Hindi Newsगैजेट्स न्यूज़Google is offering rewards worth 26 lakh rupees for finding bugs in its AI services
₹26 लाख के इनाम दे रहा है Google, मौजूदा प्रोडक्ट्स में खामियां खोजने पर मौका

₹26 लाख के इनाम दे रहा है Google, मौजूदा प्रोडक्ट्स में खामियां खोजने पर मौका

संक्षेप:

टेक कंपनी Google की ओर से खास प्रोग्राम चलाया जाता है जिसमें एथिकल हैकर्स को रिवॉर्ड्स दिए जाते हैं। अब कंपनी AI फीचर्स पर फोकस कर रहा एक प्रोग्राम लाई है, जो 26 लाख रुपये तक के इनाम देगा। 

Tue, 7 Oct 2025 08:44 PMPranesh Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक Google ने अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोडक्ट्स को और सुरक्षित बनाने के लिए नया AI Bug Bounty Program शुरू किया है। इस प्रोग्राम में कंपनी ऐसे लोगों को प्रोत्साहित कर रही है, जो उसके AI टूल्स में किसी कमजोरी या खतरे का पता लगा सकें। बता दें, यह Google के पुराने Vulnerability Reward Program का ही हिस्सा है, लेकिन इस बार फोकस पूरी तरह AI सुरक्षा पर है।

Google के AI प्रोडक्ट्स पर फोकस

प्रोग्राम में Google Search, Gemini Apps, Gmail, Drive और Workspace जैसे प्रोडक्ट्स शामिल हैं। अगर कोई रिसर्चर या एथिकल हैकर इन सेवाओं में ऐसा बग ढूंढ लेता है जो यूजर्स के लिए खतरा बन सकता है, तो Google उसे इनाम के तौर पर 30,000 डॉलर यानी करीब 26.6 लाख रुपये तक दे सकता है।

ये भी पढ़ें:₹20 हजार से कम में 55 इंच का Google TV, सेल की इस डील से चूके तो पछताएंगे

रिवॉर्ड की वैल्यू बग की गंभीरता के हिसाब से तय होगी। हाई-रिस्क बग्स के लिए 20,000 डॉलर तक और अगर रिपोर्ट बहुत खास है तो बोनस के साथ 30,000 डॉलर तक मिल सकते हैं। छोटे टूल्स जैसे NotebookLM या Jules में बग मिलने पर भी अच्छे रिवॉर्ड्स दिए जाएंगे।

कौन से बग्स पर इनाम मिलेगा?

Google ने साफ किया है कि उसे उन बग्स की तलाश है जो रियल वर्ल्ड यूजेस में नुकसान पहुंचा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई हैकर Google Home को ट्रिक करके स्मार्ट डोर ओपेन कर दे, या Gmail को धोखे से किसी की ईमेल्स समरी तीसरे यूजर को भेजने के लिए कहा जाए तो ये खतरनाक बग माने जाएंगे। हालांकि, सिर्फ Gemini या किसी दूसरे AI मॉडल के गलत जवाब देने यानी hallucination को बग नहीं माना जाएगा।

ये भी पढ़ें:₹20 हजार से कम में बेस्ट टैबलेट डील्स, Samsung और OnePlus सब लिस्ट में शामिल

AI अब सुरक्षा में भी मदद करेगा

Google ने इस प्रोग्राम के साथ CodeMender नाम का एक AI टूल भी लॉन्च किया है। यह टूल ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर में मौजूद सुरक्षा खामियों को खुद पहचानकर उन्हें ठीक करने में मदद करता है। अब तक CodeMender 70 से ज्यादा दिक्कतों को सुलझा चुका है, जिन्हें ह्यूमन एक्सपर्ट्स ने भी जांचा और सही पाया है।

Pranesh Tiwari

लेखक के बारे में

Pranesh Tiwari
खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार बताने वाले प्राणेश 7 साल से ज्यादा वक्त से विज्ञान और तकनीक के बारे में लिख रहे हैं। IIMC, नई दिल्ली में PTI अवॉर्ड पाने वाले प्राणेश ने करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से की और न्यूजबाइट्स में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम किया। लाइव हिन्दुस्तान में वह चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर लेटेस्ट टेक ट्रेंड्स और गैजेट्स की जानकारी देते हैं। उन्हें लिखना और सफर करना अच्छा लगता है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।