
सरकार ने दी राहत: Sanchar Saathi अब जरूरी नहीं, यूजर कर सकते हैं Uninstall, जानें पूरा मामला
Sanchar Saathi अब अनिवार्य नहीं। Telecom मंत्री Jyotiraditya Scindia ने पुष्टि की कि यूज़र चाहे तो ऐप को कभी भी हटा सकते हैं। जानिए क्या है पूरा मामला, सरकार ने क्या कहा और आपके लिए क्या मतलब है।
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हाल ही में केंद्र सरकार ने एक निर्देश जारी किया था, जिसके मुताबिक हर नया स्मार्टफोन चाहे वो Android हो या iOS सेल से पहले ऐप बनाने वाली कंपनियों को Department of Telecommunications (DoT) द्वारा बनाए गए Sanchar Saathi ऐप को प्री-इंस्टॉल करना था। सरकार का कहना था कि यह ऐप उपयोगकर्ताओं को मोबाइल फ्रॉड, फर्जी IMEI, चोरी हुए फोन, और स्पैम कॉल्स से बचाने का एक साधन है।
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लेकिन जैसे ही यह खबर आई, बहुत से लोगों ने इसे ‘सर्विलांस’ और ‘प्राइवेसी का उल्लंघन’ बताया और आलोचना शुरू हो गई। इसके बाद, मंगलवार 2 दिसंबर 2025 को, केंद्रीय संचार मंत्री Jyotiraditya Scindia ने आम जनता के लिए स्पष्ट किया कि Sanchar Saathi पूरी तरह optional है। यदि कोई यूजर इसे नहीं चाहता तो वह कभी भी ऐप को डिलीट कर सकता है।
Sanchar Saathi क्या है और क्यों लाया गया था
अधिकारियों का कहना है कि फोन चोरी, IMEI क्लोनिंग, स्पैम और फ्रॉड कॉल्स जैसे मामलों को रोकने के लिए यह ऐप जरूरी था। Sanchar Saathi उपयोगकर्ता को यह सुविधा देता है कि वह अपना IMEI चेक कर सके, कोई न भूल जाए हुआ फोन ब्लॉक कर सके, या किसी संदेहित कनेक्शन को रिपोर्ट कर सके।
सरकार ने निर्देश दिया कि सभी नए मोबाइल फोन्स में यह ऐप अनिवार्य रूप से इंस्टॉल होगा। पुराने या स्टॉक में पड़े फोन्स के लिए भी कंपनियों को सॉफ़्टवेयर अपडेट के जरिए ऐप भेजने को कहा गया था।
लेकिन इसके साथ ही बहुतों ने सवाल उठाए: क्या यह “सुरक्षा का नाम पर निगरानी” नहीं है? निजी डेटा, कॉल लॉग, SMS, कैमरा, लोकेशन समेत फोन की हर जानकारी खुले हाथों में देने जैसा तो नहीं हो जाएगा?
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विवाद और प्राइवेसी की चिंताएं
Apple, Samsung, Xiaomi जैसे ब्रांड्स ने भी इस आदेश पर संशय जताया; Apple ने कहा कि उनकी पॉलिसी ऐसी pre-install को माइनेज नहीं करती।
सरकार का रुख बदला क्यों कहा गया Optional?
टेलिकॉम मंत्री Scindia ने सोमवार की रात दिए गए संकेतों और आलोचना के बीच स्पष्ट किया कि Sanchar Saathi ऐप पूरी तरह वैकल्पिक है। अगर आप नहीं चाहते तो उसे अपने फोन से पूरी तरह हटा सकते हैं। “हमें सिर्फ यह ऐप हर फोन में देना है, पर इस्तेमाल या न करना आपका चुनाव है,” उन्होंने कहा।
उनका कहना है कि यह ऐप उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और फ्रॉड रोकने के लिए है न कि कॉल मॉनिटरिंग या निजी जानकारी निगरानी के लिए।
केंद्रीय मंत्रालय ने कहा कि उन्हें हर फोन यूजर तक यह सुरक्षा टूल पहुंचाना था; लेकिन उसका इस्तेमाल करना या रखना/हटाना पूरी तरह से यूजर की मर्जी है।

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