AI की वजह से गई बेटे की जान! इंजीनियर पिता ने खोला ब्लैकमेलिंग का काला सच
उत्तर प्रदेश के आगरा में एक पिता ने बेटे की आत्महत्या के बाद उसके फोन से डाटा रिकवर किया तो बड़ा सच सामने आया। पता चला कि बेटे को AI से मॉर्फ की गईं फोटोज के जरिए ब्लैकमेल किया जा रहा था।

आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टूल्स के गलत इस्तेमाल के ढेरों मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं और एक बार फिर ऐसा ही वाकया उत्तर प्रदेश के आगरा में सामने आया है। यहां एक युवक की आत्महत्या के बाद उसके पिता ने मोबाइल फोन से डाटा रिकवर किया तो ब्लैकमेलिंग का खेल सामने आया और पता चला कि बेटे की जान AI की मदद से मॉर्फ (एडिट) की गईं फोटोज के चलते गई है।
आगरा में रहने वाले 21 साल के बी.कॉम. स्टूडेंट की पिछले साल अक्टूबर में संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी और तब मामला आत्महत्या का बताया गया था। हालांकि, परिवार इसकी वजह नहीं समझ पा रहा था और सबकुछ ठीक होने के बावजूद युवक के आत्महत्या करने की बात किसी के गले नहीं उतर रही थी। इसके अलावा युवक की मौत के बाद उसका फोन पूरी तरह खाली मिला, मानो जानबूझकर सारा डाटा डिलीट किया गया हो।
इंजीनियर पिता ने खुद शुरू की खोजबीन
युवक के पिता मोबाइल इंजीनियर हैं और यही वजह है कि उन्होंने खुद अपने बेटे के फोन का डाटा रिकवर करने का फैसला किया। ढेरों कोशिशों के बाद फोन से डिलीट हुआ डाटा रिकवर हुआ और यहीं से उसकी मौत की असली वजह सामने आई। रिकवर की गईं फाइल्स में कुछ मॉर्फ्ड फोटोज और चैट्स मिलीं, जिनका इस्तेमाल युवक को ब्लैकमेल करने के लिए किया जा रहा है।
जांच में पता चला कि ये फोटोज AI और डिजिटल टूल्स की मदद से बनाई गई हैं और उसे ब्लैकमेल करने वाले WhatsApp पर एक महिला का प्रोफाइल इस्तेमाल कर रहे थे। इस ब्लैकमेलिंग के चलते ही युवक आत्महत्या पर मजबूर हो गया।
बाद में पुलिस जांच में हुआ बड़ा खुलासा
पिता ने जो सबूत जुटाए उनके आधार पर पुलिस ने दोबारा पूरे मामले की जांच की। इसके बाद सामने आई जानकारी से पता चला कि यह एक ऑर्गनाइज्ड साइबर ब्लैकमेल रैकेट से जुड़ा मामला था, जिसके तार उत्तर प्रदेश के बाहर तक फैले हैं। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है और यूजर्स को AI इमेज मॉर्फिंग से जुड़े मामलों में अलर्ट रहने की सलाह दी है।
बता दें, AI टूल्स की मदद से फोटो या वीडियो में दिख रहा चेहरा बदला जा सकता है, जिसे AI मॉर्फिंग कहते हैं। इसका इस्तेमाल कई बार लोगों को ब्लैकमेल करने के लिए भी किया जा रहा है। ऐसी किसी भी ब्लैकमेलिंग जैसी स्थिति में तुरंत पुलिस को रिपोर्ट करें और किसी तरह की रकम का भुगतान धमकाने वाले को ना करें।

लेखक के बारे में
Pranesh Tiwariप्राणेश तिवारी पिछले चार साल से लाइव हिन्दुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर टेक्नोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश, आठ साल से ज्यादा वक्त से साइंस और टेक्नोलॉजी की दुनिया को शब्दों में ढाल रहे हैं। गैजेट्स इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उनकी एक्सपर्टीज हैं, जहां वह मुश्किल टेक्नोलॉजी को सरल और असरदार भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं। लेटेस्ट गैजेट्स रिव्यू करना और नए ऐप्स पर वक्त बिताना उन्हें जॉब का पसंदीदा हिस्सा लगता है।
करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से करने वाले प्राणेश ने न्यूजबाइट्स में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में भी भूमिका निभाई। लॉकडाउन में 'सिर्फ दोस्त: नए जमाने की प्रेम कहानियां' लघुकथा संग्रह भी लिखा। IIMC, नई दिल्ली में PTI अवॉर्ड से सम्मानित प्राणेश ने स्मार्टफोन, AI, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन जैसे विषयों पर गहराई से तथ्यात्मक रिपोर्टिंग की है। काम के अलावा उन्हें लिखना और सफर करना पसंद है, दोनों ही उनके लिए दुनिया को समझने और कहानियों में बदलने का जरिया हैं।
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