'बंद करो Bitchat', CJP प्रोटेस्ट के बीच सरकार का आदेश, इससे बिना इंटरनेट बातें कर रहे प्रदर्शनकारी
सरकार ने GitHub से उन सभी रिपॉजिटरीज को हटाने के लिए कहा है जिनमें Bitchat होस्ट किया गया है। खबरों के मुताबिक, मोबाइल इंटरनेट सर्विस बंद होने के बाद प्रदर्शनकारी एक-दूसरे के संपर्क में रहने के लिए इसी ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।

'बंद करो Bitchat', भारत सरकार ने GitHub को यह आदेश दिया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने GitHub से उन सभी रिपॉजिटरीज को हटाने के लिए कहा है जिनमें Bitchat होस्ट किया गया है। बिटचैट, ट्विटर के को-फाउंडर जैक डॉर्सी द्वारा बनाया गया एक ब्लूटूथ मैसेजिंग ऐप है, जो इंटरनेट के बिना बातचीत करने की सुविधा देता है। सरकार ने यह कदम दिल्ली में चल रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध-प्रदर्शन के बीच उठाया गया है। खबरों के मुताबिक, मोबाइल इंटरनेट सर्विस बंद होने के बाद प्रदर्शनकारी एक-दूसरे के संपर्क में रहने के लिए ब्लूटूथ-बेस्ड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।
जैक डॉर्सी ने शेयर किया सरकार का नोटिस
X पर एक पोस्ट में, डॉर्सी ने गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) एजेंसी की ओर से जारी एक नोटिस का स्क्रीनशॉट शेयर किया। इस नोटिस में GitHub को बिटचैट होस्ट करने वाले तीन रिपॉजिटरी को हटाने या उनका एक्सेस बंद करने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि इस ऐप का इस्तेमाल इंटरनेट शटडाउन से बचने, कानूनी निगरानी से बचने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति में गैर-कानूनी सभाओं के आयोजन में मदद के लिए किया जा सकता है।
नोटिस के अनुसार, सरकार ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 की धारा 79(3)(b) और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइन्स एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स, 2021 के नियम 3(1)(d) का इस्तेमाल करते हुए GitHub को निर्देश दिया है कि वह तीन घंटे के अंदर तीन बिटचैट रिपॉजिटरी का एक्सेस बंद कर दे। इनमें मुख्य प्रोजेक्ट रिपॉजिटरी और उसका Android वर्जन भी शामिल हैं।
इस आदेश में बिटचैट को एक ऐसे "कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म" के तौर पर बताया गया है जो मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट कनेक्टिविटी या सेंट्रलाइज्ड सर्वर पर निर्भर हुए बिना, ब्लूटूथ मेश नेटवर्क के जरिए डिसेंट्रलाइज्ड पीयर-टू-पीयर मैसेजिंग की सुविधा देता है। इसमें यह तर्क दिया गया है कि ऐप का आर्किटेक्चर "कानून लागू करने वाली एजेंसियों द्वारा कानूनी तौर पर इंटरसेप्शन, पहचान और जांच की प्रक्रिया में काफी रुकावट डालता है।"
नोटिस में आगे कहा गया है कि "ऐसे डिसेंट्रलाइज्ड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग गैरकानूनी सभाओं, हिंसक विरोध प्रदर्शनों, गलत सूचना के प्रसार, कट्टरपंथ, आपराधिक साजिशों और भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और संज्ञेय अपराधों को सुविधाजनक बनाने के लिए हानिकारक अन्य गतिविधियों के समन्वय के लिए किया जा सकता है।"
डोर्सी द्वारा शेयर किए गए नोटिस से पता चलता है कि सरकार चिंतित है कि मोबाइल नेटवर्क या सेंट्रल सर्वर पर निर्भर रहे बिना लोगों की बातचीत करने की बिटचैट की क्षमता जांच को और अधिक कठिन बना सकती है और यूजर्स को सार्वजनिक-आदेश स्थितियों के दौरान इंटरनेट शटडाउन को बायपास करने की अनुमति दे सकती है।
क्या सीजेपी प्रदर्शनकारी बिटचैट का इस्तेमाल कर रहे थे
डोर्सी द्वारा शेयर किया गया नोटिस दिल्ली में चल रहे सीजेपी विरोध प्रदर्शन के बीच आया है। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सर्विस को बैन किए जाने के बाद भी कुछ प्रदर्शनकारियों ने जुड़े रहने के लिए ब्लूटूथ-आधारित मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल किया।
दिल्ली पुलिस अब कथित तौर पर जांच कर रही है कि क्या मोबाइल इंटरनेट सर्विसेस को बंद करने के बाद सीजेपी विरोध प्रदर्शन के दौरान इस ऐप का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है कि बिटचैट का ही उपयोग किया गया था। रिपोट्स के अनुसार, जांचकर्ता कई तरीकों पर विचार कर रहे हैं, जिसमें जहां संभव हो ऐप प्रोवाइडर से जानकारी मांगना, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करना और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच करना शामिल है।
बिटचैट क्या है?
डोर्सी ने पिछले साल एक ओपन-सोर्स मैसेजिंग ऐप के रूप में बिटचैट को पेश किया था, जिसे मोबाइल नेटवर्क, वाई-फाई, फोन नंबर या सेंट्रलाइज्ड सर्वर के बिना काम करने के लिए डिजाइन किया गया था। इसके बजाय, यह एक मेश नेटवर्क बनाने के लिए ब्लूटूथ लो एनर्जी (BLE) का उपयोग करता है, जिससे ऐप चलाने वाले आस-पास के स्मार्टफोन एन्क्रिप्टेड मैसेज को एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस पर रिले कर सकते हैं।
जैसे-जैसे अधिक यूजर नेटवर्क से जुड़ते हैं, मैसेज टेलीकॉम नेटवर्क या सेंट्रल सर्वर से गुजरे बिना कई डिवाइस पर जाकर दूर तक जा सकते हैं। वॉट्सऐप, सिग्नल और टेलीग्राम जैसे ऐप्स के विपरीत, बिटचैट को यूजर्स को अकाउंट बनाने या इंटरनेट से कनेक्ट करने की आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि यह इसे इंटरनेट आउटेज के दौरान या खराब कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में उपयोगी बनाता है, लेकिन इससे बातचीत का पता लगाना या यूजर का रिकॉर्ड प्राप्त करना भी मुश्किल हो जाता है।


