Google से गुस्सा हुए यूजर्स, दी सब्सक्रिप्शन कैंसिल करने की धमकी, इस कारण मचा बवाल

Arpit Soni मिंट
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Google एक तरफ अपने I/O 2026 इवेंट को लेकर सुर्खियों में है, लेकिन दूसरी तरफ, गूगल को यूजर्स से भारी विरोध झेलना पड़ रहा है। दरअसल, गूगल ने चुपके से अपने सब्सक्रिप्शन प्लान को यूज करने की लिमिट तय तक दी है। चलिए डिटेल में बताते हैं क्या हू पूरा मामला…

Google से गुस्सा हुए यूजर्स, दी सब्सक्रिप्शन कैंसिल करने की धमकी, इस कारण मचा बवाल

गूगल ने सोमवार को हुए अपने I/O 2026 डेवलपर कॉन्फ्रेंस में कई बड़े AI अपडेट्स पेश किए, जिनमें जेमिनी स्पार्क एजेंट प्लेटफॉर्म, एंटीग्रैविटी 2.0, जेमिनी ओमनी वर्ल्ड मॉडल और जेमिनी 3.5 फ्लैश वगैरह शामिल हैं। लेकिन दूसरी तरफ, गूगल ने अपने कई यूजर्स को नाराज कर दिया है। मामला गूगल के AI प्लान्स से जुड़ा हुआ है, जिसमें कंपनी ने चुपके से फेरबदल कर दिया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने चुपचाप अपने गूगल AI प्लान्स में बदलाव कर दिए हैं, जिसमें टॉप-एंड AI अल्ट्रा प्लान पर $50 का डिस्काउंट मिल रहा है और अब यह $200 से शुरू हो रहा है, जबकि एक नया गूगल AI अल्ट्रा टियर $100 प्रति महीने पर लाया गया है। गूगल ने चुपचाप एक और बदलाव किया है, वह है अपने AI प्रो सब्सक्रिप्शन की लिमिट्स कम करना, जो इत्तेफाक से अभी जियो सिम कार्ड वाले कई भारतीय यूजर्स के लिए फ्री में उपलब्ध है। गूगल AI प्रो प्लान में हुए नए बदलाव सोशल मीडिया यूजर्स को परेशान कर रहे हैं, और नेटिजन्स रेडिट जैसे प्लेटफॉर्म्स पर अपना गुस्सा दिखा रहे हैं।

Google ने चुपके से AI Pro प्लान की शर्तें बदल दीं

एंड्रॉयड अथॉरिटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल ने AI Pro सब्सक्राइबर्स को ईमेल भेजकर प्लान में किए जा रहे बदलावों के बारे में बताना शुरू कर दिया है। ऐसा लगता है कि गूगल ने Anthropic के तरीके से एक नया पांच घंटे का रोलिंग विंडो सिस्टम शुरू किया है। इसका मतलब है कि एक बार जब यूजर्स अपना कंप्यूट कोटा खत्म कर देते हैं, तो उन्हें रिफ्रेश होने के लिए पांच घंटे के साइकिल का इंतजार करना पड़ता है।

गूगल ने लिखा "जेमिनी ऐप के लिए, हम कंप्यूट-बेस्ड यूसेज लिमिट ला रहे हैं, जिसमें आपके प्रॉम्प्ट की कॉम्प्लेक्सिटी, आपके इस्तेमाल किए जाने वाले फीचर्स और आपकी चैट की लंबाई शामिल है। आपकी लिमिट हर पांच घंटे में रिफ्रेश होगी, जब तक आप अपनी वीकली लिमिट तक नहीं पहुंच जाते।"

एंड्रॉयड अथॉरिटी के मुताबिक, गूगल के भेजे गए ईमेल में कहा गया है कि AI प्रो सब्सक्राइबर को फ्री यूजर्स के मुकाबले "चार गुना ज्यादा" लिमिट मिलेगी, लेकिन गूगल ने टोकन या प्रॉम्प्ट की सही गिनती नहीं बताई है।

google quietly reducing usage limits

Google के AI Pro प्लान में बदलावों से इंटरनेट यूजर्स निराश

Google AI Pro प्लान में बदलाव लागू होने के तुरंत बाद, रेडिट पर परेशान यूजर्स की शिकायतें आने लगीं, जिनमें से कई ने तो विरोध में अपना सब्सक्रिप्शन कैंसिल करने की धमकी भी दी।

एक यूजर ने लिखा "उन्होंने इस बड़े कॉन्ट्रैक्ट बदलाव के बारे में एक ईमेल भेजने की भी जहमत नहीं उठाई।" "आज मैंने अपनी पूरी 5 घंटे की लिमिट का 50% हिस्सा, सिर्फ 5 पोस्ट के एक ही जवाब में ही खत्म कर दिया। मैं AI को मोबाइल गेम के एनर्जी मीटर की तरह इस्तेमाल नहीं करने वाला, और मैं पक्का हर पांच मिनट में एक नई चैट शुरू नहीं करने वाला, सिर्फ इसलिए ताकि लंबी थ्रेड्स पर लगने वाले भारी कंप्यूट टैक्स से बचा जा सके।"

एक और सब्सक्राइबर ने हैरानी जताई कि उनकी लिमिट्स इतनी तेजी से कैसे खत्म हो गईं: "ठीक 4 प्रॉम्प्ट्स में ही मेरा 5 घंटे का कोटा खत्म हो गया। ये थे PDF बनाना, इमेज बनाना और कोड समझाना, ये सभी Pro मॉडल पर किए गए थे। रीसेट के बाद मिले दूसरे कोटे में, एक फेल हुई जेनरेशन भी गिन ली गई (असल में, बस एक मैसेज आया था कि मॉडल पर ज्यादा लोड है और बाद में फिर से कोशिश करें)। ऐसा कई बार हुआ, और हर बार उसे कोटे में ही गिना गया।"

कई अन्य यूजर्स भी पांच घंटे की यूसेज लिमिट से निराश थे

एक यूजर ने लिखा "कम से कम वे रोज का एक कोटा तो तय कर ही सकते थे, यार। हर 5 घंटे में ही क्यों??" "मैं सोते समय या दिन के कुछ हिस्सों में जेमिनी इस्तेमाल नहीं करता... ऐसा लगता है कि वे Anthropic की नकल करने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें लगता है कि वे ऐसा करके बच निकलेंगे।"

रेडिट पर अन्य यूजर्स ने भी शिकायत की कि मीडिया जनरेशन के असफल होने पर भी, उसे AI Pro कोटा के इस्तेमाल में गिना जाता है। कुछ यूजर्स ने तो यह भी दावा किया कि मॉडल प्रेफरेंस में "Pro" चुनने के बावजूद, उन्हें Pro मॉडल से हटाकर Flash वर्जन पर स्विच कर दिया गया।

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अर्पित सोनी को शुरुआत से ही नए-नए गैजेट्स को एक्सप्लोर करने और उन्हें आजमाने का शौक रहा है। अब अर्पित ने अपनी इस हॉबी को ही अपना पेशा बना लिया है। भोपाल के रहने वाले अर्पित को नए-नए गैजेट्स का रिव्यू करना और उनके बारे में लिखना काफी पसंद है। टेक्नोलॉजी, रोबोट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इनसे जुड़ी खबरें लिखना भी इन्हें काफी भाता है। लाइव हिन्दुस्तान में अर्पित पिछले चार साल से बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें करीब 9 साल का अनुभव है। अर्पित ने मीडिया जगत में शुरुआत एक रीजनल चैनल से की थी। इससे बाद उन्होंने नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर की गैजेट्स बीट में काम किया। अर्पित की स्कूलिंग भोपाल से हुई है। उन्होंने कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की है। मीडिया में झुकाव के चलते उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से पोस्ट ग्रेजुएशन करके मीडिया जगत में एंट्री की। मीडिया में इन्हें आठ साल से ज्यादा समय हो चुके हैं और सफर अभी जारी है। गैजेट्स के अलावा, इन्हें नई-नई जगहों पर घूमना और उनके बारे में जानने का भी बहुत शौक है।

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