐसे में itel की खासियत यह भी रही कि उसने फीचर फोन को केवल कॉलिंग डिवाइस मानकर नहीं छोड़ा। बल्कि फीचर फोन में सेल्फी कैमरा, SMS पढ़कर सुनाने वाला King Voice फीचर और AI बेस्ड Super Guru Voice Assistant जैसे फीचर्स जोड़े। ऐसे फीचर्स सीधे उन यूजर्स को फायदा पहुंचाते हैं, जो खेतों, फैक्ट्रियों या खुली जगहों पर काम करते हैं।
मजबूत नेटवर्क बना सबसे बड़ी ताकत
किसी भी ब्रैंड के लिए छोटे शहरों में भरोसा बनाना आसान नहीं होता। itel ने इसके लिए मजबूत ऑफलाइन नेटवर्क तैयार किया। कंपनी का दावा है कि आज उसके पास 1.3 लाख से ज्यादा रिटेलर, 1,000 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूटर और 1,200 से ज्यादा सर्विस सेंटर हैं। यही वजह है कि कश्मीर से लेकर अंडमान निकोबार तक कई ऐसे इलाकों में भी itel की मौजूदगी दिखाई देती है जहां बड़े ब्रैंड्स की पहुंच सीमित है।
ग्राहक के लिए यह भरोसे की बात होती है कि जरूरत पड़ने पर सर्विस और सपोर्ट आसानी से मिल जाएगा।
अफॉर्डेबिलिटी और क्वॉलिटी का संतुलन
कंपनी की सफलता की कई वजहों में से एक उसकी ओर से ग्राहकों को मिलने वाली वैल्यू भी है। CEO ने कहा कि भले ही मार्केट में मेमोरी और चिप पर आने वाली लागत बढ़ रही है लेकिन हमारा फोकस फोकस ऐसे स्मार्टफोन और फीचर फोन लॉन्च करने पर है जिन्हें पहली बार मोबाइल खरीदने वाला या कम बजट में वैल्यू फोन तलाश रहा ग्राहक आसानी से खरीद सके। इसके लिए कंपनी लोकल मैन्युफैक्चरिंग, ग्लोबल सप्लाई चेन के साथ एडवांस पर्चेज और लो मार्जिन-हाई सेल्स वॉल्यूम बिजनेस मॉडल पर काम करती है।
अरिजीत ने बताया कि आज भारत में कंपनी के 15 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं। ग्राहकों के लिए itel भरोसे का नाम बन चुका है और इसे बरकरार रखते हुए कंपनी अब होम अप्लायंसेज सेगमेंट में एंट्री कर रही है। जल्द ही ग्राहकों को सोलर प्रोडक्ट्स, एयर प्यूरिफायर और वॉशिंग मशीन जैसे बड़े अप्लायंस भी itel के भरोसे के साथ मिलेंगे और ऑनलाइन मार्केट में भी कंपनी की मौजूदगी तेजी से बढ़ रही है। साफ है कि कंपनी आने वाले वर्षों में खुद को एक फुल-स्केल कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रैंड के तौर पर स्टेबलिश करना चाहती है।
लेखक के बारे में
Pranesh Tiwariप्राणेश वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे पिछले चार वर्षों से
टेक्नोलॉजी सेक्शन का अहम हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश के पास पत्रकारिता के
क्षेत्र में आठ वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने पूरे करियर में साइंस और टेक्नोलॉजी की जटिलताओं को आम पाठकों के
लिए सरल, सहज और रोचक भाषा में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया है।
विशेषज्ञता और कार्यशैली
प्राणेश की विशेषज्ञता गैजेट्स, टेक इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषयों में है। वे तकनीकी बारीकियों और
कठिन शब्दावली को इस तरह प्रस्तुत करते हैं कि एक सामान्य पाठक भी तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया को आसानी से समझ सके। लेटेस्ट
गैजेट्स का रिव्यू करना और नए मोबाइल ऐप्स के फीचर्स को आजमाना उनके काम का पसंदीदा हिस्सा है। उनकी लेखन शैली में स्पष्टता,
रिसर्च और कहानी कहने का संतुलन देखने को मिलता है।
अब तक का सफर और उपलब्धियां
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सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में काम किया, जहां उन्होंने तकनीकी रिपोर्टिंग में अपनी अलग पहचान बनाई। वे भारतीय जनसंचार
संस्थान (IIMC), नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं और अपनी प्रतिभा के लिए प्रतिष्ठित PTI अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं।
लेखन और व्यक्तिगत रुचियां
पत्रकारिता के साथ-साथ प्राणेश एक संवेदनशील और रचनात्मक लेखक भी हैं। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने ‘सिर्फ दोस्त: नए जमाने की
प्रेम कहानियां’ नामक लघुकथा संग्रह लिखा, जिसमें रिश्तों की बारीकियों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है।
उन्हें स्मार्टफोन, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन से जुड़े विषयों पर गहराई से रिसर्च करना और पढ़ना पसंद है। काम के
अलावा, उन्हें यात्रा करना भी बेहद पसंद है। उनके लिए यात्राएं केवल सुकून का जरिया नहीं, बल्कि नए अनुभवों और कहानियों को
खोजने का तरीका हैं।
चाहे वह किसी नए AI टूल की पड़ताल हो या किसी अनदेखी जगह की यात्रा.. प्राणेश का लक्ष्य हमेशा एक बेहतरीन कहानी बुनना ही
होता है।
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