भारत में 16 साल से कम वालों के लिए बैन होगा सोशल मीडिया? यहां से हो सकती है शुरुआत

Feb 23, 2026 02:18 pm ISTPranesh Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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कर्नाटक सरकार बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर एज-बेस्ड बैन लगाने पर विचार कर रही है। बच्चों में बढ़ती डिजिटल लत और हानिकारक ऑनलाइन कंटेंट को लेकर एक्सपर्ट्स से चर्चा जारी है।

भारत में 16 साल से कम वालों के लिए बैन होगा सोशल मीडिया? यहां से हो सकती है शुरुआत

डिजिटल दौर में जहां स्मार्टफोन और सोशल मीडिया लोगों की रोज की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं, वहीं बच्चों में बढ़ती स्क्रीन की लत को लेकर चिंताओं पर भी चर्चा हो रही है। भारत सरकार विचार कर रही है कि सोशल मीडिया इस्तेमाल करने के लिए न्यूनतम आयु तय की जाए और इसकी शुरुआत कर्नाटक से हो सकती है। कर्नाटक सरकार नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर एज-बेस्ड रिस्ट्रिक्शंस लगा सकती है। इस मुद्दे पर राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने यूनिवर्सिटी हेड्स और एजुकेशन एक्सपर्ट्स के साथ बात शुरू की है, जिससे यह समझा जा सके कि सोशल मीडिया और मोबाइल फोन्स का किशोरों पर क्या असर पड़ रहा है।

सरकार के सामने सबसे बड़ी चिंता बच्चों में बढ़ते डिजिटल एडिक्शन की है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इंटरनेट पर ज्यादा वक्त बिताने से स्टूडेंट्स की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा शारीरिक स्वास्थ्य, क्रिएटिव थिंकिंग और सोशल बिहेवियर पर भी नेगेटिव असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबे समय तक स्क्रीन देखने से बच्चों का फोकस कम हो सकता है और वे असली सोशल कनेक्शंस से दूर हो सकते हैं। दुनियाभर में यह बड़ा मुद्दा बन रहा है और बच्चों को स्क्रीन से दूर रखे जाने की वकालत होती रही है।

ऑनलाइन कंटेंट को लेकर भी चर्चा

पॉलिसी-मेकिंग से जुड़ी चर्चा में हानिकारक ऑनलाइन कंटेंट का मुद्दा भी बड़ा है। ऑफीशियल्स ने इस बात पर चिंता जताई है कि बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग की आदत पड़ सकती है, नशे से जुड़े कंटेंट का उनपर असर पड़ सकता है और गलत कंटेंट तक पहुंच आसान हो सकती है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार अलग-अलग डिपार्टमेंट्स के साथ मिलकर स्थिति का एनालिसिस कर रही है। हालांकि अभी तक कोई आखिरी फैसला नहीं किया गया है, लेकिन लगातार हो रही मीटिंग्स से संकेत मिले हैं कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

अन्य देशों ने भी उठाए हैं ऐसे कदम

राज्य प्रशासन अंतरराष्ट्रीय मामलों का भी उदाहरण ले रहा है और उन्हें स्टडी कर रहा है। Australia जैसे देशों ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग को इस्तेमाल करने के कदम उठाए हैं। कर्नाटक यह समझना चाहता है कि ऐसे नियमों को वहां कैसे लागू किया गया और उनका सकारात्मक असर क्या पड़ा है। बता दें, केंद्र सरकार भी ऐसे ही नियम बनाने पर विचार कर रही है और सोशल मीडिया का इस्तेमाल अवयस्कों के लिए नियंत्रित करना चाहती है।

Pranesh Tiwari

लेखक के बारे में

Pranesh Tiwari

प्राणेश तिवारी पिछले चार साल से लाइव हिन्दुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर टेक्नोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश, आठ साल से ज्यादा वक्त से साइंस और टेक्नोलॉजी की दुनिया को शब्दों में ढाल रहे हैं। गैजेट्स इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उनकी एक्सपर्टीज हैं, जहां वह मुश्किल टेक्नोलॉजी को सरल और असरदार भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं। लेटेस्ट गैजेट्स रिव्यू करना और नए ऐप्स पर वक्त बिताना उन्हें जॉब का पसंदीदा हिस्सा लगता है।
करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से करने वाले प्राणेश ने न्यूजबाइट्स में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में भी भूमिका निभाई। लॉकडाउन में 'सिर्फ दोस्त: नए जमाने की प्रेम कहानियां' लघुकथा संग्रह भी लिखा। IIMC, नई दिल्ली में PTI अवॉर्ड से सम्मानित प्राणेश ने स्मार्टफोन, AI, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन जैसे विषयों पर गहराई से तथ्यात्मक रिपोर्टिंग की है। काम के अलावा उन्हें लिखना और सफर करना पसंद है, दोनों ही उनके लिए दुनिया को समझने और कहानियों में बदलने का जरिया हैं।

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