सरकार ने बैन किए BAT-BMS समेत 7 चाइनीज ऐप, बीच सड़क पर बंद कर रहे थे ई-रिक्शा, चालाकों को राहत

लाइव हिन्दुस्तान
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सरकार ने ई-रिक्शा को दूर से ही बंद करने वाले करीब 7 ऐप्स को बैन कर दिया है। भारत सरकार ने ऐप्पल ऐप स्टोर और गूगल प्ले स्टोर से इन्हें तुरंत हटाने के लिए दोनों ही प्लेटफॉर्म को नोटिस दिया है। यह कदम ई-रिक्शा को बंद करने वाले प्रैंक वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की सुरक्षा को देखते हुए उठाया है।

BAT-BMS bann in india

चाइनीज ऐप BAT-BMS ने भारत के ई-रिक्शा चालकों को परेशान कर रखा था। अब राहत की बात यह है कि भारत सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ऐप पर बैन लगा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Google Android और Apple iOS को नोटिस जारी कर उनसे कहा है कि वे अपने-अपने ऐप स्टोर से सात ऐप्स हटा दें। इन ऐप्स का कथित तौर पर ई-रिक्शा और अन्य वाहनों की बैटरी बंद करने के लिए गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। सूत्रों ने बताया कि जिन ऐप्स की पहचान की गई है, उनमें BAT-BMS, SMART BMS, Epoch Li-ion और LOSSIGY शामिल हैं। कुछ शरारती लोग इन ऐप्स का इस्तेमाल ई-रिक्शा को बंद करने के लिए कर रहे थे। दरअसल, इन ऐप्स से कोई भी अपने पास से गुजर रहे ई-रिक्शा को चुपके से बंद कर सकता है। सोशल मीडिया पर इसके कई प्रैंक वीडियो तेजी से वायरल हुए। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने इन्हें बैन करने का फैसला लिया है।

वायरल हो रहे थे प्रैंक वीडियो

BAT-BMS ऐप तब जांच के दायरे में आया जब वायरल वीडियो में लोगों को ब्लूटूथ के जरिए पास के ई-रिक्शा से कनेक्ट होकर चलते हुए रिक्शा की पावर काटते हुए देखा गया। इन घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा और कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले कनेक्टेड बैटरी सिस्टम की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, BAT-BMS को शेन्जेन ग्रेनर्जी टेक्नोलॉजी ने ब्लूटूथ-इनेबल्ड लिथियम-आयन बैटरी के लिए एक कंपैनियन ऐप के तौर पर बनाया था।

ऐप से कोई भी बंद कर सकता है ई-रिक्शा

दरअसल, यह ऐप बैटरी मालिकों को वोल्टेज, करंट, तापमान, चार्जिंग साइकिल और बैटरी की सेहत जैसे पैरामीटर पर नजर रखने की सुविधा देता है। इसमें ऐसे कंट्रोल भी होते हैं जिनसे यूजर बैटरी के डिस्चार्ज फंक्शन को चालू या बंद कर सकते हैं। भारत में बिकने वाले कई सस्ते ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर में चीनी बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल होता है। जानकारों का कहना है कि ये सिस्टम अक्सर बिना पासवर्ड सुरक्षा के आते हैं या इनमें फैक्टरी-डिफॉल्ट क्रेडेंशियल का ही इस्तेमाल होता रहता है।

नतीजतन, ब्लूटूथ रेंज (आमतौर पर 10 से 15 मीटर के बीच) में खड़ा कोई भी व्यक्ति मालिक की जानकारी के बिना बैटरी से कनेक्ट हो सकता है और बैटरी को बंद कर सकता है, जिससे रिक्शा बीच सड़क पर चलते-चलते बंद हो जाता है। इसी खामी का फायदा शरारती लोगों ने उठाया और सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड चल पड़ा है। इसमें लोग दूर से ही गुजरते हुए ई-रिक्शा की बैटरी डिस्कनेक्ट कर देते हैं, जिससे गाड़ी अचानक रुक जाती है और ड्राइवर बीच रास्ते में ही फंस जाता है।

सोशल वीडियो पर तेजी से वायरल हो रहे Video

Arpit Soni

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Arpit Soni

अर्पित सोनी को शुरुआत से ही नए-नए गैजेट्स को एक्सप्लोर करने और उन्हें आजमाने का शौक रहा है। अब अर्पित ने अपनी इस हॉबी को ही अपना पेशा बना लिया है। भोपाल के रहने वाले अर्पित को नए-नए गैजेट्स का रिव्यू करना और उनके बारे में लिखना काफी पसंद है। टेक्नोलॉजी, रोबोट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इनसे जुड़ी खबरें लिखना भी इन्हें काफी भाता है। लाइव हिन्दुस्तान में अर्पित पिछले चार साल से बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें करीब 9 साल का अनुभव है। अर्पित ने मीडिया जगत में शुरुआत एक रीजनल चैनल से की थी। इससे बाद उन्होंने नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर की गैजेट्स बीट में काम किया। अर्पित की स्कूलिंग भोपाल से हुई है। उन्होंने कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की है। मीडिया में झुकाव के चलते उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से पोस्ट ग्रेजुएशन करके मीडिया जगत में एंट्री की। मीडिया में इन्हें आठ साल से ज्यादा समय हो चुके हैं और सफर अभी जारी है। गैजेट्स के अलावा, इन्हें नई-नई जगहों पर घूमना और उनके बारे में जानने का भी बहुत शौक है।

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