WhatsApp, Telegram, Signal यूजर्स को सरकार ने दी बड़ी राहत, अब दिसंबर 2026 तक बिना SIM के चलेंगे ये सभी Apps

Himani Gupta लाइव हिन्दुस्तान
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WhatsApp, Telegram और Signal जैसे ऐप्स यूजर्स के लिए खुशखबरी है। दरअसल सरकार ने SIM Binding नियम की डेडलाइन को अब साल के अंत तक बढ़ा दिया है।

WhatsApp, Telegram, Signal यूजर्स को सरकार ने दी बड़ी राहत, अब दिसंबर 2026 तक बिना SIM के चलेंगे ये सभी Apps

डिजिटल फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार लगातार नए नियम लागू कर रही है। इसी कड़ी में सरकार ने मैसेजिंग ऐप्स जैसे WhatsApp, Telegram और Signal के लिए SIM Binding नियम बनाया है। पहले सरकार का इस नियम को 1 मार्च से लागू करने का प्लान था लेकिन दूरसंचार विभाग (DoT) ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को बड़ी राहत दी है। सरकार ने SIM Binding नियम को लागू करने की आखिरी तारीख को अब साल के अंत तक 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी है। दरअसल, इन प्लेटफॉर्म्स ने सरकार को बताया कि इस नियम को लागू करने में उन्हें कई तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए उन्होंने ज्यादा समय मांगा था। इस पर सरकार ने उनकी बात मानते हुए डेडलाइन आगे बढ़ा दी है। मनीकंट्रोल के सूत्रों के मुताबिक, DoT ने 30 मार्च से कंपनियों को अलग-अलग इस फैसले की जानकारी देना शुरू कर दिया था।

सिर्फ मैसेजिंग ऐप्स ही नहीं, बल्कि मोबाइल बनाने वाली कंपनियां और ऑपरेटिंग सिस्टम देने वाली कंपनियां जैसे Google और Apple ने भी इस नियम को लागू करने के लिए ज्यादा समय मांगा था। खासतौर पर Apple ने कहा कि उसके iOS सिस्टम में कुछ तकनीकी सीमाएं हैं, जिनकी वजह से इस नियम को तुरंत लागू करना मुश्किल है। हालांकि, कंपनी इस पर काम कर रही है और समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। इस नियम के तहत अब इन ऐप्स को इस तरह डिजाइन करना होगा कि वे तभी काम करें जब यूजर का रजिस्टर्ड SIM उसी फोन में मौजूद हो। यानी अगर SIM निकाल दिया गया या बदल दिया गया, तो ऐप काम करना बंद कर सकता है।

ऐसे काम करता है यह नियम

SIM Binding नियम को इस तरह तैयार किया गया है कि मैसेजिंग ऐप्स जैसे WhatsApp, Telegram और Signal यूजर के मोबाइल में मौजूद SIM कार्ड से जुड़े रहें। आसानी से समझें तो अगर आपने जिस नंबर से WhatsApp अकाउंट बनाया है, वही SIM आपके फोन में होना चाहिए। अगर SIM हटा दिया गया, बदल दिया गया या बंद हो गया, तो ऐप का एक्सेस सीमित हो सकता है या अकाउंट काम करना बंद कर सकता है। इस नियम का मकसद यह कन्फर्म करना है कि हर अकाउंट किसी असली और एक्टिव मोबाइल नंबर से जुड़ा रहे, जिससे फर्जी अकाउंट्स और साइबर फ्रॉड को रोका जा सके।

जरूरी है यह नियम

दरअसल, इस नियम की जरूरत इसलिए महसूस हुई क्योंकि हाल के समय में ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी WhatsApp अकाउंट और साइबर क्राइम के मामले तेजी से बढ़े हैं। कई लोग बिना एक्टिव SIM के भी मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर लेते हैं, जिससे उनकी पहचान ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में SIM Binding नियम से हर अकाउंट को एक असली मोबाइल नंबर से जोड़ना आसान होगा, जिससे सुरक्षा बढ़ेगी और गलत इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सकेगी।

Himani Gupta

लेखक के बारे में

Himani Gupta

हिमानी गुप्ता लाइव हिन्दुस्तान में गैजेट्स सेक्शन से जुड़ी हुई हैं और 2020 से इस संस्थान का हिस्सा हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें करीब 12 साल का अनुभव है। इससे पहले वह नेटवर्क 18 में गैजेट्स और बिजनेस सेक्शन देखती रही हैं, जहां बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें दो बार बेस्ट परफॉर्मर ऑफ द मंथ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। नेटवर्क 18 से पहले भी हिमानी ने कई अन्य मीडिया संस्थानों में काम किया है। हिमानी स्मार्टफोन, कंज्यूमर गैजेट्स और AI से जुड़ी खबरों और फीचर्स पर लिखती हैं। लेटेस्ट गैजेट्स को एक्सप्लोर करना, उनकी टेस्टिंग करना और नए ऐप्स पर काम करना उनके काम का अहम हिस्सा है।

शिक्षा के क्षेत्र में हिमानी ने आईपी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी (MJMC) की पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने डिजिटल विद्या (Digital Vidya) से सोशल मीडिया मार्केटिंग का कोर्स भी किया है। एडिटोरियल के अलावा, हिमानी को गूगल एनालिटिक्स और सोशल मीडिया की भी काफी जानकारी है और बतौर सोशल मीडिया मैनेजर भी काम कर चुकी हैं। काम के अलावा उन्हें टेक ट्रेंड्स को समझना और उन्हें कहानियों में ढालना पसंद है, ताकि पाठक बदलती डिजिटल दुनिया से हमेशा अपडेट रह सकें।

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